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अभिजीत दीपके ने ठुकराया NDA का ऑफर? रामदास अठावले को दिया ऐसा जवाब

अभिजीत दीपके ने ठुकराया NDA का ऑफर? रामदास अठावले को दिया ऐसा जवाब

राजनीति की बिसात पर कब कौन सा मोहरा चल दिया जाए, इसका अनुमान लगाना बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी आसान नहीं होता। हाल ही में कुछ ऐसा ही वाकया देखने को मिला है, जब देश की सियासत में अचानक चर्चा का केंद्र बने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) यानी सत्ता पक्ष की तरफ से बड़ा न्योता मिला। लेकिन, इस ऑफर के बाद जो प्रतिक्रिया सामने आई है, उसने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

रामदास अठावले का खुला ऑफर और 'अंबेडकरवादी' कार्ड

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के प्रमुख रामदास अठावले ने आगे आकर अभिजीत दीपके को एनडीए का हिस्सा बनने का खुला ऑफर दिया। अठावले ने अपनी खास शैली में दीपके की जमकर तारीफ की और उन्हें एक सच्चा 'अंबेडकरवादी' करार दिया।

रामदास अठावले ने तर्क दिया था कि अभिजीत युवा हैं और देश के युवाओं के बीच उनकी एक मजबूत पकड़ और लोकप्रियता है। उन्होंने कहा, 'अभिजीत दीपके को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के सपनों को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी के साथ उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं है, इसलिए उन्हें हमारी पार्टी यानी RPI(A) या सीधे तौर पर एनडीए जॉइन करना चाहिए ताकि उनके अनुभव और हौसले का सही उपयोग हो सके।'

नीट पेपर लीक आंदोलन और रातों-रात मिली सुर्खियां

आखिर कौन हैं अभिजीत दीपके और क्यों अचानक सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ मंत्री को उन्हें अपनी तरफ खींचने की जरूरत महसूस हुई? इस सवाल का जवाब छिपा है उस देशव्यापी छात्र आंदोलन में, जिसने कुछ समय पहले दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश की संसद तक हिला कर रख दिया था।

अभिजीत दीपके वही युवा चेहरा हैं जिन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में देश भर के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए थे। इस आक्रामक और अनुशासित आंदोलन का दबाव इतना जबरदस्त था कि केंद्र सरकार को भी झुकना पड़ा था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सियासत भी खूब गरमाई थी और सरकार के कई नेताओं के साथ तीखी नोकझोक भी देखने को मिली थी।

अभिजीत दीपके का तीखा तंज: 'एक महीने पहले तक तो हम देशद्रोही थे'

रामदास अठावले की तरफ से मिले एनडीए में शामिल होने के इस प्रस्ताव पर अभिजीत दीपके ने चुप्पी तोड़ते हुए इंस्टाग्राम पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने न सिर्फ अठावले के ऑफर पर अपनी प्रतिक्रिया दी, बल्कि सत्ता पक्ष पर बेहद तीखा तंज भी कसा।

अभिजीत ने अपने पोस्ट में पुरानी यादों को ताजा करते हुए लिखा, 'महज एक महीने पहले तक तो हम एंटी-नेशनल, देशद्रोही और देश विरोधी कहे जा रहे थे।' उन्होंने याद दिलाया कि जंतर-मंतर पर जब वे और उनके साथी छात्रों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे, तब उन पर तमाम तरह के गंभीर त कसे गए थे।

दीपके ने आगे लिखा कि आंदोलन के दिनों में उन्हें और प्रदर्शनकारियों को किस तरह से कटघरे میں खड़ा किया गया था। उन्होंने बीजेपी नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि तब आंदोलनकारियों को क्या-क्या नहीं कहा गया था।

क्या सच में भविष्य को लेकर चिंतित हैं दीपके?

रामदास अठावले ने अपने बयान में यह भी कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसी छोटी पार्टियों के साथ युवाओं का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता। अठावले ने सलाह दी थी कि अभिजीत को अरविंद केजरीवाल की राह पर चलने या छोटी पार्टियों में अपनी ऊर्जा बर्बाद करने के बजाय मुख्यधारा के बड़े गठबंधन का हिस्सा बनना चाहिए।

लेकिन अभिजीत दीपके के तेवर देखकर साफ जाहिर होता है कि वे इतनी आसानी से पाला बदलने वाले नहीं हैं। जिस तरह से उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पुराने बयानों की याद दिलाई है, उससे यह स्पष्ट है कि वे वैचारिक मतभेदों और आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष को अभी भूले नहीं हैं।

आगे क्या होगी राजनीतिक चाल?

भारतीय राजनीति संभावनाओं का खेल है। आज जो विरोधी हैं, कल वे सहयात्री बन सकते हैं और जो आज साथ हैं, वे कल राहें जुदा कर सकते हैं। रामदास अठावले का यह ऑफर भले ही फिलहाल एक सियासी दांव या सद्भावना की तरह देखा जा रहा हो, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। अभिजीत दीपके जैसे जुझारू युवा नेता यदि मुख्यधारा की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाते हैं, तो आने वाले समय में वे राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े सियासी फैक्टर के रूप में उभर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: अभिजीत दीपके कौन हैं?

अभिजीत दीपके 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक हैं। वे तब देश भर में चर्चा में आए जब उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक बड़े छात्र आंदोलन का सफल नेतृत्व किया था।

Q2: रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके को क्या ऑफर दिया था?

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अभिजीत दीपके को 'अंबेडकरवादी' बताते हुए अपनी पार्टी RPI(A) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का न्योता दिया था।

Q3: अभिजीत दीपके ने एनडीए के ऑफर पर क्या प्रतिक्रिया दी?

अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर तंज कसा और याद दिलाया कि कुछ समय पहले तक आंदोलन के दौरान उन्हें और उनके साथियों को 'देशद्रोही' और 'एंटी-नेशनल' कहा गया था।

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अल्का सिंह

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Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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