प्रतिभा किसी महानगर की चकाचौंध या महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जब इरादे फौलादी हों और कुछ कर गुजरने की जिद दिल में हो, तो संसाधनों की कमी भी सफलता के आगे घुटने टेक देती है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचल की बेटियां अब हर क्षेत्र में नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सीमित संसाधनों को पीछे छोड़ बुलंदियों की ओरहमीरपुर जिले के मुस्करा कस्बे में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज की तीन होनहार छात्राओं और एक छात्र ने अपनी मेहनत और पक्के इरादे के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व हो सकता है। इन चारों युवा खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) चैंपियनशिप के लिए हुआ है। खेल के इस बेहद चुनौतीपूर्ण और ताकतवर अनुशासन में अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि लगन सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 19, 20 और 21 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महामुकाबले में प्रदेश के सभी 18 मंडलों के चुनिंदा और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, और इन्हीं के बीच हमीरपुर के ये चार जांबाज भी अपना दमखम दिखाने उतरेंगे।
जिला से लेकर मंडल स्तर तक तय किया कड़ा सफरराज्य स्तर के इस बड़े मंच तक पहुंचना इन खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं था। इसके लिए उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धाओं के दौर से गुजरना पड़ा। सबसे पहले इन खिलाड़ियों ने अपने जिले में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने मंडल स्तर के मुकाबलों में अपनी खेल कला का लोहा मनवाया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या शिल्पी अग्रवाल ने इस बाबत जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए उनके विद्यालय से कुल चार विद्यार्थियों का चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पल है। चयनित खिलाड़ियों में कक्षा 12 के छात्र राकेश के अलावा कक्षा 11 की तीन प्रतिभाशाली छात्राएं हिमांशी राजपूत, काजल और रश्मि शामिल हैं। इन चारों ने अपनी फिटनेस, अनुशासन और तकनीक के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।चित्रकूट मंडल का बढ़ा मान
आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार चित्रकूट मंडल से कुल छह खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ है। इनमें से दो खिलाड़ी बांदा जिले से हैं, जबकि शेष चारों के चारों खिलाड़ी अकेले हमीरपुर जिले के राजकीय इंटर कॉलेज मुस्करा से ताल्लुक रखते हैं। यह आंकड़ा इस बात की गवाही देता है कि मुस्करा के इस शिक्षण संस्थान में खेलकूद और शारीरिक शिक्षा को कितना बेहतर माहौल मिल रहा है।
बता दें कि बीते 1 सितंबर को जिला स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न हुई थी, जिसके बाद चयनित खिलाड़ियों को मंडल स्तर पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। मंडल स्तर पर कुल सात खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन चार खिलाड़ियों ने सीधे राज्य स्तर के लिए टिकट पक्की करमार्गदर्शन और मेहनत का बेहतरीन तालमकिसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरुओं और अभिभावकों का अथक प्रयास होता है। राजकीय इंटर कॉलेज मुस्करा के शारीरिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और प्रधानाचार्या शिल्पी अग्रवाल का विशेष मार्गदर्शन इन बच्चों को लगातार मिलता रहा है। सुबह के कड़े अभ्यास सत्र, पसीना बहाना और अनुशासित जीवनशैली ने इन चारों को आज इस मुकाम पर ला खड़ा किया है।
खास तौर पर ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखने वाली इन बेटियों के लिए यह सफर पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ने वाला भी रहा है। समाज की दबी-छिपी सोच को पीछे छोड़ते हुए जब ये बेटियां भारी-भरकम वजन उठाने के अखाड़े में उतरीं, तो उन्होंने यह संदेश दिया कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हसहारनपुर में टिकी हैं सबकी निगाहें
अब पूरे जनपद और खेल प्रेमियों की निगाहें आगामी 19 से 21 सितंबर के बीच सहारनपुर में होने वाली उस महा-चैंपियनशिप पर टिक गई हैं, जहां उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से आए धुरंधर भारोत्तोलक आमने-सामने होंगे। हमीरपुर के ये चारों खिलाड़ी अपनी इस चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उनके चेहरे का आत्मविश्वास यह बता रहा है कि वे मेडल जीतकर ही लौटेंगे।
इनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत मिसाल बन चुकी है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर सही दिशा मिल जाए, तो गांव की मिट्टी में पलने वाले युवा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते है।