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ईरान की धमकी के बाद ग्रीस का बड़ा कदम, क्रेट बेस पर तैनात की मिसाइल बैटरी

ईरान की धमकी के बाद ग्रीस का बड़ा कदम, क्रेट बेस पर तैनात की मिसाइल बैटरी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय तनाव अपने चरम पर है। मध्य पूर्व में सुलग रही आग की लपटें अब यूरोप के दरवाजों तक महसूस होने लगी हैं। हाल ही में सामने आई एक बड़ी सामरिक हलचल के तहत, ग्रीस (यूनान) ने अपनी रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रीस ने अपनी एक पैट्रियट मिसाइल बैटरी (Patriot Missile Battery) को कार्पाथोस द्वीप से हटाकर क्रेट (Crete) द्वीप पर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम सौदा नेवल बेस (Souda Naval Base) पर शिफ्ट कर दिया है।

ईरान की धमकियों का असर: क्यों उठाया गया यह कदम?

यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब ईरान की तरफ से यूरोप में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की खुली धमकियां दी गईं। क्षेत्रीय सुरक्षा के जानकारों का मानना है कि ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा दी गई इन चेतावनियों को ग्रीस और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने बेहद गंभीरता से लिया है। सौदा बे (Souda Bay) अमेरिकी और नाटो (NATO) सेनाओं के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों में से एक है।

ग्रीस के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'काथिमेरिनी' (Kathimerini) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई खतरे से इस रणनीतिक ठिकाने की रक्षा करना है। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम अपनी सटीक मारक क्षमता और दुश्मन के विमानों तथा मिसाइलों को हवा में ही नेस्तनाबूद करने के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

सौदा नेवल बेस का सामरिक महत्व

क्रेट द्वीप पर स्थित सौदा नेवल बेस केवल ग्रीस के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे नाटो गठबंधन के लिए एक रणनीतिक धुरी है।

  • यह बेस भूमध्य सागर के रास्ते आने वाले जहाजों और विमानों पर नजर रखने में मदद करता है।
  • मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में किसी भी सैन्य अभियान के दौरान यह अमेरिकी और नाटो बलों के लिए एक लॉजिस्टिक हब के रूप में काम करता है।
  • क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की स्थिति में यह बेस सबसे पहले संभावित हमलों के दायरे में आ सकता है, यही वजह है कि इसकी एयर डिफेंस शील्ड को मजबूत करना ग्रीस की प्राथमिकता बन गया है।

मिसाइल बैटरी की री-लोकेशन की पूरी कहानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रीक सेना ने कार्पाथोस द्वीप पर तैनात पैट्रियट मिसाइल प्रणाली को वहां से हटाकर अधिक सुरक्षित और व्यापक सुरक्षा वाले क्रेट के सौदा बेस पर पहुंचाया है। कार्पाथोस द्वीप भी एजियन सागर में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए क्रेट पर सुरक्षा बढ़ाना सैन्य लिहाज से ज्यादा जरूरी समझा गया।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा के लिए है, बल्कि यह ग्रीस की अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए उसकी तैयारियों को भी दर्शाता है।

वैश्विक कूटनीति और क्षेत्रीय तनाव पर प्रभाव

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच चल रही तनातनी का दायरा अब धीरे-धीरे यूरोप के दक्षिणी छोर तक फैल रहा है। ग्रीस द्वारा उठाया गया यह कदम इस बात का प्रमाण है कि यूरोपीय देश किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए अपनी सैन्य तैयारियों को पुख्ता करने में जुट गए हैं। हालांकि, ग्रीक सरकार या सेना की ओर से इस रणनीतिक फेरबदल पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स ने इस मामले ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।


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ममता पाठक

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Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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