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अमेरिका के साथ नई चाल: क्या इराक़ बदल रहा है अपनी पुरानी कूटनीति?

अमेरिका के साथ नई चाल: क्या इराक़ बदल रहा है अपनी पुरानी कूटनीति?

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर से करवट ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद वैश्विक मंच पर जो हलचल शुरू हुई थी, उसका असर अब खाड़ी देशों की नीतियों में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। इस बदलाव के केंद्र में इस बार इराक़ है। क्या इराक़ दशकों पुरानी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को छोड़कर अमेरिका के करीब आ रहा है? यह सवाल इस समय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है।

सक्रिय कूटनीति के साथ अली ज़ैदी का नया दौर

मई महीने में जब से इराक़ में नई सरकार ने कमान संभाली है, तब से देश की विदेश नीति में एक अकल्पनीय तेजी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री अली ज़ैदी ने सत्ता संभालते ही जिस आक्रामक और संतुलित कूटनीतिक शैली का परिचय दिया है, उसने पश्चिमी और एशियाई दोनों देशों को चौंका दिया है। कुछ ही हफ़्तों के अंतराल में उनका वॉशिंगटन, तेहरान और अंकारा का दौरा करना यह साफ संकेत देता है कि बगदाद अब क्षेत्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री ज़ैदी का यह दौरा महज औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक गहरी कूटनीतिक रणनीति काम कर रही है, जिसका मक़सद इराक़ को क्षेत्रीय संघर्षों से दूर रखकर उसके आर्थिक और सुरक्षा हितों को साधना है।

वॉशिंगटन की यात्रा और अमेरिका के साथ समीकरण

इराक़ के किसी भी प्रधानमंत्री के लिए वॉशिंगटन का दौरा हमेशा से एक संवेदनशील कूटनीतिक कदम रहा है। दशकों से अमेरिका और ईरान के बीच पिसते रहे इराक़ के लिए यह तय करना बेहद कठिन होता है कि वह किस धड़े के साथ कितनी नजदीकी रखे। लेकिन, अली ज़ैदी की अमेरिका यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि बगदाद वॉशिंगटन के साथ अपने सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

  • सुरक्षा सहयोग: इस्लामिक स्टेट के बचे-कुचे अवशेषों से निपटने के लिए अमेरिकी खुफिया और सैन्य मदद की निरंतरता।
  • आर्थिक सुधार: अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इराक़ी तेल और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित करना।
  • क्षेत्रीय स्थिरता: अमेरिका के साथ मिलकर खाड़ी क्षेत्र में तनाव को कम करने की दिशा में काम करना।

तेहरान और अंकारा के साथ संतुलन साधना

एक तरफ जहां वॉशिंगटन के साथ संबंध मजबूत किए जा रहे हैं, वहीं तेहरान को नाराज करना भी इराक़ के लिए आसान नहीं है। ईरान के साथ इराक़ के धार्मिक, सांस्कृतिक और गहरे आर्थिक संबंध हैं। प्रधानमंत्री ज़ैदी ने अपनी तेहरान यात्रा के दौरान यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियां ईरान के खिलाफ नहीं हैं।

इसके साथ ही, तुर्की की राजधानी अंकारा का दौरा कर उन्होंने सीमा सुरक्षा और जल प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर तुर्क नेतृत्व के साथ ठोस चर्चा की है। तुर्की और इराक़ के बीच कुर्दिश लड़ाकों के मुद्दे पर लंबे समय से तनाव रहा है, जिसे सुलझाने के लिए यह दौरा मील का पत्थर साबित हो सकता है.

क्या इराक़ सचमुच अपना पाला बदल रहा है?

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि 'पाला बदलना' शब्द इस स्थिति के लिए पूरी तरह सही नहीं होगा। इसे 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) कहना ज्यादा उचित होगा। इराक़ अब यह समझ चुका है कि उसे अपनी अर्थव्यवस्था को उबारने और देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय सभी प्रमुख ताकतों के साथ संतुलित संबंध रखने होंगे।

"आधुनिक कूटनीति में अब पारंपरिक 'ध्रुवीकरण' की जगह 'मल्टी-अलाइनमेंट' ने ले ली है। इराक़ की मौजूदा सरकार इसी राह पर आगे बढ़ रही है, जहां वे अमेरिका की तकनीकी और सैन्य ताकत का लाभ भी उठाना चाहते हैं और क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को भी नहीं तोड़ना चाहते।"

भविष्य की चुनौەتیयां और संभावनाएं

रास्ते आसान नहीं हैं। इराक़ के भीतर मौजूद ईरान समर्थक मिलिशिया समूह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की अत्यधिक नजदीकी का कड़ा विरोध करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री अली ज़ैदी के लिए घरेलू राजनीति में संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि वे आंतरिक विरोध को शांत करते हुए अपनी इस संतुलित विदेश नीति को जारी रखने में सफल होते हैं, तो यह न केवल इराक़ के लिए, बल्कि पूरे मध्य पूर्व के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: इराक़ के नए प्रधानमंत्री कौन हैं और उन्होंने कब पद संभाला?

उत्तर: इराक़ के नए प्रधानमंत्री अली ज़ैदी हैं, जिन्होंने इसी साल मई में सत्ता संभाली है।

Q2: प्रधानमंत्री अली ज़ैदी ने अपने शुरुआती हफ़्तों में किन देशों का दौरा किया है?

उत्तर: उन्होंने बहुत कम समय के अंतराल में वॉशिंगटन (अमेरिका), तेहरान (ईरान) और अंकारा (तुर्की) का दौरा किया है।

Q3: क्या इराक़ अमेरिका के पक्ष में अपना पाला बदल रहा है?

उत्तर: पूरी तरह पाला बदलने के बजाय, इराक़ 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति अपना रहा है, जिसके तहत वह अमेरिका और अपने क्षेत्रीय पड़ोसियों—दोनों के साथ संतुलित संबंध रखना चाहता है।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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