क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन जब कोई टीम इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा ले, तो वह पल खेल प्रेमियों के लिए हमेशा के लिए यादगार बन जाता है। अक्टूबर 2026 के इस सुहाने शनिवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। नया चंडीगढ़ के पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम इंडिया ने रनों का ऐसा पहाड़ खड़ा किया कि मेहमान गेंदबाजों के होश उड़ गए।
शुरुआती झटकों से उबरकर बनाया विशाल स्कोर
मैच की शुरुआत भारत के लिहाज से बेहद डरावनी रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने महज 4 रन के स्कोर पर अपने शुरुआती दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। पारी के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर कप्तान शुभमन गिल मात्र 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके ठीक अगली गेंद पर अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली भी बिना खाता खोले जायडेन सील्स का शिकार बन गए। महज 4 रन पर दो विकेट गिर जाने से स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने कैरेबियाई गेंदबाजों की सारी रणनीति धरी की धरी रह गई।
मुश्किल समय में क्रीज पर आए रोहित शर्मा ने मोर्चा संभाला और उनका साथ देने आए ऋतुराज गायकवाड़। दोनों ने बेहद समझदारी और सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 132 गेंदों में 137 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी निभाई। इस साझेदारी ने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि टीम इंडिया को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
रोहित शर्मा शतक से चूके, लेकिन खेली अहम पारी
हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा इस मुकाबले में अपनी शानदार फॉर्म में नजर आ रहे थे। उन्होंने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। हालांकि, वह अपने शतक से महज 8 रन दूर रह गए और 92 के निजी स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। रोहित ने अपनी इस बेहतरीन पारी में 85 गेंदों का सामना किया, जिसमें 3 गगनचुंबी छक्के और 10 शानदार चौके शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद एक बार फिर से रन गति को बनाए रखने की जिम्मेदारी केएल राहुल के कंधों पर आ गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
केएल राहुल का जलवा, तोड़ा एमएस धोनी का रिकॉर्ड
मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरे केएल राहुल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दबाव की स्थिति में दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में क्यों गिने जाते हैं। राहुल ने मैदान के चारों तरफ बेहतरीन स्ट्रोक्स खेले और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने नाबाद 129 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसके लिए उन्होंने महज 87 गेंदों का सामना किया। इस तूफानी पारी के दौरान राहुल के बल्ले से 6 छक्के और 10 चौके निकले।
इस शानदार शतकीय पारी के साथ ही केएल राहुल ने भारत के लिए वनडे क्रिकेट में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। राहुल ने पूर्व दिग्गज कप्तान एमएस धोनी का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारत के लिए वनडे में नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची अब कुछ इस प्रकार हो गई है:
- युवराज सिंह: 139 रन (बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी 2004)
- एमएस धोनी: 134 रन (बनाम इंग्लैंड, कटक 2017)
- केएल राहुल: 129* रन (बनाम वेस्टइंडीज, नया चंडीगढ़ 2026)
- एमएस धोनी: 124 रन (बनाम ऑस्ट्रेलिया, नागपुर 2009)
राहुल के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 352 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। अंत में गुरनूर बरार ने भी नाबाद 8 रनों का योगदान दिया।
वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा बार 350+ स्कोर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस मैच में बने रनों के साथ ही भारतीय टीम ने एक ऐसा महारिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसके आस-पास भी दुनिया की कोई दूसरी टीम नहीं है। वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में यह 45वां मौका है जब टीम इंडिया ने 350 या उससे अधिक का स्कोर बनाया है। इस मामले में भारत ने पूरी दुनिया में अपनी बादशाहत कायम रखी है। शीर्ष टीमों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- भारत: 45 बार
- दक्षिण अफ्रीका: 36 बार
- ऑस्ट्रेलिया: 31 बार
- इंग्लैंड: 29 बार
- न्यूजीलैंड: 18 बार
यह रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा किस कदर कायम रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत की बल्लेबाजी का स्तर दुनिया भर में सबसे आक्रामक और निरंतर रहा है।
द्विपक्षीय सीरीज में छक्कों की बरसात
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही यह मौजूदा तीन मैचों की वनडे सीरीज छक्कों के मामले में भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई है। इस पूरी सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने जमकर छक्के बरसाए हैं। सिर्फ तीन मैचों की इस द्विपक्षीय सीरीज में भारत की ओर से कुल 45 छक्के लगाए जा चुके हैं। इससे पहले 3 मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था, जिन्होंने 2021 में भारत के खिलाफ भारत में ही 37 छक्के जड़े थे। हालांकि, ऑल-टाइम द्विपक्षीय सीरीज (विभिन्न मैचों के हिसाब से) में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड अभी भी ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के नाम है:
- 66 छक्के: ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, भारत में 2013 (6 मैचों की सीरीज)
- 66 छक्के: वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, वेस्टइंडीज में 2019 (5 मैचों की सीरीज)
- 55 छक्के: दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में 2023 (5 मैचों की सीरीज)
- 45 छक्के: इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, इंग्लैंड में 2019 (5 मैचों की सीरीज)
- 45 छक्के: भारत बनाम वेस्टइंडीज, भारत में 2026 (3 मैचों की सीरीज)
वेस्टइंडीज की गेंदबाजी और क्लीन स्वीप का सपना
भारतीय पारी के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआती सफलताएं तो दिलाईं, लेकिन वे मध्य और अंतिम ओवरों में रन प्रवाह को रोकने में नाकाम रहे। मेहमान टीम की ओर से जायडेन सील्स सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने कोटे के ओवरों में 62 रन खर्च करके 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनके अलावा कीमो पॉल ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई, जबकि स्पिनर गुडाकेश मोती के खाते में 1 सफलता आई।
भारतीय टीम शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा चुकी है। अब कप्तान शुभमन गिल और उनकी सेना की नजरें इस तीसरे मुकाबले को जीतकर वेस्टइंडीज का क्लीन स्वीप करने पर टिकी हैं। जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजों ने इस मैच में प्रदर्शन किया है, उसे देखकर यही लगता है कि मेहमान टीम के लिए इस लक्ष्य को हासिल करना एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब दूसरी पारी पर टिकी हैं कि क्या भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का सफलतापपूर्वक बचाव कर पाते हैं या नहीं।