कुदरत का रौद्र रूप इन दिनों दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, और इस बार इसका शिकार बनी है थाईलैंड की खूबसूरत और व्यस्त राजधानी बैंकॉक। पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने इस महानगर की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि स्थानीय प्रशासन को मजबूरन शहर के सभी 50 जिलों को आधिकारिक तौर पर आपदा क्षेत्र (Disaster Zone) घोषित करना पड़ा है।
सड़कों पर दरिया बह रहे हैं, गाड़ियां पानी में आधी डूबी हुई हैं और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। आइए जानते हैं कि इस आपदा के पीछे के जमीनी हालात क्या हैं और सरकार इससे निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।
48 घंटों की मूसलाधार बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में बैंकॉक और उसके आस-पास के इलाकों में जितनी बारिश दर्ज की गई है, उसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आसमान से लगातार बरस रही आफत ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से फेल कर दिया है। हालात यह हैं कि ऐतिहासिक शहर के प्रमुख रास्ते पानी में डूब चुके हैं और मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी भारी रूप से प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने हाल के वर्षों में इतनी भीषण जलभराव की स्थिति कभी नहीं देखी थी। पानी लोगों के घरों और दुकानों के अंदर तक घुस चुका है, जिससे लाखों लोगों का रोजमर्रा का जीवन थम सा गया है।
नहरें उफान पर, मंडरा रहा है बड़ा खतरा
बैंकॉक को 'पूरब का वेनिस' भी कहा जाता है क्योंकि इसके बीच से कई छोटी-बड़ी नहरें गुजरती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण ये सभी नहरें और जल निकाय अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। कई जगहों पर नहरों के बांध टूटने का भी खतरा पैदा हो गया है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।
- शहर की मुख्य नदियां और नहरें उफान पर हैं।
- अनेक रिहायशी इलाकों में कमर तक पानी भर चुका है।
- बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है।
- यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है, जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
प्रशासन और राहत एजेंसियों की कड़ी मशक्कत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैंकॉक महानगर प्रशासन (BMA) ने युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। शहर के सभी 50 जिलों में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष नौकाओं और सैन्य ट्रकों की मदद ली जा रही है।
राहत कर्मियों द्वारा लगातार पंपों के जरिए पानी निकालने का काम किया जा रहा है ताकि जलभराव को जल्द से जल्द कम किया जा सके। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर
बैंकॉक दुनिया भर के पर्यटकों के बीच एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन उद्योग पर भी गहरा असर पड़ा है। कई पर्यटकों की उड़ानें रद्द या देरी से चल रही हैं, और उन्हें होटलों के भीतर ही रहने की सलाह दी गई है। आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका भारी प्रभाव पड़ा है, क्योंकि अधिकांश बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान पानी भरने के कारण बंद हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे की स्थिति
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले कुछ और घंटों तक बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संकट की घड़ी में सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके और जनजीवन को पटरी पर लाया जा सके।