रसोई में काम करते समय अक्सर ऐसा होता है कि दाल या कोई अन्य व्यंजन थोड़ा बहुत बच जाता है। आमतौर पर लोग बची हुई मूंग दाल से अगली सुबह पराठे बना लेते हैं या फिर उसकी कोई सामान्य टिक्की तैयार कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही बची हुई दाल आपके स्नैक्स टाइम को पूरी तरह से बदल सकती है? जी हां, आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसा अनोखा तरीका जिससे आप बची हुई मूंग दाल से बेहद कुरकुरी और स्वादिष्ट मसाला चकली तैयार कर सकती हैं। यह स्नैक इतना क्रिस्पी होता है कि एक बार खाने के बाद परिवार का हर सदस्य इसकी मांग बार-बार करेगा।
पारंपरिक स्वाद में एक नया ट्विस्ट
चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन हर किसी का होता है। बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद नमकीन और स्नैक्स में कई तरह के प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। ऐसे में घर पर ही शुद्ध सामग्री से तैयार किया गया नाश्ता सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज से बेहतरीन होता है। बची हुई मूंग दाल का इस्तेमाल करके बनाई जाने वाली यह पतली और कुरकुरी मसाला चकली न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि यह फूड वेस्टेज को रोकने का भी एक शानदार तरीका है।
सितंबर 2026 के इस सुहाने मौसम में शाम की चाय के साथ कुछ नया और गरमागरम खाने का मजा ही अलग है। आइए जानते हैं इस यूनीक रेसिपी को बनाने की पूरी और आसान प्रक्रिया, जिसे आप बिना किसी झंझट के अपने ही किचन में तैयार कर सकती हैं।
आवश्यक सामग्री (Ingredients)
इस स्वादिष्ट चकली को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है। आपके घर की रसोई में मौजूद सामान्य चीजें ही इसके लिए काफी हैं:
- बची हुई मूंग दाल: 1 कप (पकी हुई और बिना तड़के या हल्के तड़के वाली)
- चावल का आटा: डेढ़ से दो कप (कुरकुरापन लाने के लिए)
- बेसन: 2 बड़े चम्मच (स्वाद और बाइंडिंग के लिए)
- 3>सफेद तिल: 1 छोटा चम्मच
- अजवाइन: आधा छोटा चम्मच (हाथों से क्रश की हुई)
- जीरा पाउडर या दरदरा कुटा जीरा: 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर या चिल्ली फ्लेक्स: स्वादानुसार
- हल्दी पाउडर: चौथाई चम्मच
- हींग: एक चुटकी
- नमक: स्वादानुसार
- गरम तेल: 2 बड़े चम्मच (मोइन के लिए)
- तलने के लिए: तेल
बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (Step-by-Step Recipe)
स्टेप 1: दाल को स्मूथ करना
सबसे पहले बची हुई मूंग दाल को मिक्सी के जार में डालें। अगर दाल में पानी ज्यादा नहीं है तो यह आसानी से पिस जाएगी। इसे पीसकर एक चिकना पेस्ट बना लें। पेस्ट बनाते समय ध्यान रखें कि इसमें दाल का कोई बड़ा टुकड़ा साबुत न बचा हो, अन्यथा चकली बनाते समय वह मशीन में फंस सकता है।
स्टेप 2: डो (आटा) तैयार करना
अब एक बड़े बर्तन में पिसी हुई मूंग दाल का पेस्ट लें। इसमें चावल का आटा, बेसन, सफेद तिल, अजवाइन, जीरा, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, हींग और नमक मिलाएं। इसके बाद इसमें 2 बड़े चम्मच गरम तेल का मोइन डालें। सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि मसाले पूरे मिश्रण में एकसार हो जाएं। अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए पूरी के आटे जैसा कड़ा आटा गूंथ लें। आटे को न तो बहुत ज्यादा नरम रखना है और न ही बहुत ज्यादा सख्त। गूंथने के बाद आटे को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि वह सेट हो जाए।
स्टेप 3: चकली मेकर का इस्तेमाल
चकली बनाने वाली मशीन (सांचा) लें और उसमें चकली वाले डिजाइन की जाली (जिसमें बारीक तारे होते हैं) सेट कर लें। मशीन के अंदरूनी हिस्से पर थोड़ा सा तेल लगा लें ताकि आटा चिपके नहीं। अब गूंथे हुए आटे में से थोड़ा हिस्सा लेकर उसे बेलनाकार आकार दें और मशीन के अंदर भरें। मशीन को ऊपर से कसकर बंद कर दें।
स्टेप 4: चकली का आकार देना
एक बटर पेपर या सूती साफ कपड़ा फैलाएं। मशीन को गोल-गोल घुमाते हुए बटर पेपर पर चकली का आकार बनाते जाएं। ध्यान रखें कि चकली बहुत मोटी न हो, पतली और गोल घुमावदार चकली तलने के बाद बेहद कुरकुरी बनती है। इसी तरह सारे आटे से चकली तैयार कर लें।
स्टेप 5: धीमी आंच पर तलना
कड़ाही में मध्यम आंच पर तलने के लिए तेल गरम करें। तेल बहुत ज्यादा खौल रहा नहीं होना चाहिए, वरना चकली बाहर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रह जाएगी। तेल के मध्यम गरम होने पर एक-एक या दो-दो चकली सावधानी से कड़ाही में डालें। इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरे और क्रिस्पी होने तक तलें। बीच-बीच में इन्हें पलटते रहें ताकि दोनों तरफ से एक जैसा रंग आए।
सुपर क्रिस्पी रखने के कुछ खास टिप्स
- आटे में चावल का आटा सही मात्रा में मिलाएं, क्योंकि यही चकली को लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखता है।
- तलते समय गैस की आंच का विशेष ध्यान रखें। अगर आंच तेज होगी तो चकली नरम पड़ जाएगी।
- पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही चकली को किसी एयर-टाइट डिब्बे में बंद करें, वरना नमी की वजह से उनका क्रंच कम हो सकता है।
स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल
यह मसाला चकली न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि मूंग दाल की वजह से इसमें प्रोटीन का हल्का पोषण भी मिल जाता है। शाम की चाय के साथ जब आप परिवार को यह क्रिस्पी नाश्ता परोसेंगे, तो कोई यह पहचान भी नहीं पाएगा कि यह बची हुई दाल से तैयार किया गया है। तो देर किस बात की? आज ही अपनी रसोई में इस आसान सी रेसिपी को ट्राई करें और अपने परिवार से तारीफें बटोरें।