बॉलीवुड के 'नंबर वन' हीरो गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की पर्सनल लाइफ इन दिनों गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सबसे गर्म हब्बन बनी हुई है। फैंस के मन में लगातार ये सवाल उठ रहा था कि आखिर दशकों पुरानी इस शादी को अचानक किसकी नजर लग गई है। लेकिन अब इस पूरे मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जी हां, सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक की अपनी याचिका को आखिरकार वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद से ही इंडस्ट्री में राहत की सांस ली जा रही है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम पर गोविंदा के मैनेजर का तीखा बयान भी सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
दो-तीन साल से चल रहा था अंदरूनी विवाद
मिली जानकारी और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, गोविंदा और सुनीता के बीच का ये मनमुटाव कोई रातों-रात पैदा हुआ विवाद नहीं था। ये मामला पिछले दो-तीन सालों से अंदर ही अंदर सुलग रहा था। रिपोर्ट्स की मानें तो तलाक की अर्जी भी काफी समय पहले फाइल कर दी गई थी। हालांकि, दोनों ने अपनी पर्सनल लाइफ को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन बात जब कोर्ट तक पहुंची, तो यह लाइमलाइट में आ ही गई।
सुनीता आहूजा के इस कदम ने भले ही उनके चाहने वालों को थोड़ी राहत दी हो, लेकिन इस पर गोविंदा के खेमे की प्रतिक्रिया काफी सख्त और दो टूक रही है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले पर अभिनेता के करीबी लोगों का क्या कहना है।
'घर की इज्जत बाजार में नहीं लानी चाहिए थी'- मैनेजर शशि सिन्हा का फूटा गुस्सा
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सुनीता आहूजा के फैसले का तो स्वागत किया, लेकिन साथ ही इस बात पर गहरी नाराजगी भी जताई कि इस पारिवारिक मामले को इस तरह सार्वजनिक क्यों किया गया।
"हाँ, यह खबर बिल्कुल सही है और मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ। भले ही यह फैसला थोड़ा देर से आया, लेकिन अक्ल तो आई। हालांकि, इतनी बेइज्जती कराकर, घर की इज्जत को बाजार में और सड़क पर लाकर खड़ा करने की क्या जरूरत थी? परिवार के लोगों को अपनी बातें बैठकर आपस में सुलझानी चाहिए थीं न कि तमाशा बनाना चाहिए था।"
— शशि सिन्हा (गोविंदा के मैनेजर)
शशि सिन्हा ने आगे यह भी कहा कि परिवार के अंदर मनमुटाव, झगड़े और कन्फ्यूजन होना आम बात है, लेकिन हर बात का तमाशा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामला दो साल पुराना था और इसे बहुत पहले ही आपसी बातचीत से खत्म किया जा सकता था।
क्यों लिया गया याचिका वापस लेने का फैसला?
सुनीता आहूजा द्वारा तलाक की याचिका वापस लेने के पीछे की असल वजह पर भी मैनेजर ने रोशनी डाली है। उनके अनुसार, जब इस मामले ने तूल पकड़ा, तो सुनीता को यह महसूस हुआ कि इस कदम को न तो जनता का समर्थन मिल रहा है और न ही मीडिया या फैंस इसे स्वीकार कर पा रहे हैं।
- पब्लिक का सपोर्ट न मिलना: जनता और फैंस का रुख इस मामले में न्यूट्रल और गोविंदा के पक्ष में ज्यादा झुका हुआ था।
- अदालत के फैसले का लंबा इंतजार: कानूनी प्रक्रिया लंबी होने के बजाय मामले को आपसी सहमति से खत्म करना ही बेहतर समझा गया।
- पारिवारिक प्रतिष्ठा: गोविंदा के स्टारडम और परिवार की साख को ध्यान में रखते हुए इस ड्रामे को और आगे न खींचने का निर्णय लिया गया।
गोविंदा की तरफ से क्या रही प्रतिक्रिया?
जहां एक तरफ मैनेजर शशि सिन्हा ने इस पूरे प्रकरण पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली और सुनीता के कदम की आलोचना भी की, वहीं दूसरी ओर खुद अभिनेता गोविंदा ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। सुनीता के याचिका वापस लेने के बाद से अभी तक गोविंदा की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसा माना जा रहा है कि गोविंदा इस पारिवारिक विवाद को अब और तूल नहीं देना चाहते हैं और अपनी पर्सनल लाइफ को पूरी तरह से शांत रखना चाहते हैं।
गोविंदा के फैंस के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। 90 के दशक के इस सुपरस्टार की जोड़ी को लोग आज भी पर्दे पर और असल जिंदगी में साथ देखना पसंद करते हैं। ऐसे में तलाक की खबरों का थमना उनके चाहने वालों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कان ले आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या सुनीता आहूजा ने सचमुच तलाक की अर्जी वापस ले ली है?
Ans: हां, मीडिया रिपोर्ट्स और गोविंदा के मैनेजर के अनुसार सुनीता आहूजा ने अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली है और वे अब अलग नहीं हो रहे हैं।
Q2: गोविंदा और सुनीता के बीच विवाद कितने समय से चल रहा था?
Ans: गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा के मुताबिक, यह पारिवारिक मतभेद पिछले 2-3 सालों से चल रहा था और तलाक की अर्जी भी काफी पहले दी गई थी।
Q3: इस मामले पर गोविंदा का क्या रिएक्शन है?
Ans: सुनीता के याचिका वापस लेने के बाद फिलहाल गोविंदा की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, उन्होंने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है।