बिहार के बेतिया से एक बेहद संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) परिसर के पास एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने त्वरित और तत्परता दिखाते हुए महज चार घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे कानून व्यवस्था की मुस्तैदी का पता चलता है।
कैसे दिया गया घटना को अंजाम?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता को अस्पताल में कार्यरत एक संविदा या लैब कर्मी ने अपनी जालसाजी और मीठी बातों में उलझा लिया। आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर अस्पताल परिसर के ठीक बाहर स्थित अपने डेरे पर ले गया। वहां उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद जब पीड़िता ने आपबीती अपने परिजनों को बताई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
परिजनों ने बिना देर किए तुरंत नगर थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से नगर थाना में कांड संख्या 595/26 दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और कड़े पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
महज चार घंटे में दबोचा गया आरोपी
शिकायत दर्ज होने के बाद बेतिया पुलिस एक्शन मोड में आ गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि सूचना मिलने के मात्र चार घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविरंजन (पिता- कमलेश यादव) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरदिया भुवाल, थाना मटियरिया का रहने वाला है और बेतिया जीएमसीएच में संविदा पर लैब कर्मी के रूप में कार्यरत था। पुलिस ने उसे मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे गिरफ्तार किया।
जांच के लिए महिला अधिकारी को कमान
मामले की अत्यंत संवेदनशीलता और पोक्सो एक्ट से जुड़े होने के कारण इसकी जांच की पूरी जिम्मेदारी एक महिला पुलिस पदाधिकारी को सौंपी गई है, ताकि पीड़िता और उसके परिवार को पूरी संवेदनशीलता के साथ न्याय दिलाया जा सके। पुलिस टीम अब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने में जुटी है।
- अस्पताल परिसर और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं।
- फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है ताकि पुख्ता सबूत अदालत में पेश किए जा सकें।
स्पीडी ट्रायल के जरिए होगी सख्त सजा की मांग
बेतिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करते हुए समयबद्ध तरीके से न्यायालय में आरोप-पत्र (Charge Sheet) दाखिल किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश होगी कि स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
ऐसी घटनाएं हमारे समाज के माथे पर एक गहरा कलंक हैं, लेकिन पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने पीड़ित परिवार को न्याय की एक मजबूत उम्मीद दी है। स्थानीय लोग भी प्रशासन के इस त्वरित कदम की सराहना कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी या आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।