उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में नौनिहालों के पोषण से लेकर स्वास्थ्य की रीढ़ मानी जाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के दिन अब बहुरने लगे हैं। लंबे समय से चली आ रही मानदेय बढ़ाने की मांग पर सरकार ने आखिरकार मुहर लगा दी है। इस ऐतिहासिक कदम के तहत न सिर्फ उनके मासिक मानदेय में इजाफा किया गया है, बल्कि उन्हें एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा की सौगात भी दी गई है, जिससे इन महिला कर्मियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अयोध्या से उठी गूंज, मीरजापुर में बंटी खुशियां
हाल ही में प्रदेश की राजधानी लखनऊ और धार्मिक नगरी अयोध्या से एक बड़ा ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही उन्हें प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा देने का भी बड़ा ऐलान किया गया, जो किसी सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच माना जा रहा है।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में भी बड़े पैमाने पर दिखाया गया। मीरजापुर स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बीएचयू बरकछा के ऑडिटोरियम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
मीरजापुर के बरकछा स्थित बीएचयू ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष इंजीनियर राम लौटन बिंद और जिले के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मौजूद तमाम महिला कर्मियों के चेहरों पर एक नई उम्मीद और उत्साह साफ झलक रहा था।
139 नई कार्यकत्रियों को मिला नियुक्ति पत्र
इस अवसर पर पारदर्शिता और प्रशासनिक गतिशीलता का परिचय देते हुए जिले की 139 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को मंच से आधिकारिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इन नई नियुक्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान
केवल नियुक्तियां ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर अपनी निष्ठा और कड़ी मेहनत से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली 52 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सरकार और प्रशासन का यह कदम अन्य कार्यकर्ताओं को भी अपने काम के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
कुपोषण के खिलाफ जंग में बड़ी सफलता
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद सकारात्मक पहलू भी सामने आया। जिले के ऐसे 45 बच्चों के अभिभावकों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया, जो 'सैम' (SAM - Severe Acute Malnutrition) और 'मैम' (MAM - Moderate Acute Malnutrition) जैसी गंभीर कुपोषण श्रेणी से बाहर निकलकर अब पूरी तरह सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जमीन पर की जा रही मेहनत रंग ला रही है।
- कुपोषण से मुक्ति: 45 बच्चों के सामान्य श्रेणी में आने पर उनके अभिभावकों को मिला पुरस्कार।
- शैक्षणिक सम्मान: यूपी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
- पोषण पोटली का वितरण: स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार से युक्त पोषण पोटलियां वितरित की गईं।
इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यों द्वारा गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए उन्हें पोषण पोटलियां भी सौंपी गईं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के विचार
समारोह को संबोधित करते हुए नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी बहनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को सहर्ष स्वीकार किया है। अब कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो उनके श्रम का सही सम्मान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कर्मियों को साड़ी क्रय करने के लिए उनके खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है, साथ ही 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी गई है ताकि आपात स्थिति में उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के महत्व को रेखांकित करते हुए उनकी तुलना पौराणिक पात्र 'माता यशोदा' से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण की परवरिश और देखभाल की थी, उसी प्रकार ये कार्यकत्री गांव-गांव जाकर बच्चों के स्वास्थ्य, उनके पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में एक मां की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समाज के निर्माण में इनका योगदान अतुलनीय है।
कार्यक्रम में इन प्रमुख चेहरों की रही मौजूदगी
इस बड़े और सफल आयोजन के दौरान जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विशाल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश जायसवाल, परियोजना निदेशक (DRDA) सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भविष्य के लिए एक मजबूत कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधाओं के जुड़ने से जमीनी स्तर की योजनाओं की कार्यक्षमता में जबरदस्त सुधार आएगा। जब मैदानी स्तर का कर्मचारी आर्थिक और मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस करता है, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। मीरजापुर का यह कार्यक्रम इस बात का गवाह है कि सरकार महिला सशक्तिकरण और बाल स्वास्थ्य के मुद्दों पर कितनी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।