Breaking
► बिग बॉस 20 में आम्रपाली दुबे की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं बहन, मोटू-पतलू कमेंट पर मचा बवाल ► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात ► लखनऊ में कैबिनेट बैठक: CM योगी ने गिनाई उपलब्धियां, डबल इंजन सरकार पर बड़ा बयान ► Amazon Great Indian Festival Sale 2026: iPhone 17 Pro पर अब तक की सबसे बड़ी छूट ► गर्भाशय निकालने की सर्जरी के बाद क्या बदल जाता है ब्लड शुगर? जानिए एक्सपर्ट की राय ► बेगूसराय के यशोदा हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप ► योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें ► बिग बॉस 20 में आम्रपाली दुबे की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं बहन, मोटू-पतलू कमेंट पर मचा बवाल ► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात ► लखनऊ में कैबिनेट बैठक: CM योगी ने गिनाई उपलब्धियां, डबल इंजन सरकार पर बड़ा बयान ► Amazon Great Indian Festival Sale 2026: iPhone 17 Pro पर अब तक की सबसे बड़ी छूट ► गर्भाशय निकालने की सर्जरी के बाद क्या बदल जाता है ब्लड शुगर? जानिए एक्सपर्ट की राय ► बेगूसराय के यशोदा हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप ► योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें

हर हर महादेव के जयघोष के साथ काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुए शिवभक्त

हर हर महादेव के जयघोष के साथ काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुए शिवभक्त

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही पूरा देश इस समय शिवमय हो चुका है। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक केवल 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी कड़ी में, बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से एक बेहद मनमोहक और भक्ति से ओत-प्रोत तस्वीर सामने आई है। सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर वाराणसी के नदेसर स्थित रेगार्ड होटल से दर्जनों शिवभक्तों का जत्था झारखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम (बाबा धाम) के लिए रवाना हुआ।भक्ति में डूबी काशी, गूंजा 'हर हर महादेव'

यात्रा के आरंभ से ठीक पहले होटल परिसर और आसपास का पूरा इलाका हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले सभी शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान कांवड़ियों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा साफ देखने को मिल रही थी। केसरिया वस्त्रों में सजे इन श्रद्धालुओं का जत्था जब कांवड़ लेकर सड़कों पर उतरा, तो देखने वाले भी भक्ति के रंग में रंग गए।

करीब 120 किलोमीटर की होगी पैदल यात्रा

यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए रेगार्ड होटल के निदेशक शैलेश त्रिवेदी 'बबलू' ने बताया कि उनका यह समूह पिछले कई वर्षों से लगातार सावन के महीने में बाबा धाम की यात्रा पर जा रहा है।

"यह यात्रा हमारे लिए महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव के प्रति हमारी अटूट आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। हर साल इस यात्रा में शामिल होने वाले लोगों का उत्साह और संख्या दोनों लगातार बढ़ रही है।" - शैलेश त्रिवेदी, निदेशक

उन्होंने आगे बताया कि यह पूरी यात्रा लगभग पांच दिनों की होती है। बाबा धाम पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु सुल्तानगंज या अन्य निर्धारित घाट से जल भरकर लगभग 120 किलोमीटर की कठिन पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं और अंत में बाबा बैजनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित करते हैं।

कठिन रास्ते और अडिग विश्वास

  • कठिन परीक्षा: 120 किलोमीटर की यह पदयात्रा शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन शिवभक्तों का विश्वास हर कठिनाई को आसान बना देता है।
  • आपसी सौहार्द: यात्रा के दौरान कांवड़िए एक-दूसरे की मदद करते हैं और 'बोल बम' के नारे के साथ आगे बढ़ते हैं।
  • लोक कल्याण की कामना: यात्रा पर निकले इन भक्तों का मुख्य उद्देश्य अपने परिवार के साथ-साथ पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है।

सावन के इस महीने में काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुआ यह जत्था एक बार फिर यह साबित करता है कि भारत में आस्था और परंपराओं की जड़ें कितनी गहरी हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी कांवड़ियों की इस यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: काशी से बाबा धाम की कांवड़ यात्रा कितने किलोमीटर की होती है?

Ans: जल भरने के बाद मुख्य पैदल कांवड़ यात्रा लगभग 120 किलोमीटर लंबी होती है, जिसे श्रद्धालु नंगे पैर तय करते हैं।

Q2: कांवड़िए किस महीने में अपनी यात्रा शुरू करते हैं?

Ans: कांवड़ यात्रा मुख्य रूप से हिंदू पंचांग के पवित्र सावन (श्रावण) मास में की जाती है।

Q3: वाराणसी में शिवभक्तों का यह जत्था कहां से रवाना हुआ?

Ans: यह जत्था वाराणसी के नदेसर स्थित रेगार्ड होटल से बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ।

About the Author

काव्या त्रिपाठी

काव्या त्रिपाठी

Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

काव्या त्रिपाठी की पूरी प्रोफाइल पढ़ें →

अगली खबर पढ़ें:

विंध्य एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण: किसानों का फूटा ग... →