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मोरक्को में रचा गया इतिहास: फातिमा मंसूरी बनीं देश की पहली महिला प्रधानमंत्री

मोरक्को में रचा गया इतिहास: फातिमा मंसूरी बनीं देश की पहली महिला प्रधानमंत्री

वैश्विक कूटनीति और मध्य पूर्व की राजनीति में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मोरक्को के शाही महल से जारी एक आधिकारिक घोषणा ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। देश के राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी (Fatima El Mansouri) को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ ही फातिमा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर लिया है। वह न सिर्फ मोरक्को के इतिहास में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं, बल्कि पूरे अरब जगत की बात करें तो इस सर्वोच्च पद को संभालने वाली वह दूसरी महिला नेता बन गई हैं। उनसे पहले केवल ट्यूनीशिया में नजला बौडेन ने इस मुकाम को हासिल किया था।

यह ऐतिहासिक राजनीतिक फेरबदल हाल ही में संपन्न हुए संसदीय चुनावों के ठीक बाद सामने आया है। चुनाव परिणामों और उसके बाद की राजनीतिक सरगर्मियों ने देश की दिशा तय कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि फातिमा मंसूरी का मेयर से लेकर देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक का यह सफर कैसा रहा और उनके सामने आने वाले समय में कौन-सी बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं।

संसदीय चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक जीत

मोरक्को की राजनीति में पिछले कुछ हफ्तों से काफी गहमागहमी बनी हुई थी। देश की संसद यानी 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (House of Representatives) में कुल 395 सीटें हैं, जिनके लिए 23 सितंबर को मतदान संपन्न हुआ था। इन चुनावों के नतीजे 29 सितंबर को घोषित किए गए, जिन्होंने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी की पार्टी 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' (PAM) ने इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 97 सीटों पर कब्जा जमाया और देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

चुनावी नतीजों में अन्य दलों की स्थिति पर नजर डालें तो 'नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स' (RNI) ने 66 सीटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि 'इस्तिकलाल पार्टी' 65 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही। इसके अलावा, 'जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी' (PJD) के खाते में 54 सीटें आईं। हालांकि, पीएएम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनकर उभरी है, लेकिन वह बहुमत के जादुई आंकड़े से अभी भी पीछे है।

गठबंधन सरकार बनाने की चुनौती और राजनीतिक समीकरण

मोरक्को के संविधान के अनुसार, संसद में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 198 सीटों की आवश्यकता होती है। फातिमा मंसूरी की पार्टी के पास 97 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी कम हैं। ऐसे में सरकार का गठन करने के लिए उन्हें अन्य राजनीतिक दलों के साथ हाथ मिलाना होगा और एक मजबूत गठबंधन तैयार करना होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फातिमा को सरकार चलाने के लिए अजीज अखन्नौच की पार्टी RNI और इस्तिकलाल पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार का ताना-बाना बुनना होगा। विभिन्न वैचारिक पृष्ठभूमि वाले दलों को एक मंच पर लाना और एक स्थिर सरकार का संचालन करना उनकी प्रशासनिक क्षमता की सबसे पहली और बड़ी परीक्षा होगी। हालांकि, उनकी राजनीतिक सूझबूझ को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे इस चुनौती से सफलतापूर्वक पार पा लेंगी।

प्रभावशाली परिवार और शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि

50 वर्षीय फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी का शुरुआती जीवन काफी विशेषाधिकार और कूटनीतिक माहौल में बीता। उनका जन्म एक बेहद प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार में हुआ था। उनके पिता अब्देर्रहमान अल मंसूरी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मोरक्को के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार की पृष्टभूमि राजनीतिक होने के कारण फातिमा को बचपन से ही कूटनीति और प्रशासनिक बारीकियों को नजदीक से देखने का अवसर मिला।

उनकी शिक्षा-दीक्षा भी बेहद उच्च स्तर की रही है। उन्होंने फ्रांस की प्रतिष्ठित मोंटपेलियर यूनिवर्सिटी (Montpellier University) से कानून (Law) में एडवांस्ड डिप्लोमा हासिल किया। इसके बाद, अपनी कानूनी समझ को और अधिक वैश्विक स्तर पर विकसित करने के लिए उन्होंने अमेरिका की मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (New York University) से बिजनेस लॉ में डिप्लोमा प्राप्त किया। अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत (Advocacy) के पेशे से अपने करियर की शुरुआत की और courtroom में अपनी बेहतरीन वकालत के लिए पहचानी गईं।

मारेकेश की पहली महिला मेयर से राष्ट्रीय राजनीति तक

कानून के क्षेत्र से राजनीति में कदम रखने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। वर्ष 2008 में जब 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' (PAM) की स्थापना हुई, तो फातिमा इसकी संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। अपनी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने पार्टी के भीतर तेजी से अपनी जगह बनाई।

साल 2009 का वर्ष उनके राजनीतिक करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। महज 35 वर्ष की कम उम्र में उन्हें मोरक्को के ऐतिहासिक और प्रमुख शहर मारेकेश (Marrakech) का मेयर चुना गया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं, जिसने रूढ़िवादी सामाजिक ढांचे में एक मिसाल कायम की। इसके बाद, वर्ष 2021 में उन्हें एक बार फिर माराकेश के लोगों ने अपना मेयर चुना, जो उनके प्रति जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है। मेयर के रूप में उनके सफल कार्यकाल को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय सरकार में आवास मंत्री (Housing Minister) की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने अपनी प्रशासनिक पकड़ का लोहा मनवाया।

प्रधानमंत्री के रूप में सामने खड़ी बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां

मोरक्को की प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालते ही फातिमा अल मंसूरी के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य को दिशा देने की भारी जिम्मेदारी आ गई है। उनके सामने कई ऐसी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं हैं जिन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा:

  • फीफा वर्ल्ड कप 2030 की मेजबानी: मोरक्को के लिए यह सबसे बड़ा कूटनीतिक और खेल अवसर है। देश वर्ष 2030 में स्पेन और पुर्तगाल के साथ मिलकर फीफा विश्व कप (FIFA World Cup) की संयुक्त मेजबानी करेगा। इस मेगा इवेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम, आधुनिक हाईवे, रेल नेटवर्क और होटलों जैसे विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना उनकी सरकार की प्राथमिक प्राथमिकता होगी।
  • भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्वास: देश के अल हौज क्षेत्र में आए विनाशकारी भूकंप के बाद वहां के पुनर्निर्माण और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के कार्यों को तेजी से गति देनी होगी, ताकि आम जनजीवन पूरी तरह पटरी पर लौट सके।
  • बेरोजगारी और आर्थिक विकास: देश के युवाओं के बीच बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। PAM पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में युवाओं के लिए दस लाख नई नौकरियां पैदा करने का वादा किया था। इस वादे को जमीन पर उतारना और देश में नए रोजगार के अवसर पैदा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
  • सामाजिक क्षेत्र में निवेश: आम जनता को महंगाई से राहत देने और स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश को बढ़ाने के लिए भी उन पर भारी दबाव रहेगा।

संक्षेप में कहें तो, फातिमा एज्जाहरा अल मंसूरी का प्रधानमंत्री बनना मोरक्को के राजनीतिक इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। एक सफल वकील, दूरदर्शी मेयर और कद्दावर मंत्री के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं फातिमा के सामने अब पूरे देश को एक सूत्र में पिरोकर विकास के रास्ते पर आगे ले जाने की बड़ी चुनौती है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि अरब जगत की यह प्रभावशाली महिला नेता अपनी कुशल कूटनीति और प्रशासनिक क्षमता से मोरक्को का भविष्य कैसे तय करती हैं।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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