मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति में एक बार फिर से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर दावा किया है. नेतन्याहू के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है, खासकर तब जब देश में आम चुनावों की तारीख नजदीक आ रही है.
तेल नोफ एयर बेस से नेतन्याहू का कड़ा संदेश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार (29 सितंबर, 2026) को शाम के वक्त तेल नोफ एयर बेस का दौरा किया. इस सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश जारी किया. इस वीडियो के जरिए उन्होंने न सिर्फ देश की जनता को आश्वस्त किया, बल्कि इजरायल के दुश्मनों को सीधे शब्दों में चेतावनी भी दी.
नेतन्याहू ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'हमारे पास पुख्ता खुफिया जानकारी है कि आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले चुनावों से ठीक पहले हमारे दुश्मन हम पर हमला करने की कोशिश कर सकते हैं.' उन्होंने कहा कि वे इजरायल की वायुसेना के उस ठिकाने से यह बात कह रहे हैं, जिसके हाथ बहुत लंबे हैं. पीएम ने स्पष्ट किया, 'हमसे उलझना मत, हमारे साथ खिलवाड़ करने की भूल न करें—न अभी और न ही कभी भविष्य में. हमारे लंबे हाथ दुनिया के किसी भी कोने में और किसी भी वक्त आप तक पहुंच सकते हैं.'
खुफिया इनपुट और सैन्य तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के बयानों के गहरे मायने होते हैं. नेतन्याहू जिस तरह से रक्षा बलों (IDF) की आगामी रणनीतियों और सुरक्षा इनपुट का खुले तौर पर जिक्र कर रहे हैं, उससे साफ है कि इजरायली सेना किसी भी अप्रत्याशित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है. हाल के हफ्तों में गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य कार्रवाई तेज हुई है, और प्रधानमंत्री कार्यालय के दावों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ही 100 से अधिक आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है.
मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ईरान समर्थित मिलिशिएस या अन्य मोर्चों से इजरायल पर दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है. हालांकि, नेतन्याहू का यह आक्रामक रुख यह बताने के लिए काफी है कि इजरायल किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार बैठा है.
वेस्ट बैंक हिंसा पर पीएम नेतन्याहू का सख्त रुख
बाहरी खतरों के अलावा, इजरायल के भीतर आंतरिक मोर्चे पर भी सरकार काफी सतर्क नजर आ रही है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में वेस्ट बैंक में यहूदी चरमपंथियों द्वारा की गई हिंसा की कड़ी निंदा की है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, 'दंगों में शामिल मुट्ठीभर लोग यहूदिया और सामरिया के कानून का पालन करने वाले आम नागरिकों का प्रतिनिधित्व कतई नहीं करते हैं.' नेतन्याहू ने आगे कहा कि ऐसे तत्व न सिर्फ बहुसंख्यक समाज के साथ गंभीर अन्याय कर रहे हैं, बल्कि उन सुरक्षा बलों के अभियानों में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं जो अपने देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात मिशन में जुटे हैं.
चुनाव नजदीक, सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
इजरायल में आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है. ऐसे में सुरक्षा के मुद्दों का केंद्र में आना स्वाभाविक है. नेतन्याहू की यह चेतावनी इस बात का प्रतीक है कि मौजूदा सरकार बाहरी और आंतरिक दोनों मोर्चों पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब मिडिल ईस्ट की इस बदलती हुई तस्वीर पर टिकी हुई हैं कि आने वाले दिनों में यह तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है.