स्मार्टफोन आज हमारे जीवन का एक ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना एक पल भी गुजारना नामुमकिन सा लगता है। सुबह की पहली अलार्म से लेकर रात की आखिरी सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग तक, यह हर वक्त हमारे हाथों में रहता है। लगातार इस्तेमाल की वजह से इस पर धूल, मिट्टी, उंगलियों के निशान और बैक्टीरिया जमना बेहद स्वाभाविक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फोन को साफ करने का आपका तरीका ही इसे मौत के मुंह में धकेल रहा है? लोग अक्सर फोन को चमकाने के चक्कर में कुछ ऐसी बड़ी भूल कर बैठते हैं, जिससे डिस्प्ले और इंटरनल पार्ट्स को भारी नुकसान पहुंचता है।
फोन की सफाई में लोग अक्सर करते हैं ये गंभीर भूलें
जब फोन गंदा होता है, तो हम बिना सोचे-समझे जो हाथ में आया, उससे उसे रगड़ने लगते हैं। कई लोग तो कांच साफ करने वाले स्प्रे या अल्कोहल का इस्तेमाल सीधे स्क्रीन पर कर देते हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो ये ऐसी आदतें हैं जो फोन की चमक तो दूर, उसकी जिंदगी भी कम कर देती हैं। आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में जिनसे आपको आज ही तौबा कर लेनी चाहिए।
- ग्लास क्लीनर का इस्तेमाल: अमोनिया और अन्य कठोर रसायनों वाले क्लीनर फोन की स्पेशल ओलेफोबिक (oleophobic) कोटिंग को हमेशा के लिए मिटा देते हैं।
- सीधे स्प्रे करना: कभी भी लिक्विड को सीधे फोन पर न छिड़कें। यह चार्जिंग पोर्ट या स्पीकर ग्रિલ के जरिए अंदर जा सकता है।
- खुरदरे कपड़ों का प्रयोग: तौलिए, टिशू पेपर या किचन नैपकिन के इस्तेमाल से स्क्रीन पर महीन खरोंचें (scratches) आ जाती हैं।
- टूथपेस्ट या बेकिंग सोडा का टोटका: सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे घरेलू नुस्खे स्क्रीन को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं।
स्मार्टफोन की बॉडी और स्क्रीन साफ करने का परफेक्ट तरीका
यदि आप अपने महंगे स्मार्टफोन को लंबे समय तक नया जैसा बनाए रखना चाहते हैं, तो उसकी सफाई एक निश्चित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। इसके लिए आपको किसी महंगे गैजेट की जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी और सही सामग्री की आवश्यकता है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
पहला कदम - फोन को बंद करें: सफाई शुरू करने से पहले हमेशा अपने स्मार्टफोन को पूरी तरह से शट-डाउन (Power Off) कर दें। इससे शॉर्ट सर्किट का जोखिम शून्य हो जाता है। साथ ही, अगर कोई कवर या केस लगा है, तो उसे भी हटा दें।
दूसरा कदम - माइक्रोफाइबर कपड़े का चुनाव: हमेशा एक साफ और मुलायम माइक्रोफाइबर क्लॉथ (Microfiber Cloth) का ही उपयोग करें। यह वही कपड़ा है जिससे चश्मे या महंगे कैमरों के लेंस साफ किए जाते हैं।
तीसरा कदम - सही लिक्विड सॉल्यूशन: यदि कपड़ा सूखा होने पर दाग नहीं छूट रहे हैं, तो उस पर हल्का सा डिस्टिल्ड वॉटर (आसुत जल) या 70 प्रतिशत आइसोप्रोपिल अल्कोहल (IPA) की कुछ बूंदें छिड़कें। याद रखें, कपड़ा केवल नम होना चाहिए, गीला नहीं।
कोने-कोने की सफाई और विशेष सावधानियां
स्क्रीन के अलावा चार्जिंग पोर्ट, हेडफोन जैक और स्पीकर ग्रिल्स में धूल के बारीक कण जमा हो जाते हैं। इन्हें साफ करने के लिए कभी भी लोहे की पिन या सुई का इस्तेमाल न करें। इसके बजाय आप एक बहुत ही मुलायम ब्रिसल्स वाले टूथब्रश का हल्का इस्तेमाल कर सकते हैं। पोर्ट्स की सफाई के लिए लकड़ी के टूथपिक का उपयोग करना अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, बशर्ते आप अत्यधिक सावधानी बरतें।
विशेषज्ञों की सलाह को न करें नजरअंदाज
आज के समय में फोन सिर्फ कॉलिंग का जरिया नहीं, बल्कि हमारी पूरी डिजिटल दुनिया है। ऐसे में इसकी हाइजीन और मेंटेनेंस बेहद जरूरी है। हफ्ते में कम से कम एक बार अपने डिवाइस को सही तरीके से सैनिटाइज और क्लीन करें। ऐसा करने से न केवल आपका फोन चमचमाता रहेगा, बल्कि आपकी सेहत भी खतरनाक बैक्टीरिया से सुरक्षित रहेगी। अगली बार जब आप अपने फोन को चमकाने बैठें, तो इन बातों को गांठ बांध लें ताकि आपका डिवाइस हमेशा सुरक्षित रहे।