यदि आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो इस साल अपना आशियाना बनवाने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। घर की नींव से लेकर उसकी छत तक को मजबूत बनाने वाले सबसे अहम मटेरियल यानी सरिया (TMT Steel Bars) की कीमतों में अचानक जोरदार तेजी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली से लेकर दूर-दराज के तटीय राज्य गोवा तक, देश के प्रमुख बाजारों में सरिया के भाव आसमान छूने लगे हैं। इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट का पूरा गणित बिगाड़ कर रख दिया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि निर्माण सामग्री के महंगे होने से अब मकान बनाने की कुल लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक का अतिरिक्त इजाफा हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सरिया के ताजा रेट क्या चल रहे हैं और अचानक आई इस तेजी के पीछे की असल वजह क्या है।
दिल्ली से गोवा तक: क्या है सरिया का ताजा रेट?
आमतौर पर देश के विभिन्न हिस्सों में ढुलाई और स्थानीय मांग के आधार पर सरिया की कीमतों में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिलता है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के बड़े महानगरों और औद्योगिक केंद्रों में टीएमटी एसआरए के दाम इस प्रकार हैं:
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर के बाजारों में ब्रांडेड सरिया का भाव अब बढ़कर 52,000 से 55,000 रुपये प्रति टन के पार पहुंच गया है। लोकल ब्रांड्स के रेट भी इस उछाल से अछूते नहीं हैं।
- रायपुर (छत्तीसगढ़): स्टील उत्पादन के बड़े गढ़ माने जाने वाले रायपुर में भी कीमतों में तेजी आई है, जहां प्राइमरी और सेकेंडरी टीएमटी बार्स के दाम ऊपर की ओर ट्रेड कर रहे हैं।
- गोवा और पश्चिमी तटीय क्षेत्र: गोवा जैसे राज्यों में, जहां बाहरी राज्यों से मटेरियल ट्रांसपोर्ट होकर पहुंचता है, वहां ढुलाई लागत जुड़ने के कारण ग्राहकों को और भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। यहां कीमतें अन्य उत्तर भारतीय राज्यों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा दर्ज की जा रही हैं।
- मुंबई और पुणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के बाजारों में भी पिछले कुछ हफ्तों में सरिया की कीमतों में 2,000 से 3,000 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी देखी गई है।
घर बनवाना अब क्यों हुआ इतना महंगा?
आम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर अचानक से सरिया के दाम क्यों बढ़ गए हैं? कमोडिटी मार्केट के जानकारों के मुताबिक, इस अचानक आए उछाल के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
- कच्चे माल (Raw Material) की लागत बढ़ना: स्पंज आयरन, कोक और आयरन ओर (लह अयस्क) की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी आई है, जिसका सीधा असर फिनिश प्रोडक्ट यानी सरिया की लागत पर पड़ा है।
- माग और आपूर्ति का असंतुलन: इन दिनों देश के कई हिस्सों में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम तेज गति से चल रहा है। निर्माण कार्यों में भारी डिमांड के मुकाबले सप्लाई उस अनुपात में नहीं बढ़ पा रही है, जिससे कीमतों को ऊपर धकेलने में मदद मिली है।
- ऊर्जा और परिवहन खर्च: डीजल और बिजली की बढ़ती लागत ने फैक्ट्रियों से लेकर निर्माण स्थल तक सरिया पहुंचाने के खर्च (Freight Cost) को बढ़ा दिया है।
आम आदमी के बजट पर सीधा असर
एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार जब घर बनाने की योजना बनाता है, तो वह महीनों पहले से अपने पैसों का बजट तैयार करता है। ऐसे में अचानक हुए इस बदलाव से पूरा कैलकुलेशन फेल हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक 1000 वर्ग फीट का मकान बनवा रहे हैं, तो उसमें टन के हिसाब से लगने वाले लोहे की बढ़ी हुई कीमत का असर आपके कुल बजट पर सीधे तौर पर हजारों-लाखों रुपये के रूप में पड़ेगा। सीमेंट और ईंटों के बाद सरिया सबसे महंगा आइटम होता है, इसलिए इसमें जरा सा भी उतार-चढ़ाव जेब पर भारी पड़ता है।
बिल्डर्स और जानकारों की सलाह
रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की बजाय सूझबूझ से काम लेना चाहिए। यदि आप अभी निर्माण कार्य शुरू करने जा रहे हैं, तो थोक में एकमुश्त मटेरियल खरीदने से पहले स्थानीय बाजार के रुख पर कुछ दिनों तक नजर जरूर रखें। इसके अलावा, अच्छी गुणवत्ता (ISI Mark) वाले सरिया का ही चुनाव करें, भले ही वह थोड़ा महंगा हो, क्योंकि घर की मजबूती से समझौता करना भविष्य में भारी पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या आने वाले दिनों में सरिया के दाम और बढ़ सकते हैं?
उत्तर: बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे माल की स्थिति को देखते हुए कीमतें अभी कुछ हफ्तों तक इसी उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं या मामूली उतार-चढ़ाव देख सकती हैं।
Q2: क्या लोकल और ब्रांडेड सरिया की कीमतों में बड़ा अंतर है?
उत्तर: हां, लोकल अनब्रांडेड सरिया हमेशा ब्रांडेड टीएमटी बार्स (जैसे टाटा टिस्कॉन, जिंदल पैंथर आदि) से 3,000 से 5,000 रुपये प्रति टन सस्ता मिलता है, लेकिन मजबूती के लिहाज से इंजीनियर हमेशा ब्रांडेड सरिया की ही सलाह देते हैं।
Q3: घर बनवाने की कुल लागत पर इसका कितना असर पड़ेगा?
उत्तर: सरिया की कीमतों में आए उछाल से मकान के निर्माण की कुल लागत में लगभग 8% से 12% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।