ड्रैगन के गढ़ में भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपने खेल के स्तर से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। बीजिंग की धरती पर चल रहे प्रतिष्ठित डब्ल्यूटीटी चीन स्मैश 2026 टूर्नामेंट में भारत के स्टार पैडलर्स मानुष शाह और मानव ठक्कर ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। इस भारतीय जोड़ी ने पुरुष युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मेजबान देश चीन के दिग्गजों को धूल चटाते हुए सेमीफाइनल की टिकट पक्की कर ली है।
चीनी दिग्गजों को सीधे गेमों में चटाई धूल
गुरुवार को खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में मानुष शाह और मानव ठक्कर का सामना चीन की बेहद मजबूत जोड़ी लियांग जिंगकुन और शियांग पेंग से था। चीनी खिलाड़ियों को उनके घरेलू दर्शकों का भरपूर समर्थन मिल रहा था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने मानसिक मजबूती का अद्भुत परिचय देते हुए विरोधियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया।
दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला महज़ 19 मिनट के छोटे से अंतराल में अपने नाम कर लिया। मानुष और मानव ने शानदार तालमेल दिखाते हुए लियांग जिंगकुन और शियांग पेंग को सीधे गेमों में 3-0 से करारी शिकस्त दी। स्कोरकार्ड 11-9, 11-5, 11-4 रहा, जो इस बात की गवाही देता है कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, भारतीय खिलाड़ियों ने कोर्ट पर पूरी तरह से अपना शिकंजा कस लिया।
शुरुआती संघर्ष के बाद बनाया दबदबा
मैच की शुरुआत काफी रोमांचक रही। पहले गेम में चीनी जोड़ी ने कड़ी टक्कर दी और अंक जुटाने के लिए पूरा जोर लगाया। हालांकि, मानुष और मानव ने दबाव के पलों में संयम नहीं खोया और सूझबूझ दिखाते हुए पहला गेम 11-9 से अपने नाम किया।
पहला गेम जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसके बाद के दोनों गेमों में मानुष और मानव ने अपनी आक्रामक और तकनीकी रूप से बेहतरीन टेबल टेनिस का नजारा पेश किया। दूसरे गेम में उन्होंने चीन को सिर्फ 5 अंक ही बनाने दिए और 11-5 से जीत हासिल की। तीसरे और निर्णायक गेम में तो भारतीय जोड़ी ने पूरी तरह से आधिपत्य जमा लिया और महज़ 4 अंक गंवाकर 11-4 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया।
सेमीफाइनल में कड़ी चुनौती का इंतजार
अंतिम चार में पहुंच चुकी इस भारतीय जोड़ी की नजरें अब खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं। सेमीफाइनल में मानुष और मानव का मुकाबला एक और कड़े इम्तिहान से होगा। उनका सामना स्वीडन की अनुभवी जोड़ी एंटोन कालबर्ग और क्रिस्टियन कार्लसन तथा दक्षिण कोरिया के धुरंधर लिम जोंगहून और ओ जुनसोंग के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
वर्तमान फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि मानुष और मानव जिस तरह के ले में चल रहे हैं, उसे देखते हुए वे किसी भी बड़ी जोड़ी को कड़ी टक्कर देने का माद्दा रखते हैं। भारत के इस प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय टेबल टेनिस अब दुनिया की महाशक्तियों को पछाड़ने की क्षमता रखता है।
मिश्रित युगल में भी मानुष पर रहेंगी निगाहें
पुरुष युगल की सफलता के बाद मानुष शाह का सफर यहीं थमता नहीं है। गुरुवार को ही वह मिश्रित युगल (Mixed Doubles) के सेमीफाइनल मुकाबले में भी कोर्ट पर उतरेंगे। इस वर्ग में मानुष के साथ दिया चिताले की जोड़ी मैदान पर उतरेगी।
मिश्रित युगल के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे की खतरनाक जोड़ी लिन युन-जू और चेंग आई-चिंग से होगा। चीनी ताइपे की यह जोड़ी एशियाई सर्किट में बेहद मजबूत मानी जाती है, ऐसे में मानुष और दिया के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा। लेकिन जिस तरह का फॉर्म मानुष शाह इस पूरे टूर्नामेंट में दिखाते आए हैं, उससे देश भर के खेल प्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
भारतीय टेबल टेनिस के लिए स्वर्णिम पल
बीजिंग में आयोजित हो रहे इस विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनता जा रहा है। टेबल टेनिस जैसे खेल में जहां पारंपरिक रूप से एशियाई दिग्गजों जैसे चीन और कोरिया का दबदबा माना जाता था, वहां भारत के युवाओं का इस तरह से अपनी छाप छोड़ना एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
पूरा देश अब मानुष शाह और मानव ठक्कर के आगामी मुकाबलों पर अपनी नजरें टिकाए बैठा है। खेल प्रशंसकों को पूरी उम्मीद है कि यह जोड़ी चीन की भूमि पर तिरंगा लहराते हुए देश के लिए एक और गौरवशाली इतिहास रचेगी।