Breaking
► ए मेरे वतन के लोगों... क्या सिर्फ रस्म अदायगी है या वीरों का अपमान? एक पूर्व सैनिक का दर्द ► लाल किला भाषण पर अखिलेश का तंज: कहा- यह झूठ बोलने की जगह नहीं, 2027 में लागू हो महिला आरक्षण ► IND vs SL: केएल राहुल की चोट पर आया बड़ा अपडेट, जानकर फैंस ने ली राहत की सांस ► लेक लाडकी योजना: बेटियों के लिए महाराष्ट्र सरकार दे रही 1.01 लाख रुपये, जानें नया तरीका ► अतीक के घर अचानक क्यों पहुंचीं विधायक पल्लवी पटेल? पुरानी यादों का किया ज़िक्र ► भारत को मिलने वाले Su-57 में रूस ने जोड़े 6th Gen फीचर्स, अब और घातक हुआ विमान ► हिमांशी खुराना के इस्लाम कबूल करवाने के दावे पर भड़के आसिम रियाज के फैंस, कहा- 'हिंदू होने का ढोंग...' ► दिमागी नक्सल वाले बयान पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने पीएम मोदी पर बोला तीखा हमला ► कटनी: कलेक्टर ने एसपी को बैठाया बाइक के पीछे, खुद थामी स्टेयरिंग और निकल पड़े खराब रास्ते पर ► TMC में बड़ी बगावत? स्वतंत्रता दिवस पर कुणाल घोष के इस कदम से मची खलबली ► ए मेरे वतन के लोगों... क्या सिर्फ रस्म अदायगी है या वीरों का अपमान? एक पूर्व सैनिक का दर्द ► लाल किला भाषण पर अखिलेश का तंज: कहा- यह झूठ बोलने की जगह नहीं, 2027 में लागू हो महिला आरक्षण ► IND vs SL: केएल राहुल की चोट पर आया बड़ा अपडेट, जानकर फैंस ने ली राहत की सांस ► लेक लाडकी योजना: बेटियों के लिए महाराष्ट्र सरकार दे रही 1.01 लाख रुपये, जानें नया तरीका ► अतीक के घर अचानक क्यों पहुंचीं विधायक पल्लवी पटेल? पुरानी यादों का किया ज़िक्र ► भारत को मिलने वाले Su-57 में रूस ने जोड़े 6th Gen फीचर्स, अब और घातक हुआ विमान ► हिमांशी खुराना के इस्लाम कबूल करवाने के दावे पर भड़के आसिम रियाज के फैंस, कहा- 'हिंदू होने का ढोंग...' ► दिमागी नक्सल वाले बयान पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने पीएम मोदी पर बोला तीखा हमला ► कटनी: कलेक्टर ने एसपी को बैठाया बाइक के पीछे, खुद थामी स्टेयरिंग और निकल पड़े खराब रास्ते पर ► TMC में बड़ी बगावत? स्वतंत्रता दिवस पर कुणाल घोष के इस कदम से मची खलबली

विंध्य एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण: किसानों का फूटा गुस्सा, विधायक को सौंपा ज्ञापन

विंध्य एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण: किसानों का फूटा गुस्सा, विधायक को सौंपा ज्ञापन

क्या विकास की रफ्तार किसी के जीवन का आधार छीन सकती है? उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में इन दिनों कुछ ऐसा ही सवाल खड़ा हो गया है। विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए की जा रही जमीन की लिखापढ़ी और अधिग्रहण से अन्नदाता खासे नाराज हैं। अपनी उपजाऊ जमीनों को बचाने के लिए किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ झलकने लगा है।

विकास भवन पर गरजी किसानों की आवाज

सोमवार को विकास भवन के बिछिया कला धरना स्थल पर नजारा कुछ अलग ही था। संयुक्त किसान मोर्चा पंचायत, किसान खेती बचाओ अभियान, अखिल भारतीय किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान एकजुट हुए। किसानों का साफ कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी रोजी-रोटी का जरिया बनने वाली उपजाऊ कृषि भूमि को इस तरह से उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है।

किसानों की प्रमुख मांगें और आपत्तियां

  • यूपीडा (UPEIDA) और किसानों के बीच बातचीत के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन किया जाए।
  • जमीन की मौजूदा स्थिति का निष्पक्ष तरीके से पुनः सर्वे कराया जाए।
  • जब तक नई सर्वे रिपोर्ट और किसानों से संवाद की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक अधिग्रहण की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए।
  • नरवन क्षेत्र सहित प्रभावित इलाकों के किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट में संशोधन हो।

'मैं खुद एक किसान का बेटा हूं'- विधायक सुशील सिंह का आश्वासन

धरना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह के सामने किसानों ने अपनी पीड़ा खुलकर रखी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने किसानों को निराश नहीं किया और उन्हें पूरी मजबूती से शासन स्तर तक उनकी बात पहुंचाने का भरोसा दिया।

"हम भी एक किसान के बेटे हैं और खेती करते हैं। किसानों के दर्द को हम अच्छी तरह समझते हैं। इस समस्या का निदान जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा। हम हर हाल में आप लोगों के साथ हैं।" - सुशील सिंह, विधायक

विधायक ने यह भी घोषणा की कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 5 से 6 किसानों की एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल को लेकर वे खुद जिलाधिकारी से मिलेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरे मामले से अवगत कराएंगे।

आगे क्या होगा?

विधायक के इस सकारात्मक आश्वासन के बाद धरने पर बैठे किसानों को प्रशासन से न्याय मिलने की एक नई उम्मीद बंधी है। हालांकि, किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष और विरोध-प्रर्दशन जारी रहेगा। इस मौके पर अशोक सिंह, संत विलास सिंह, रामप्या राम, छोटे लाल यादव समेत कई प्रमुख किसान नेता मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: विंध्य एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण का विरोध क्यों हो रहा है?

Ans: चंदौली के नरवन और आसपास के इलाकों के किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि एक्सप्रेस-वे की जद में आ रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। किसान नए सिरे से सर्वे और अधिग्रहण नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं।

Q2: किसानों ने अपनी मांगें किसके सामने रखीं?

Ans: किसानों ने स्थानीय विधायक सुशील सिंह से मुलाकात की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

Q3: विधायक ने किसानों को क्या भरोसा दिया है?

Ans: विधायक ने किसानों की एक कमेटी बनाकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मुलाकात कराने तथा उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

✍️

रिपोर्टर: Kavya Tripathi

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →