भाभी को डसा तो देवर ने किया ऐसा कमाल, डिब्बे में सांप बंद कर सीधे पहुंचा अस्पताल
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भाभी को डसा तो देवर ने किया ऐसा कमाल, डिब्बे में सांप बंद कर सीधे पहुंचा अस्पताल

भाभी को डसा तो देवर ने किया ऐसा कमाल, डिब्बे में सांप बंद कर सीधे पहुंचा अस्पताल

प्रकृति ने हमें कई ऐसे जीव दिए हैं, जिनका नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। सांप उन्हीं में से एक ऐसा जीव है, जिसका नाम आते ही मन में डर और अनहोनी की आशंका घर कर जाती है। जरा सोचिए, जब खेत में काम करते समय अचानक किसी जहरीले जीव से सामना हो जाए, तो क्या हाल होगा? राजस्थान के डीग जिले से एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को खेत में काम करने के दौरान जहरीले सांप ने डस लिया। इस विकट परिस्थिति में महिला के देवर ने जिस सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया, उसने न सिर्फ सभी को हैरान कर दिया, बल्कि एक बड़ी अनहोनी को भी टाल दिया।

बाजरे के खेत में काम के दौरान हुआ जानलेवा हमला

घटना राजस्थान के डीग जिले के एक ग्रामीण इलाके की है। गर्मियों और कटाई के इस दौर में ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह-सवेरे अपने खेतों में काम करने निकल जाते हैं। पीड़िता महिला भी अपनी रोजमर्रा की तरह बाजरे के खेत में काम करने गई थी। वह खेत में फसल की कटाई और निराई-गुड़ाई के काम में जुटी हुई थीं। फसल घनी होने के कारण वहां नजर रखना काफी मुश्किल होता है।

अचानक काम करते वक्त महिला का हाथ ऐसी जगह पड़ा जहां एक खतरनाक सांप छिपा बैठा था। पलक झपकते ही सांप ने महिला को डस लिया। इस अचानक हुए हमले से महिला बुरी तरह घबरा गई और दर्द के मारे चीख पड़ी। आसपास मौजूद परिवार के अन्य सदस्य जब तक कुछ समझ पाते, तब तक जहर का असर महिला के शरीर में फैलने लगा था।

देखते ही देखते बिगड़ने लगी स्थिति

सांप के डसने के कुछ ही मिनटों के भीतर महिला की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। शरीर में जहर के फैलने के कारण उन्हें चक्कर आने लगे और कुछ ही पलों में वह पूरी तरह अचेत (बेहोश) होकर जमीन पर गिर पड़ीं। ग्रामीण इलाकों में सर्पवंशियों या विषैले जीवों के डसने के मामलों में समय बहुत कीमती होता है। यदि समय पर सही इलाज न मिले, तो मरीज की जान बचाना बेहद कठिन हो जाता है।

महिला को अचेत अवस्था में देख परिवार में कोहराम मच गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। हर कोई घबराया हुआ था कि इस इमरजेंसी की स्थिति में क्या किया जाए। लेकिन उसी भीड़ में मौजूद महिला के देवर ने होश नहीं खोए और एक ऐसा कदम उठाया जिसने हर किसी को अचंभित कर दिया।

देवर की सूझबूझ: सांप को डिब्बे में किया बंद

अक्सर ऐसी घटनाओं में लोग या तो सांप को मारकर फेंक देते हैं या फिर बिना उसे देखे अस्पताल भागते हैं, जिससे डॉक्टरों को यह तय करने में मुश्किल होती है कि किस प्रजाति के सांप ने काटा है। लेकिन इस युवा देवर ने गजब की हिम्मत और समझदारी दिखाई। उसने बिना डरे स्थिति का जायजा लिया और उस जहरीले सांप को बड़ी सावधानी से एक प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया।

सांप को डिब्बे में सुरक्षित बंद करने के बाद उसने एक पल भी गंवाया नहीं। उसने तुरंत अपनी अचेत भाभी को उठाया और बिना देर किए अस्पताल की तरफ रवाना हो गया। उसके इस साहसी कदम ने न सिर्फ समय बचाया, बल्कि इलाज की प्रक्रिया को भी बेहद आसान बना दिया।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने ली राहत की सांस

जब देवर अपनी बेहोश भाभी को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचा, तो वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ भी एक बार तो हैरान रह गया। लेकिन असली हैरानी तब हुई जब उस युवक ने डॉक्टरों के सामने वह डिब्बा रख दिया जिसमें सांप बंद था।

डॉक्टरों के अनुसार, सर्प दंश के मामलों में यह पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती होती है कि सांप जहरीला था या नहीं, और अगर था, तो वह कौन सी प्रजाति का था। सही एंटीवेनम (Anti-venom) देने के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी होती है। जब डॉक्टरों ने डिब्बे के अंदर सांप को देखा, तो वे तुरंत पहचान गए कि यह कौन सा जहरीला सांप है। इससे उन्हें बिना किसी देरी के सटीक इलाज शुरू करने में मदद मिली।

समय पर मिला इलाज, टल गया बड़ा खतरा

डिब्बे में बंद सांप को देखकर डॉक्टरों ने फौरन महिला को ऑब्जर्वेशन में लिया और जरूरी एंटीवेनम इंजेक्शन व अन्य मेडिकल ट्रीटमेंट शुरू कर दिया। सही समय पर अस्पताल पहुंचने और सांप की पहचान स्पष्ट होने के कारण इलाज का असर तुरंत दिखाई देने लगा। कुछ ही घंटों में महिला की हालत में सुधार होना शुरू हो गया और उनकी जान खतरे से बाहर आ गई।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ा सबक

यह पूरी घटना न केवल एक परिवार की बहादुरी की दास्तान है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा सबक भी है। अक्सर सांप काटने पर लोग झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं या घबराकर कीमती समय गंवा देते हैं। इस घटना ने साबित कर दिया कि यदि संकट के समय संयम, सूझबूझ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाए, तो किसी भी जानलेवा स्थिति से निपटा जा सकता है।

  • घबराएं नहीं: सांप काटने पर सबसे पहले मरीज का मानसिक ढांढस बंधाएं, घबराहट से दिल की धड़कन तेज होती है और जहर तेजी से फैलता है।
  • समय न गंवाएं: झाड़-फूंक या देसी टोटकों में वक्त बर्बाद करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
  • सावधानी बरतें: अगर संभव हो और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए, तो सांप की पहचान (या इस मामले की तरह उसकी फोटो/सुरक्षित तरीके से जानकारी) डॉक्टरों को दें ताकि सही इलाज मिल सके।

फिलहाल, महिला पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और अपने घर पर स्वस्थ जीवन बिता रही हैं। लेकिन डीग इलाके में इस युवा देवर की बहादुरी और उसकी तत्परता की चर्चा आज भी हर जुबान पर है। संकट की घड़ी में उसने जो साहस दिखाया, उसने यह साबित कर दिया कि कठिन समय में दिमाग ठंडा रखकर लिया गया फैसला ही सबसे बड़ी ढाल बनता है।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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