राजनीति की पिच पर कब पासा पलट जाए, यह कह पाना हमेशा मुश्किल होता है। एक समय बगावत, विधायकों और सांसदों के टूटने का दर्द झेल रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बेहद सुकून भरी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। भले ही राजनीतिक गलियारों में उनके विरोधी उन्हें लगातार घेरने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन वकीलों की अदालत यानी वेस्ट बंगाल बार काउंसिल के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपना पुराना दबदबा एक बार फिर कायम कर लिया है।
23 में से 15 सीटों पर परचम, बीजेपी को बड़ा झटका
पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनाव के जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को एक बार फिर बढ़ा दिया है। कुल 23 सीटों के लिए हुए इस मुकाबले में ममता समर्थित टीएमसी पैनल ने धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए 15 सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया है।
दूसरी ओर, राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार भी उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई। भाजपा को इस चुनाव में मात्र 3 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। वहीं, लेफ्ट फ्रंट के खाते में भी 3 सीटें गईं, जबकि कांग्रेस ने 2 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की।
सुभाशीष चक्रवर्ती बने सबसे बड़े अंतर से जीतने वाले उम्मीदवार
इस चुनाव में टीएमसी के वकीलों के संगठन 'तृणमूल लॉयर्स सेल' का जलवा साफ देखने को मिला। संगठन के प्रमुख चेहरे सुभाशीष चक्रवर्ती ने सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है। उनके अलावा टीएमसी के टिकट पर जीतने वाले अन्य प्रमुख दिग्गजों में शामिल हैं:
- बैसानोर चटर्जी
- अंसार मंडल
- अशोक देब
- इंद्रनील बसु
- सिद्धार्थ मुखर्जी
बताया जा रहा है कि इन सभी विजयी उम्मीदवारों को खुद पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीधी सिफारिश और रणनीति के तहत चुनावी मैदान में उतारा गया था, जो पार्टी के लिए एक सटीक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।
महिला आरक्षण और कुल सीटों का गणित
इस बार के बार काउंसिल चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी खास तस्वीर देखने को मिली। चुनाव में कुल 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। इनमें से चार सीटों पर टीएमसी की महिला वकीलों ने बाजी मारी, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई।
नियमों और आंकड़ों की बात करें तो:
- कुल उम्मीदवारों की संख्या: 75
- TMC द्वारा उतारे गए उम्मीदवार: 23
- BJP द्वारा उतारे गए उम्मीदवार: 22
- लेफ्ट फ्रंट द्वारा उतारे गए उम्मीदवार: 12
- मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार: 18
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा महिला उम्मीदवारों में से दो और सदस्यों को नॉमिनेट किया जाना अभी बाकी है। इन दो नए नॉमिनेशन के बाद वेस्ट बंगाल बार काउंसिल की कुल सदस्य संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी।
पिछली बार से क्या बदला? तुलनात्मक विश्लेषण
अगर पिछले चुनावों के नतीजों से तुलना की जाए, तो बीजेपी ने इस बार भी अपनी पुरानी 3 सीटों की संख्या को बरकरार रखा है। वहीं, कांग्रेस ने भी अपनी 2 सीटें बचा ली हैं। हालांकि, वाम दलों (लेफ्ट फ्रंट) को इस बार थोड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि उनकी पिछली बार की 4 सीटें घटकर इस बार सिर्फ 3 पर सिमट गईं।
इन परिणामों के सामने आने के बाद से ही टीएमसी खेमे में जबरदस्त उत्साह और जश्न का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि बंगाल के प्रबुद्ध वर्ग औरकी वकीलों के बीच अभी भी ममता बनर्जी की नीतियों और उनकी पार्टी की पकड़ मजबूत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनाव में टीएमसी को कुल कितनी सीटें मिलीं?
उत्तर: टीएमसी समर्थित उम्मीदवारों ने कुल 23 में से 15 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है।
Q2. इस चुनाव में बीजेपी और अन्य दलों का प्रदर्शन कैसा रहा?
उत्तर: बीजेपी को 3 सीटें, लेफ्ट फ्रंट को 3 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं।
Q3. बार काउंसिल की कुल संख्या बढ़कर कितनी हो जाएगी?
उत्तर: चुनाव परिणामों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दो महिला सदस्यों के नॉमिनेशन के बाद बार काउंसिल की कुल संख्या 25 हो जाएगी।