भारतीय सिनेमा के फलक पर जब भी किसी ऐसी फिल्म का जिक्र होता है, जिसने अपनी रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस के तमाम समीकरणों को बदलकर रख दिया, तो उसमें 'मैन ऑफ द मासेस' जूनियर एनटीआर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'देवरा: पार्ट 1' का नाम सबसे ऊपर आता है। आज इस ऐतिहासिक सिनेमाई सफर को पूरे दो साल बीत चुके हैं। साल 2024 के सितंबर महीने में जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी थी, तो दर्शक दीर्घा में जो दीवानगी देखने को मिली थी, वह आज भी सिने प्रेमियों के जेहन में तरोताजा है। आज यानी सितंबर 2026 में, इस फिल्म की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर आइए गहराई से विश्लेषण करते हैं कि आखिर क्यों 'देवरा' का यह सफर भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ।
एक खौफनाक समंदर और बदले की महागाथा
कोरातला शिवा के निर्देशन में बनी 'देवरा: पार्ट 1' कोई आम मसाला एक्शन फिल्म नहीं थी। यह एक ऐसी दुनिया की दास्तान थी, जिसे बड़े पर्दे पर कभी इस भव्यता के साथ नहीं दिखाया गया था। फिल्म की कहानी एक ऐसे खौफनाक और रहस्यमयी समंदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां डर ही सबसे बड़ी करेंसी था। जूनियर एनटीआर ने इस फिल्म में डबल रोल निभाया था- पिता देवरा और बेटा वारा। दोनों ही किरदारों में उनका अंदाज, बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी ने फैंस को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया था।
सिनेमाघरों में जब जूनियर एनटीआर पर्दे पर एंट्री लेते थे, तो थिएटर्स में सीटियां और तालियां रुकने का नाम नहीं लेती थीं। फिल्म के हर एक फ्रेम में जो रॉ एनर्जी (Raw Energy) नजर आती थी, उसने साबित कर दिया कि मास सिनेमा का मतलब केवल फाइट सीक्वेंस नहीं, बल्कि उसमें एक गहरी भावनात्मक पृष्ठभूमि का होना भी जरूरी है।
बॉक्स ऑफिस पर गाड़े थे सफलता के झंडे
जब 'देवरा' ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, तो ट्रेड एनालिस्ट्स की नजरें इसके पहले वीकेंड के आंकड़ों पर टिकी थीं। फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर जो तूफान खड़ा किया, उसने तमाम पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया। पहले ही दिन दुनिया भर में बंपर ओपनिंग दर्ज कराते हुए फिल्म ने यह साबित कर दिया कि जूनियर एनटीआर की स्टार पावर केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल लेवल पर उनका डंक बजता है।
- शानदार ओपनिंग: फिल्म ने पहले ही दिन वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 140 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस कमाई कर सनसनी फैला दी थी।
- नॉन-हॉलिडे रिलीज: किसी भी बड़े त्योहार या छुट्टी के बिना इतनी बड़ी ओपनिंग लेना अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था।
- ओवरसीज कलेक्शन: अमेरिका और खाड़ी देशों में जूनियर एनटीआर के फैंस ने इस फिल्म को ऐतिहासिक बना दिया था, जहां प्रीमियम प्रीमियर शो हाउसफुल रहे थे।
संगीत और एक्शन का ऐसा कॉम्बिनेशन जो आज भी है जुबान पर
किसी भी फिल्म की सफलता में उसके संगीत (Music) की बहुत बड़ी भूमिका होती है। 'देवरा' के मामले में अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत जादू बनकर बरसा। फिल्म के गाने जैसे 'चुट्टामल्ले' और 'दावudi' ने सोशल मीडिया पर रील्स और शॉर्ट्स की बाढ़ ला दी थी। आज दो साल बाद भी जब ये धुनें बजती हैं, तो लोगों के पैर खुद-ब-खुद थिरकने लगते हैं।
इसके अलावा, हॉलीवुड स्तर के एक्शन सीन्स, जिन्हें केन स्टेफनी और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्टंट निर्देशकों ने डिजाइन किया था, ने एक्शन जॉनर के मानकों को काफी ऊंचा उठा दिया था। खासकर क्लाइमैक्स का वो सीक्वेंस, जहां समंदर के बीच खूनी संघर्ष होता है, उसने दर्शकों की सांसें थाम दी थीं।
जान्हवी कपूर और सैफ अली खान की दमदार मौजूदगी
इस फिल्म से बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में धमाकेदार पदार्पण किया था। थंगम के रूप में उनकी सादगी और अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं, बॉलीवुड के 'नवाब' सैफ अली खान ने मुख्य खलनायक 'भैरा' की भूमिका निभाकर पर्दे पर खौफ का दूसरा नाम लिख दिया। देवरा और भैरा के बीच की तनातनी फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी (USP) साबित हुई। दोनों कलाकारों के बीच के आमने-सामने के दृश्य आज भी सिने प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।
'देवरा पार्ट 2' को लेकर फैंस की बढ़ी बेताबी
चूंकि यह फिल्म 'पार्ट 1' के रूप में रिलीज हुई थी, इसलिए इसके अंत ने दर्शकों के मन में अनगिनत सवाल छोड़ दिए थे। 'देवरा' के दो साल पूरे होने के मौके पर सोशल मीडिया पर #2YearsOfDevara ट्रेंड कर रहा है और फैंस लगातार मेकर्स से इसके सीक्वल यानी 'देवरा: पार्ट 2' को लेकर अपडेट्स मांग रहे हैं। ट्रेड जानकारों का मानना है कि जब इसका दूसरा भाग आएगा, तो वह पहले वाले पार्ट के भी सारे रिकॉर्ड्स तोड़ देगा, क्योंकि इस बार दांव और भी ज्यादा बड़े होने वाले हैं।
कुल मिलाकर, 'देवरा' सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने भारतीय सिनेमा को एक नया विजन दिया। दो साल का यह सफर इस बात गवाही देता है कि जब दमदार कहानी, बेहतरीन अभिनय और शानदार तकनीकी पक्ष का मेल होता है, तो सिनेमा इतिहास के पन्नों में अमर हो जाता है।