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अंतरराष्ट्रीय हलचल: हूती विद्रोहियों का रियाद और अरामको पर हमला, अमेरिकी राजनीति में उबाल

अंतरराष्ट्रीय हलचल: हूती विद्रोहियों का रियाद और अरामको पर हमला, अमेरिकी राजनीति में उबाल

वैश्विक पटल पर चल रही उठापटक के बीच दुनिया के कई हिस्सों से बड़ी और चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। मध्य पूर्व से लेकर अमेरिका तक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एक तरफ जहां हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के सामरिक ठिकानों पर बड़े हमलों का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राजनीति में भी जुबानी जंग तेज हो गई है। इसके अलावा, ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संभावित खतरे को लेकर एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है।

हूती विद्रोहियों के निशाने पर सऊदी अरब के मुख्य ठिकाने

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अरामको की रिफाइनरी और देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित कई अन्य सैन्य ठिकानों को अपने हमलों का निशाना बनाया है। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, इन हमलों में ड्रोन्स के साथ-साथ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया।

विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और राबिख स्थित अरामको रिफाइनरी पर सुनियोजित तरीके से हमले किए हैं। इन हमलों के बाद से मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। इन घटनाओं के जवाब में सऊदी नीत गठबंधन सेना ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है और यमन के हुदैदाह गवर्नरट में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है, जबकि सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेनाओं ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है।

स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में कमर्शियल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला

समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भी आज का दिन बेहद तनावपूर्ण रहा है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने जानकारी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक कमर्शियल टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस हमले के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए चालक दल के सदस्यों ने तुरंत मोर्चा संभाला।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या समुद्री पर्यावरण को क्षति पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली है। UKMTO ने इस मामले की पुष्टि करते हुए क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों द्वारा इस पूरी घटना की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे किसका हाथ था।

ब्रिटेन से बी-1 बॉम्बर्स वापस बुलाए गए, ईरान के संभावित खतरे का अंदेशा

एक अन्य बड़ी सामरिक घटनाक्रम के तहत, अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित अपने एयरबेस से सभी बी-1 बॉम्बर्स (B-1 bombers) विमानों को वापस बुला लिया है। 'वाल स्ट्रीट जर्नल' की पहली रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा संभावित ड्रोन हमले की खुफिया जानकारी मिलने के बाद उठाया गया है।

अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ईरान ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) एयरबेस पर तैनात अमेरिकी सैन्य कर्मियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। कुछ अधिकारियों का यह भी मानना है कि ईरान की यह योजना यूक्रेन द्वारा रूस के रणनीतिक बमवर्षक विमानों को नष्ट करने के तरीके से प्रेरित थी।

अमेरिकी राजनीति में गरमाया माहौल, डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर विवाद

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा मामलों के इतर, अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण कैरोलिना से सीनेट की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डॉ. एनी एंड्रयूज के खिलाफ एक विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणी का इस्तेमाल किया। ट्रम्प अपने पसंदीदा रिपब्लिकन उम्मीदवार सीनेटर डार्लिन ग्राहम के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट लिख रहे थे, उसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया।

इस तीखी टिप्पणी का जवाब देते हुए डॉ. एनी एंड्रयूज ने कहा कि वह इस चुनावी मैदान में अपने मरीजों, अपने तीन बच्चों और दक्षिण कैरोलिना के नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ने उतरी हैं। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य राज्य के परिवारों के लिए जीवन को बेहतर बनाना और खर्चों को कम करना है, जिसके लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष का बढ़ता दायरा

इन तमाम घटनाओं के बीच, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबियानिन ने जानकारी दी है कि हाल ही में रात के समय मॉस्को क्षेत्र की ओर 650 ड्रोन भेजे गए थे, जिनमें से 105 ड्रोन्स को रूसी राजधानी के पास ही मार गिराया गया। यह घटना दर्शाती है कि युद्ध का दायरा लगातार बढ़ रहा है और इसके परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। मध्य पूर्व में तेल रिफाइनरी और हवाई अड्डों पर हमले, स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में समुद्री जहाजों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा, और पश्चिमी देशों के सैन्य अड्डों पर मंडराते साए इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर हलचल और तेज हो सकती है। दुनिया भर की निगाहें इन तमाम घटनाओं के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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