भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा एक बार फिर मैदान पर बड़ा इतिहास रचने के मुहाने पर खड़े हैं। साल 2026 के इस दौर में जब क्रिकेट का पारा सातवें आसमान पर है, भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ एक रोमांचक श्रृंखला के लिए पूरी तरह तैयार है। 39 साल के हो चुके रोहित शर्मा के लिए यह सीरीज केवल एक और टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि उनके शानदार करियर का एक बेहद अहम पड़ाव है, जहां उन्हें अपने आलोचकों को करारा जवाब देने के साथ-साथ खुद को एक बार फिर साबित करना होगा। इस सीरीज के पहले ही मुकाबले में उतरते ही रोहित एक ऐसा मुकाम छू लेंगे जो अब तक गिने-चुने भारतीय दिग्गजों के नाम ही दर्ज है।
सचिन और सहवाग के खास क्लब में होगी एंट्री
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले पहले वनडे मुकाबले में मैदान पर कदम रखते ही रोहित शर्मा बतौर सलामी बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में अपनी 200 पारियां पूरी कर लेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह मुकाम हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। भारत के लिए इस फॉर्मेट में बतौर ओपनर 200 से ज्यादा पारियां खेलने का कारनामा अब तक सिर्फ तीन महान बल्लेबाजों ने ही किया है। इस एलीट लिस्ट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का नाम शामिल है। अब इस खास फेहरिस्त में रोहित शर्मा का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में जुड़ने जा रहा है।
शुरुआती संघर्ष से लेकर 'हिटमैन' बनने तक का सफर
रोहित शर्मा के लिए क्रिकेट का यह सफर कभी भी आसान नहीं रहा है। साल 2007 में भारतीय टीम के लिए अपना वनडे डेब्यू करने वाले रोहित को अपनी असली पहचान मिलने में काफी लंबा वक्त लगा। शुरुआती छह सालों तक वह अक्सर मध्यक्रम (Middle Order) में बल्लेबाजी करते हुए नजर आए, जहां वह कभी अंदर तो कभी बाहर होते रहते थे। उनके करियर का वह दौर ऐसा था जब निरंतरता की कमी के चलते उनकी क्षमता पर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि, साल 2013 का साल भारतीय क्रिकेट और रोहित शर्मा दोनों के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में पारी की शुरुआत (Opening) करने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरने के बाद रोहित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार हो गए।
सलामी बल्लेबाज के रूप में रोहित का सफरनामा
बतौर ओपनर रोहित शर्मा के सफर पर अगर नजर डाली जाए, तो हर पड़ाव पर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है:
- पहली पारी: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बतौर सलामी बल्लेबाज अपनी पहली पारी में उन्होंने 23 रन बनाए थे।
- 50वीं पारी: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मील के पत्थर तक पहुंचते हुए उन्होंने 34 रनों की जुझारू पारी खेली थी।
- 100वीं पारी: चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपनी 100वीं ओपनिंग पारी में उन्होंने शानदार अर्धशतक (52 रन) जड़ा था।
- 150वीं पारी: वेस्टइंडीज के खिलाफ ही खेली गई अपनी 150वीं ओपनिंग पारी में उन्होंने टीम के लिए अहम 17 रन जोड़े थे।
और अब, वेस्टइंडीज के खिलाफ ही अपनी 200वीं पारी खेलकर वह इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर उनके बल्ले पर टिकी हैं कि क्या वह इस ऐतिहासिक मैच को अपनी किसी बड़ी और यादगार पारी से और भी ज्यादा खास बना पाएंगे या नहीं।
क्या आगामी वर्ल्ड कप 2027 के लिए तय होगी राह?
क्रिसमस और नए साल के बाद क्रिकेट का रोमांच और बढ़ गया है, और सभी की नजरें भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स पर हैं। रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में रिकॉर्ड तीन दोहरे शतक दर्ज हैं, जो आज भी क्रिकेट जगत में एक मिसाल हैं। ऐसे समय में यदि वह इस सीरीज में अपनी पुरानी लय हासिल कर लेते हैं और कोई बड़ी पारी या एक और दोहरा शतक जड़ देते हैं, तो आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम में उनकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की निगाहें भी इस सीरीज पर टिकी हैं क्योंकि रोहित को इस पूरी श्रृंखला के तीनों मैचों में खेलने का पूरा मौका मिलने वाला है। ऐसे में 'हिटमैन' के पास अपने आलोचकों का मुंह बंद करने और खुद को एक बार फिर निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठ साबित करने का सुनहरा मौका है।
युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभव की परीक्षा
यह श्रृंखला केवल रोहित शर्मा के व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के बारे में ही नहीं है, बल्कि भारतीय टीम के लिहाज से भी काफी संवेदनशील है। टीम के अन्य सीनियर और युवा खिलाड़ियों पर भी इस सीरीज के दौरान दबाव रहने वाला है, क्योंकि खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ियों के लिए यह कमबैक करने का आखिरी मौका साबित हो सकता है। ऐसे में रोहित शर्मा की कप्तानी या उनका सीनियर खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर मौजूद रहना टीम के बाकी सदस्यों का हौसला बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या रोहित शर्मा अपने इस 200वें मुकाबले में शतकीय या दोहरे शतकीय अंदाज में वापसी करते हैं या नहीं। क्रिकेट के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या यह सीरीज रोहित के करियर का दूसरा सबसे स्वर्णिम अध्याय लिखेगी। मैदान पर उतरने के बाद जब वह पहली गेंद का सामना करेंगे, तो पूरा देश उनकी इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए तैयार बैठा होगा।