महिला पहलवानों के आरोपों से घिरे भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिल गई है। अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद अब इस पूरे मामले ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
फैसला आते ही बृजभूषण सिंह के बेटे और कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद करण भूषण सिंह ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा प्रहार किया है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सीधा सवाल दागा कि जो लोग कल तक बिना सबूत के फांसी की मांग कर रहे थे, क्या वे अब माफी मांगेंगे?
'क्या प्रियंका गांधी जंतर-मंतर जाकर माफी मांगेंगी?'
करण भूषण सिंह ने प्रियंका गांधी के पुराने रुख को याद दिलाते हुए कहा कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवान धरना दे रहे थे, तब कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक रोटियां सेकने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
blockquote>"प्रियंका गांधी जी ने जंतर-मंतर पर खड़े होकर मेरे पिता के लिए फांसी की मांग की थी। आज जब न्यायपालिका ने सच सामने ला दिया है, तो क्या वह फिर से जंतर-मंतर जाकर देश और हमारे परिवार से माफी मांगेंगी? जो बिना किसी जांच-पड़ताल के आरोप लगाए गए, उसकी वजह से हमारे परिवार को जो मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?"
- करण भूषण सिंह, बीजेपी सांसद
सत्य और कैसरगंज की जनता की जीत
कोर्ट के फैसले को 'सत्य की विजय' बताते हुए करण भूषण ने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनके परिवार की राहत नहीं है, बल्कि यह देश के युवा पहलवानों और कैसरगंज की जनता का भरोसा है जो कभी डगमगाया नहीं था। उन्होंने कहा:
- विपरीत समय में साथ: मुश्किल दौर में जिन लोगों ने परिवार पर विश्वास जताया, उनका धन्यवाद।
- राजनीतिक षड्यंत्र का पर्दाफाश: विपक्षी पार्टियों ने महिला सुरक्षा के नाम पर घटिया राजनीति की।
- अदालत पर भरोसा: देश की न्याय व्यवस्था ने साबित कर दिया कि सच को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।
बृजभूषण सिंह की पहली प्रतिक्रिया: 'मैं कभी अपराधी महसूस नहीं हुआ'
राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने 18 जनवरी 2023 के अपने उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उन पर एक भी आरोप साबित होता है, तो वह खुद फांसी पर लटक जाएंगे।
बृजभूषण सिंह ने कहा, "मैं लगभग तीन साल से इस संघर्ष को झेल रहा था। 15-16 साल की उम्र से ही मैंने हमेशा कमजोरों और हक के लिए लड़ने वालों का साथ दिया है। मुझे अपनी बेगुनाही पर पूरा भरोसा था और आज कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर को बरी करके यह साबित कर दिया।"
क्या था पूरा विवाद?
बता दें कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया समेत कई प्रमुख पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन को प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का खुला समर्थन मिला था। अब अदालत के फैसले के बाद भाजपा हमलावर मूड में है और विपक्ष से जवाब मांग रही है।