शतरंज की बिसात पर अपने विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले ग्रैंडमास्टर और वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश अब अपनी उम्र के रंग में रंगते नजर आ रहे हैं। हाल ही में समरकंद में संपन्न हुए चेस ओलंपियाड के दौरान भारतीय दल के इस सितारे ने कुछ ऐसा किया, जिसने उनके फैंस और साथियों दोनों को सुखद हैरानी में डाल दिया। गंभीर और हमेशा अपनी चालों में खो रहने वाले गुकेश का एक ऐसा रूप सामने आया, जिसे शायद ही किसी ने पहले कभी सार्वजनिक रूप से देखा हो।
एयरपोर्ट पर वापसी के दौरान का एक वाकया इन दिनों काफी चर्चा में है। भारतीय ओपन सेक्शन टीम को सिल्वर मेडल दिलाने के बाद घर लौट रहे गुकेश ने साथी खिलाड़ी प्रज्ञानानंद के साथ एक छोटा सा वीडियो शूट किया। इस वीडियो में गुकेश ने चुटीले अंदाज में बताया कि कैसे एक फैन उनके पास फोटो खिंचवाने आया था, लेकिन उनका नाम भूलकर उन्हें प्रग्ग समझ बैठा। इस एक मिनट की छोटी सी क्लिप ने दुनिया को गुकेश का एक दूसरा पहलू दिखाया—वह 20 साल का युवा, जो हंसमुख और मस्तीखोर है।
बोर्ड पर गंभीर और बाहर मस्तमौला
भारतीय टीम के साथी खिलाड़ी विदित गुजराती इस बदलाव पर रोशनी डालते हुए कहते हैं कि बोर्ड पर दिखने वाले गुकेश और असल जिंदगी के गुकेश में जमीन-आसमान का फर्क है। वहीं, भारतीय टीम के कई संस्करणों में कोच रह चुके संकल्प गुप्ता, जिन्होंने 2023 में टर्किश लीग के दौरान गुकेश के इस जिंदादिल अंदाज को करीब से देखा था, बताते हैं कि दोनों बिल्कुल अलग इंसान जैसे लगते हैं।
हालांकि, जो लोग गुकेश को अच्छी तरह जानते थे, वे भी समरकंद में उनके इस रूप को देखकर हैरान रह गए। पिछले 18 महीनों से यह युवा खिलाड़ी लगातार खराब फॉर्म और उम्मीदों के भारी बोझ तले संघर्ष करता नजर आ रहा था। चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स में, जो ओलंपियाड से ठीक पहले उनका टूर्नामेंट था, वे एक भी मैच नहीं जीत पाए थे।
सफिंग, स्केटिंग और नई चीजें सीखने की ललक
भारतीय पुरुष ओलंपियाड टीम के कप्तान श्रीनाथ नारायणन बताते हैं, "अगस्त के आसपास, चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स के बाद, मैंने गुकेश में एक बदलाव देखा। वह सर्फिंग सीख रहे थे, थोड़ी बहुत स्केटिंग कर रहे थे और कई नई चीजें आजमा रहे थे। वह चेस से थोड़ा दूर समय बिताकर मजे करने की कोशिश कर रहे थे। यही रवैया ओलंपियाड में भी देखने को मिला। वह खुलकर आनंद ले रहे थे। जब हमारा ऑनलाइन ट्रेनिंग कैंप हुआ, तो गुकेश के जुड़ते ही माहौल हल्का हो गया था।"
श्रीनाथ पिछले कुछ वर्षों में गुकेश के भीतर आए इस बदलाव को बहुत करीब से महसूस करते हैं। उनके मुताबिक, साल 2022 में गुकेश टीम मीटिंग्स से दूर रहते थे और सिर्फ अपना मैच खेलने आते थे। लेकिन बुडापेस्ट ओलंपियाड से पहले उन्होंने महसूस किया कि गुकेश के भीतर एक आंतरिक बदलाव आया है, और वह टीम के साथ घुलना-मिलना चाहते हैं।
हॉस्टल जैसी मस्ती और टीम बॉन्डिंग
संकल्प गुप्ता याद करते हैं कि 2022 के ओलंपियाड में गुकेश एक 'लोन वुल्फ' (अकेले रहने वाले भेड़िये) की तरह थे। वे अकेले खाना खाते और अपने में रहते थे। लेकिन बाद के टूर्नामेंट्स में उन्होंने टीम मीटिंग्स में हिस्सा लेना शुरू किया। समय के साथ भारतीय कैंप में खिलाड़ियों के बीच की दूरियां कम हुईं और गपशप का दौर शुरू हुआ।
- टीम के सदस्यों के बीच वॉक करने के नियम बने।
- लंबी और मजेदार मीटिंग्स होने लगीं।
- 'प्लेयर ऑफ द राउंड' अवॉर्ड जैसी पहल शुरू हुई (जो खुद गुकेश का आइडिया था)।
समरकंद में तो खिलाड़ियों की मस्ती अपने चरम पर थी। कोचों का कहना है कि इस बार भारतीय टीम में गुकेश सबसे ज्यादा मजाकिया सदस्य साबित हुए। कप्तान श्रीनाथ बताते हैं कि टीम मीटिंग्स का माहौल किसी कॉलेज बॉयज हॉस्टल जैसा हो गया था, जहां शुरुआत में 5-10 मिनट की चर्चा होती थी, वह बाद में 40-45 मिनट के लंबे कैजुअल सेशन में बदल जाती थी।
बर्म्युडा पार्टी में माइकल जैक्सन का मूनवॉक
सबसे बड़ा सरप्राइज तब मिला जब छठे दौर के बाद पारंपरिक 'बर्म्युडा पार्टी' का आयोजन किया गया। उस दिन टीम का माहौल थोड़ा उदास था क्योंकि भारत को उज्बेकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। गुकेश का मैच ड्रॉ रहा था और निहाल एक जीता हुआ मुकाबला हार गए थे।
लेकिन उस शाम गुकेश और विदित पार्टी में पहुंचे और गुकेश ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। उन्होंने डांस किया। इतना ही नहीं, उन्होंने माइकल जैक्सन के मशहूर 'मूनवॉक' की नकल भी उतारकर सबको हैरान कर दिया।
श्रीनाथ कहते हैं, "उन पर कैमरों और अटेंशन का इतना दबाव रहता है कि अतीत में उनके लिए ऐसा करना बेहद कठिन था। लेकिन समरकंद में उन्होंने एक स्पष्ट फैसला किया कि वे इन सब बातों की परवाह नहीं करेंगे और एक सामान्य 20 साल के युवा की तरह खुलकर जिएंगे और आनंद लेंगे।"
चेस की दुनिया के इस बेताज बादशाह का यह नया और खुला हुआ रूप न सिर्फ उनके खेल के लिए बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक बेहतरीन संकेत माना जा रहा है।