ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य और पशुपालन अधिकारियों ने सिडनी में अत्यधिक संक्रामक माने जाने वाले H5N1 बर्ड फ्लू के पहले मामले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस घोषणा के बाद से ही पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक अमला और पशु चिकित्सा विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इस खतरनाक वायरस के इंसानों और अन्य पशुओं में तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए कड़े एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
सिडनी में वायरस की दस्तक: क्या हैं हालात?
सिडनी जैसे घनी आबादी वाले और प्रमुख शहर में बर्ड फ्लू के इस नए स्ट्रेन का पहुंचना वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों दोनों के लिए ही चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह वायरस बेहद संक्रामक है और बहुत कम समय में पक्षियों की बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले सकता है। हालांकि इंसानों में इसके संक्रमण के मामले दुर्लभ माने जाते हैं, फिर भी स्वास्थ्य एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम मोल लेने के मूड में नहीं हैं।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है जो मृत या बीमार पाए जाने वाले जंगली पक्षियों के नमूनों की तुरंत जांच कर रही हैं। आम जनता को भी लगातार अपडेट दिया जा रहा है ताकि लोग किसी भी अफवाह से बचें और पूरी सतर्कता बरतें.
पालतू पक्षी पालकों और आम नागरिकों के लिए विशेष निर्देश
प्रशासन ने उन लोगों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो अपने घरों के पिछले हिस्से (बैकयार्ड) में मुर्गियां या अन्य पालतू पक्षी पालते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि:
- पालतू पक्षियों को किसी भी कीमत पर जंगली पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचाएं।
- पक्षियों के बाड़ों और फीडर क्षेत्रों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- यदि किसी पक्षी में सुस्ती, खाना छोड़ना या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत पशु चिकित्सक को सूचित करें।
- संक्रमित इलाकों के आसपास के खुले बाजारों और पक्षी मेलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कुत्तों के मालिकों के लिए बड़ी चेतावनी
सिर्फ पक्षी पालक ही नहीं, बल्कि कुत्ते पालने वाले लोगों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने पालतू कुत्तों के मालिकों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे अपने कुत्तों को पार्कों या खुले मैदानों में घूमते समय जंगली पक्षियों के शवों (Dead Birds) या उनके अवशेषों से दूर रखें।
जानवरों के विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि कोई कुत्ता बर्ड फ्लू से संक्रमित किसी मृत पक्षी को खा लेता है, तो वायरस के उसके शरीर में प्रवेश करने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और यह वायरस अन्य घरेलू जानवरों में भी फैल सकता है। इसलिए वॉक पर जाते समय कुत्तों को लेदर लीश (पट्टे) में रखना और उन्हें जमीन पर पड़ी किसी भी संदिग्ध चीज से दूर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रशासन और विशेषज्ञों की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका केवल 'सावधानी' है। जनता से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह नियमों का पालन करें। यदि किसी को भी कहीं बड़ी संख्या में पक्षियों की संदिग्थ मौत दिखाई देती है, तो तुरंत वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट या संबंधित हेल्पलाईन नंबर पर इसकी सूचना दी जानी चाहिए।
आने वाले कुछ हफ्तों तक सिडनी और उसके आसपास के इलाकों में पशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। सरकार और स्वास्थ्य संगठन स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि इस संभावित संक्रमण को महामारी का रूप लेने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।