न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में टेनिस कोर्ट की चमक और दर्शकों के भारी उत्साह के बीच एक बार फिर अमेरिकी टेनिस प्रेमियों की उम्मीदें अधूरी रह गईं। जर्मनी के स्टार खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शानदार और अनुशासित खेल का प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन 2026 के पुरुष एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय समयानुसार सोमवार तड़के खेले गए इस रोमांचक खिताबी मुकाबले में ज्वेरेव ने अमेरिका के युवा खिलाड़ी बेन शेल्टन को कड़े संघर्ष के बाद 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से शिकस्त दी। यह मुकाबला लगभग साढ़े तीन घंटे तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने अपनी जीतोड़ मेहनत और कौशल का परिचय दिया।
अलेक्जेंडर ज्वेरेव का शानदार सफर और दूसरा ग्रैंड स्लैम
29 वर्षीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम करने वाले ज्वेरेव ने अब न्यूयॉर्क की हार्ड कोर्ट पर भी अपना परचम लहरा दिया है। उनके करियर का यह कुल दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। फ्लशिंग मीडोज के इस प्रतिष्ठित कोर्ट पर ज्वेरेव की यह जीत उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद खास है। ठीक छह साल पहले, इसी मैदान पर वे अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में डोमिनिक थीम के खिलाफ शुरुआती दो सेट जीतने के बाद भी मुकाबला हार गए थे। उस पुरानी नाकामी को पीछे छोड़ते हुए इस बार ज्वेरेव ने मानसिक दृढ़ता का अद्भुत परिचय दिया और कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी।
मैच के बाद अपनी इस ऐतिहासिक जीत पर बात करते हुए ज्वेरेव ने कहा कि इतने सालों की मेहनत और मानसिक संघर्ष के बाद यह पल उनके लिए अकल्पनीय है। उन्होंने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और फाइनल के दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया।
बेन शेल्टन का शानदार संघर्ष और अमेरिकी सूखा बरकरार
दूसरी ओर, अपने घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में उतरने वाले बेन शेल्टन ने हार नहीं मानी। शुरुआती दो सेट गंवाने के बाद शेल्टन ने तीसरे सेट में गजब की वापसी की। उन्होंने 12वें गेम में बेहतरीन खेल दिखाते हुए ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और तीसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस सेट को जीतने के साथ ही शेल्टन ने ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 12 सेट गंवाने के अपने खराब सिलसिले को भी तोड़ा और मैच में रोमांच जिंदा कर दिया।
हालांकि, अमेरिकी खिलाड़ी का यह जोश चौथे सेट में ज्यादा देर टिक नहीं पाया। ज्वेरेव ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और चौथे सेट के पहले ही गेम में शेल्टन की सर्विस तोड़कर मुकाबले पर अपनी पकड़ फिर से मजबूत कर ली।
कड़े मुकाबले के मुख्य आंकड़े और टर्निंग पॉइंट्स
- पहला सेट: शुरुआत में ही शेल्टन दबाव में आ गए और डबल फॉल्ट कर बैठे। ज्वेरेव ने पहले सेट के नौवें गेम में भी इसका फायदा उठाया और सेट 6-3 से जीत लिया।
- दूसरा सेट: इस सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार सर्विस का मुजाहिरा किया, लेकिन टाईब्रेक में ज्वेरेव ने 5-0 की निर्णायक बढ़त बनाकर सेट अपने नाम कर लिया।
- तीसरा सेट: शेल्टन ने दमदार वापसी की और 7-5 से सेट जीतकर अमेरिकी दर्शकों में उम्मीद जगाई।
- चौथा सेट: ज्वेरेव ने कोई गलती न करते हुए सेट के शुरुआत और सातवें गेम में ब्रेक हासिल किया और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।
पूरे मैच के दौरान ज्वेरेव की सर्विस उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। उन्होंने पहली सर्विस के बाद कुल 80 में से 68 अंक (लगभग 85 प्रतिशत) हासिल किए, जिससे शेल्टन को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं मिल सका।
2003 के बाद से अमेरिकी पुरुषों का इंतजार जारी
इस खिताबी हार के साथ ही अमेरिकी पुरुषों का अपने देश में ग्रैंड स्लैम जीतने का लंबा इंतजार और बढ़ गया है। इतिहास के पन्नों को पलटें तो आखिरी बार अमेरिका के एंडी रॉडिक ने साल 2003 में न्यूयॉर्क में यूएस ओपन का खिताब जीता था। उसके बाद से पिछले दो दशकों से अधिक समय में किसी भी अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी को यहाँ सफलता नहीं मिली है। बेन शेल्टन ने इस बार क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में गत चैंपियन कार्लोस अल्कराज़ और अपने ही देश के फ्रांसेस टियाफोए जैसे दिग्गजों को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन अंतिम बाधा पार करने में वे नाकामयाब रहे।
टेनिस इतिहास में जर्मनी का बढ़ता दबदबा
इस जीत के साथ ही अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने इतिहास रच दिया है। वे ओपन युग में महान खिलाड़ी बोरिस बेकर के बाद यूएस ओपन पुरुष एकल का खिताब जीतने वाले दूसरे जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। जर्मन टेनिस के लिए यह एक स्वर्णिम काल जैसा है, जहाँ उनके खिलाड़ियों ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
फाइनल के बाद बेन शेल्टन ने भी ज्वेरेव के खेल की सराहना की और अपने अब तक के सफर पर संतोष जताया। आने वाले टूर्नामेंट्स में इन दोनों युवा और दिग्गज खिलाड़ियों से टेनिस जगत को और भी रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद रहेगी।