चंडीगढ़ में एक बड़े सुरक्षा खतरे को समय रहते टाल दिया गया है। पुलिस ने शहर के एक बेहद व्यस्त इलाके से संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED बरामद किया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और चप्पे-चप्पे पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस को रविवार को एक अहम इनपुट मिला था। इसी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सेक्टर 43 स्थित इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) के पीछे वाले इलाके में एक विशेष अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां एक संदिग्ध टिफिन बॉक्स बैग मिला। जब उस बैग की बारीकी से जांच की गई, तो उसके अंदर विस्फोटक सामग्री (IED) के साथ-साथ एक अवैध हथियार भी बरामद हुआ।
यह इलाका यात्रियों की आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वहां इस तरह की खतरनाक सामग्री का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
पंजाब से जुड़े हैं पकड़े गए संदिग्धों के तार
पुलिस सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस सिलसिले में जिन तीन लोगों को पकड़ा गया है, वे सभी पड़ोसी राज्य पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं के तहत सेक्टर 36 पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन संदिग्धों का मकसद क्या था, वे किसी आतंकी संगठन या आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या नहीं, और इस विस्फोटक सामग्री की सप्लाई कहां से हुई थी।
पुलिस प्रशासन की अपील: 'घबराएं नहीं, सतर्क रहें'
घटना के तुरंत बाद चंडीगढ़ पुलिस ने देर शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
"चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इस मामले में आगे की जांच तेजी से जारी है।" - चंडीगढ़ पुलिस बयान
बयान में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद चंडीगढ़ के सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट्स, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। वाहनों की रैंडम चेकिंग की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। बम डिस्पोजल स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम बरामद किए गए IED और अन्य सामानों की तकनीकी जांच में जुटी हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह विस्फोटक कितना शक्तिशाली था और इसे कब और कहां प्लांट किया जाना था।
जांच एजेंसियां इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी शहर में छिपे हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
