खेल की दुनिया में भारत ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। गुजरात के ऐतिहासिक और वाइब्रेंट शहर अहमदाबाद में शुक्रवार को वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 का भव्य आगाज हो गया। खेल प्रेमियों और देश के लिए यह पल बेहद गौरवशाली है, क्योंकि दुनिया भर के दिग्गज तीरंदाज इस महामुकाबले में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए मैदान पर उतर चुके हैं। प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन देश के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का महाकुंभ: 19 देशों के 108 धुरंधर यह प्रतियोगिता महज़ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय भाईचारे और अदम्य इच्छाशक्ति का एक अनूठा संगम है। पांच दिवसीय इस प्रतिष्ठित आयोजन (5 से 9 सितंबर 2026) में कुल 19 देशों के 108 पैरा तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। खेल के इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए भूटान, ब्रिटेन, चीन, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया और संयुक्त राज्य अमेरिका समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों के खिलाड़ी अहमदाबाद की धरती पर पहुंच चुके हैं। इन खिलाड़ियों का उत्साह और आंखों में चमक साफ बयां कर रही है कि मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना के साथ भव्य स्वागत
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का जिक्र करते हुए सभी विदेशी मेहमानों और खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि भारत की सभ्यता की मूल नींव हमेशा से 'वसुधैव कुटुंबकम' के महान मंत्र पर टिकी रही है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया ही हमारा एक परिवार है।
अमित शाह ने विश्वास जताया कि यह प्रतियोगिता न सिर्फ विदेशी मेहमानों बल्कि खुद अहमदाबाद और वहां के नागरिकों के लिए भी एक कभी न भूलने वाला यादगार अनुभव साबित होगी। उन्होंने भविष्य की रूपरेखा रखते हुए यह उम्मीद भी जताई कि आने वाले कुछ ही वर्षों में अहमदाबाद, पूरा गुजरात और संपूर्ण भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर सबसे बड़े और चमकते हुए केंद्रों के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएंगे।
खेल बुनियादी ढांचे (Sports Infrastructure) का ग्लोबल हब बन रहा भारत
देश में खेलों के भविष्य और सुविधाओं पर बात करते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि अहमदाबाद में जिस स्तर की खेल सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, वे पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) पर खरी उतरती हैं। इन अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ केवल हमारे देश के युवा खिलाड़ियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि दुनिया के अन्य कोनों से आने वाले एथलीट भी इनका भरपूर उपयोग कर सकेंगे।
भविष्य की बड़ी योजनाएं और फोकस क्षेत्र
- भारत को केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर खेल उपकरणों के निर्माण का भी सिरमौर बनाना।
- स्पोर्ट्स इंजीनियरिंग और खेल चिकित्सा (Sports Medicine) के आधुनिक क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रगति करना।
- प्रशिक्षण केंद्रों में कोचिंग के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुकूल ढालना ताकि वे ग्लोबल हब बन सकें।
शाह ने कहा कि हमारी सोच सिर्फ सीमित दायरे में काम करने की नहीं है, बल्कि हम खेल विज्ञान, इंजीनियरिंग और चिकित्सा के क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाना चाहते हैं।
जीत की जिजीविषा और मानसिक दृढ़ता का खेल
तीरंदाजी एक ऐसा खेल है जो शारीरिक ताकत से ज्यादा मानसिक संतुलन, फोकस और धैर्य की कड़ी परीक्षा लेता है। इसी का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी सिर्फ नियमित अभ्यास, खेल के मैदान पर बहाए गए पसीने या बेहतरीन कोचिंग के दम पर ही चैंपियन नहीं बन सकता है। एक महान चैंपियन बनने के लिए खिलाड़ी के भीतर जीतने की अटूट इच्छा (Will to Win) और फौलादी मानसिक दृढ़ता होना सबसे अनिवार्य शर्त है।
उन्होंने वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज को तीरंदाजों की एकाग्रता और धैर्य की सबसे बड़ी कसौटी करार दिया। उनके मुताबिक, इस तरह की प्रतियोगिताएं खेल जगत में उत्कृष्टता और अनुशासन के नए और ऊंचे मानक स्थापित करती हैं।
सिर्फ पदकों की दौड़ नहीं, समग्र खेल संस्कृति का निर्माण
भारतीय खेल नीति के विजन को स्पष्ट करते हुए उन्होंने देश के खेल प्रेमियों को यह संदेश दिया कि हमारा मुख्य लक्ष्य केवल ज्यादा से ज्यादा मेडल अपनी झोली में डालना भर नहीं होना चाहिए। देश का असली उद्देश्य ओलंपिक, एशियाई खेल (Asian Games), राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) और अन्य तमाम बड़ी वैश्विक प्रतियोगिताओं में शामिल हर एक खेल विधा को अंदर से मजबूत करना होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में एक मजबूत, समावेशी और व्यापक खेल व्यवस्था आकार ले रही है। वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज का आयोजन भी इसी बड़ी दिशा में उठाया गया एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में देश के पैरा-एथलीटों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाएगा।
अहमदाबाद बना देश का नया खेल कैपिटल
पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से अहमदाबाद ने बड़े पैमाने पर खेल आयोजनों की मेजबानी की है, उससे यह शहर देश की स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में तेजी से उभर रहा है। सुरक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेहमाननवाजी के मामले में इस शहर ने वैश्विक स्तर पर एक मिसाल कायम की है। आगामी 9 सितंबर तक चलने वाले इस महामुकाबले में कौन सा तीरंदाज अपने सटीक निशाने से सोने का तमगा जीतेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। लेकिन इन सबसे ऊपर, यह आयोजन खेल और इंसानी जज्बे की उस जीत का जश्न है जो असंभव को भी संभव बना देती है।