क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस समय लखनऊ के इकाना स्टेडियम पर टिकी हुई हैं, जहां भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, जो इस मैदान के इतिहास और ओस के कारकों को देखते हुए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मैच की शुरुआत से ही मुकाबला काफी रोमांचक हो गया है और तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से अच्छी खासी मदद मिलती दिख रही है।
अर्शदीप सिंह ने दी पहली सफलता, पवेलियन लौटे कामिल पूरन
वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत करने आए शाई होप और कामिल पूरन ने संभलकर खेलना शुरू किया था, लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने भारत को पहली सफलता दिलाने में ज्यादा देर नहीं लगाई। अर्शदीप ने पारी के शुरुआती ओवरों में ही अपनी घातक यॉर्कर से बल्लेबाज को चार खाने चित कर दिया। कामिल पूरन इस बेहतरीन गेंद पर गच्चा खा गए और गेंद सीधा उनके स्टumps उखाड़ ले गई। इस विकेट के साथ ही भारत को मैच में एक शानदार शुरुआत मिल गई है, क्योंकि दोनों ओपनर्स मिलकर एक खतरनाक साझेदारी बनाने की फिराक में थे।
दूसरी ओर, लखनऊ के स्थानीय खिलाड़ी मयंक यादव के लिए गेंदबाजी की शुरुआत थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही। मयंक, जो घरेलू क्रिकेट में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रतिनिधित्व करते हैं, अपने पहले ओवर में थोड़े महंगे साबित हुए और उन्होंने अपने शुरुआती ओवर में 16 रन खर्च किए। पिच की प्रकृति और भारत की पिचों के मिजाज को देखते हुए तेज गेंदबाजों को अपनी लाइन और लेंथ पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है। अर्शदीप सिंह ने नई गेंद से स्विंग कराने का भरपूर प्रयास किया, जिसका फायदा उन्हें और टीम इंडिया को मिला।
लखनऊ की पिच का अजीब मिजाज: लाल और काली मिट्टी का मिश्रण
इकाना स्टेडियम की पिच हमेशा से बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए पहेली रही है। इस मैच के लिए इस्तेमाल की गई पिच न तो पूरी तरह लाल मिट्टी की है और न ही पूरी तरह काली मिट्टी की, बल्कि यह दोनों का एक अनूठा मिश्रण है। पिच का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा काली मिट्टी और बाकी हिस्सा लाल मिट्टी से तैयार किया गया है। इस मिश्रित सतह पर गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल (Bounce) मिलने की पूरी संभावना है।
- पिच का मिजाज: लाल और काली मिट्टी का मिश्रण, जिससे अतिरिक्त बाउंस मिलता है।
- बाउंड्री का दायरा: स्क्वायर पर 64 मीटर और सीधे मैदान में 74 मीटर।
- ओस का प्रभाव: ग्राउंड स्टाफ द्वारा एंटी-ड्यू स्प्रे का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ओस का असर कम होने की उम्मीद है।
- औसत स्कोर: इस पिच पर 170 से 180 रन का स्कोर काफी प्रतिस्पर्धी माना जाता है।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और रणनीतियां
मैच से पहले दोनों टीमों के कप्तानों और प्रबंधन ने अपनी रणनीतियों का खुलासा किया। भारतीय खेमे में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं का बेहतरीन संतुलन देखा जा रहा है। कोच मोर्कल ने भी युवा खिलाड़ियों के विकास और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर जोर दिया है, जहां सीनियर खिलाड़ियों के अनुभव का फायदा युवाओं को मिल रहा है।
भारत की प्लेइंग इलेवन:
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (डब्ल्यू), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव।
वेस्टइंडीज की प्लेइंग इलेवन:
शाई होप (डब्ल्यू/सी), कामिल पूरन, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज़, अकील हुसैन, शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ।
क्या कहती है मैच की स्थिति?
मैच के शुरुआती पलों को देखकर यह साफ हो गया है कि खेल में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। वेस्टइंडीज की टीम एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश में है ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके, वहीं भारतीय गेंदबाजी आक्रमण शुरुआती झटके देने के बाद विपक्षी टीम को कम से कम स्कोर पर रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिनर्स के भी खेल में आने की पूरी संभावना है क्योंकि पिच पुरानी होने पर टर्न भी देखने को मिल सकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है और हर गेंद के साथ खेल का रुख बदल रहा है।