आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहे एक विमान के भीतर जब मौत का साया मंडराने लगे, तो यात्रियों के रोंगटे खड़े होना लाजिमी है। 33 हजार फीट की बुलंदी पर सफर कर रहे 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए यह यात्रा किसी खौफनाक दुस्वप्न से कम नहीं साबित हुई। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही एक कमर्शियल फ्लाइट के कॉकपिट के भीतर ऐसा खूनी संघर्ष हुआ, जिसने पूरी दुनिया की एविएशन इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। उड़ान के दौरान अचानक दो पायलटों के बीच छिड़ी खूनी जंग के बाद विमान महज एक मिनट के भीतर 16 हजार फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों के बीच हाहाकार मच गया।
कॉकपिट के भीतर चली खंजर बाजी, मची चीख-पुकार
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना फ्लाईदुबाई (Flydubai) की फ्लाइट संख्या FZ 1073 की है, जो दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। विमान जब अपने तय मार्ग पर आगे बढ़ रहा था, तभी कॉकपिट के अंदर अचानक से हिंसक झड़प शुरू हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के रहने वाले सह-पायलट ने किसी बात को लेकर अपने ही वरिष्ठ अधिकारी यानी अमीराती कैप्टन पर फोल्डिंग चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से कैप्टन बुरी तरह जख्मी हो गए और कॉकपिट का माहौल खूनी संघर्ष में बदल गया।
कॉकपिट का दरवाजा जब खुला, तो वहां का मंजर देखकर यात्रियों की रूह कांप उठी। विमान में सफर कर रही एक यात्री मिरियम ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि अंदर चारों तरफ खून फैला हुआ था और मुख्य पायलट लहूलुहान हालत में बाहर निकले। गनीमत यह रही कि उस विमान में एक डॉक्टर और एक नर्स भी यात्रा कर रहे थे, जिन्होंने तुरंत आगे आकर घायल पायलट को फर्स्ट ऐड दिया और उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
एक मिनट में 33 हजार से 17 हजार फीट पर आया विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के आंकड़ों से पता चलता है कि चाकूबाजी की इस घटना के दौरान विमान का ऑटोपायलट और नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ गया था। मुख्य पायलट पर हमले के बाद बोइंग विमान अनियंत्रित होकर महज एक मिनट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई से गोता लगाते हुए सीधे 17,000 फीट पर आ गया। इतनी तेजी से ऊंचाई घटने के कारण केबिन में एयर प्रेशर और ग्रेविटी का जबरदस्त झटका लगा, जिससे यात्रियों की चीख-पुकार निकल पड़ी।
इस बीच, कॉकपिट में मची अफरा-तफरी के बीच क्रू मेंबर्स और कुछ साहसी इजरायली यात्रियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कॉकपिट का रुख किया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए हमलावर सह-पायलट को जमीन पर पटक दिया, उसके हाथ मजबूती से जकड़ लिए और उसे बांध दिया। विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने तक यात्रियों ने ही हमलावर पर कड़ा पहरा बनाए रखा ताकि वह कोई और नुकसान न पहुंचा सके।
आपातकालीन कोड '7500' और आसमान में मंडराया हाईजैक का खतरा
हिंसक झड़प और अनियंत्रित हो रहे विमान के बीच कॉकपिट से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दो बेहद खतरनाक डिस्ट्रेस सिग्नल भेजे गए। पहले सामान्य इमरजेंसी कोड '7700' और उसके तुरंत बाद '7500' कोड ट्रांसमिट किया गया। एविएशन की भाषा में कोड '7500' का सीधा मतलब विमान के अपहरण यानी हाईजैकिंग या उस पर अवैध कब्जे के प्रयास से होता है।
जैसे ही यह कोड रडार पर दिखा, सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। इजरायली वायुसेना ने बिना कोई देर किए अपने अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को आसमान में रवाना कर दिया ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके। देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को तुरंत इस हाई-प्रोफाइल संकट की जानकारी दी गई और देश की कुख्यात खुफिया एजेंसी मोसाद को इसके संभावित आतंकी एंगल की जांच का जिम्मा सौंपा गया।
सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतरा विमान
हालात की गंभीरता को देखते हुए विमान का मार्ग बदला गया और इसे जॉर्डन सीमा के करीब स्थित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की तरफ मोड़ा गया। तबुक एयरबेस पर उतरते ही सऊदी सुरक्षा बलों ने उस बोइंग विमान को चारों तरफ से अपने घेरे में ले लिया। विमान में सवार 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्रियों और चालक दल के सभी सदस्यों को अगले आदेश तक विमान के भीतर ही सुरक्षित रखा गया ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके।
कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह घटना बेहद दिलचस्प है, क्योंकि सऊदी अरब और इजरायल के बीच पारंपरिक रूप से कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। हालांकि, साल 2022 में हुए एक एतिहासिक समझौते के तहत सऊदी ने अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति इजरायल जाने-आने वाली फ्लाइट्स को दी थी। इसी ओपन एयरस्पेस पॉलिसी के कारण संकट में फंसा यह विमान समय रहते सऊदी सीमा में लैंड कर सका और एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विमान हादसा टल गया।
एयरलाइन का बयान और अंतरराष्ट्रीय जांच
घटना के बाद फ्लाईदुबाई एयरलाइन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि उनका विमान सुरक्षित रूप से तबुक में लैंड कर चुका है और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयरलाइन ने यह भी कहा कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ानों और अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
फिलहाल, इस पूरे मामले की अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठनों और सऊदी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से गहन जांच की जा रही है। सह-पायलट ने आखिर इस तरह का खौफनाक कदम क्यों उठाया और इसके पीछे क्या मानसिक या वैचारिक कारण थे, इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए उससे पूछताछ जारी है। इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर उड़ानों के दौरान कॉकपिट की सुरक्षा और क्रू मेंबर्स के मानसिक स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।