फेस्टिव सीजन से ठीक पहले भारतीय बाजार में दोपहिया वाहन खरीदारों के लिए एक बड़ा विकल्प सामने आया है। टीवीएस (TVS) ने अपनी लोकप्रिय नियो-रेट्रो मोटरसाइकिल रोनिन (Ronin) के लाइनअप में एक नया बेस प्लस (Base+) वेरिएंट जोड़ दिया है। इस नए वेरिएंट के आने के बाद अब ग्राहकों के पास बेस+, मिड और टॉप-एंड वेरिएंट का विकल्प आ गया है। लेकिन, सबसे बड़ा असमंजस तब पैदा होता है जब खरीदार कीमत और फीचर्स के इस गणित को सुलझाने की कोशिश करते हैं।
नई टीवीएस रोनिन बेस+ की एक्स-शोरूम दिल्ली कीमत 1,42,490 रुपये रखी गई है, जबकि इसका मिड वेरिएंट 1,51,540 रुपये की कीमत पर आता है। यदि आप इन दोनों के बीच गणितीय अंतर देखें, तो यह सिर्फ 9,050 रुपये का बैठता है। ऐसे में हर समझदार खरीदार के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या महज 9,050 रुपये अतिरिक्त खर्च करके मिड वेरिएंट लेना समझदारी है, या फिर बेस+ के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए? आइए इस असमंजस को दूर करते हैं और गहराई से समझते हैं कि आपके लिए कौन-सा वेरिएंट सबसे मुफीद रहेगा।
इंजन हर वेरिएंट में एक जैसा, फिर पैसे किस बात के?
तुलना की शुरुआत करते ही सबसे राहत भरी बात यह है कि रोनिन के चाहे आप बेस+ खरीदें, मिड खरीदें या फिर टॉप वेरिएंट चुनें, आपको मिलने वाला दिल यानी इंजन बिल्कुल एक जैसा ही है। तीनों ही मॉडल्स में 225.9cc का सिंगल-सिलेंडर, ऑयल-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो लगभग 20.4hp की पावर और 19.9Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
इसका मतलब साफ है कि महंगा वेरिएंट चुनने से आपको ज्यादा हॉर्सपावर या तेज रफ्तार नहीं मिलने वाली है। आप जो अतिरिक्त पैसे चुकाएंगे, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजों के लिए होंगे:
- ब्रेकिंग सेफ्टी (डुअल-चैनल ABS)
- स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और क्लस्टर फीचर्स
- चार्जिंग सुविधा (Type-C USB)
- सस्पेंशन फिनिश और विजुअल एस्थेटिक्स
- ट्रैक्शन कंट्रोल (केवल टॉप वेरिएंट में)
- एर्गोनॉमिक्स और सीट कंफर्ट
TVS Ronin Base+: कम कीमत में दमदार सेफ्टी
नया बेस+ वेरिएंट इस पूरे लाइनअप में एक मास्टरस्ट्रोक की तरह है, क्योंकि यह कम कीमत पर 'डुअल-चैनल एबीएस' (Dual-Channel ABS) की सुरक्षा मुहैया कराता है। डुअल-चैनल एबीएस का मतलब है कि अचानक ब्रेक लगाने पर या फिसलन भरी सड़कों (जैसे बारिश या गीली सड़क) पर आगे और पीछे दोनों पहियों पर पहिया लॉक होने का खतरा टल जाता है।
यदि आपका बजट बिल्कुल टाइट है और आपकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ राइडिंग सेफ्टी और रॉ मोटरसाइकिलिंग का अनुभव है, तो बेस+ वेरिएंट आपको निराश नहीं करेगा। इसमें आपको वही शानदार लो-एंड टॉर्क मिलता है जो ट्रैफिक में गाड़ी चलाना आसान बनाता है।
सिर्फ ₹9,050 ज्यादा देकर मिड वेरिएंट में क्या मिलता है?
अब बात करते हैं उस विकल्प की जो सबसे ज्यादा चर्चा में है। बेस+ और मिड के बीच सिर्फ 9,050 रुपये का अंतर है। इस छोटी सी रकम को चुकाने पर आपको कनेक्टेड इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टीवीएस स्मार्टएक्सोनेक्ट (SmartXonnect) कनेक्टिविटी, टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट और गोल्ड-फिनिश USD फोर्क्स मिलते हैं।
यदि आप रोजाना स्मार्टफोन पर नेविगेशन का इस्तेमाल करते हैं, शहर से बाहर वीकेंड पर लंबी राइड्स पर जाते हैं, और अपनी बाइक को अगले 4-5 साल तक अपने पास रखने की सोच रहे हैं, तो यह 9,050 रुपये का मामूली अंतर आपको लंबी अवधि में बहुत वैल्यू देगा। एक टाइप-सी चार्जर और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन रोजमर्रा की भागदौड़ में बेहद काम आते हैं।
क्या आपको टॉप वेरिएंट (Top Variant) की तरफ देखना चाहिए?
रोनिन के टॉप वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 1,63,640 रुपये है। यह मिड वेरिएंट से करीब 12,100 रुपये और बेस+ वेरिएंट से लगभग 21,150 रुपये महंगा है। टॉप वेरिएंट में आपको ट्रैक्शन कंट्रोल (Traction Control System), प्रीमियम सीट और एडजस्टेबल लीवर्स जैसी एडवांस सुविधाएं मिलती हैं।
ट्रैक्शन कंट्रोल विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो हर मौसम में, हर तरह के रास्तों पर बेझिझक बाइक दौड़ाना पसंद करते हैं। यह रियर व्हील को फिसलने से बचाता है। हालांकि, यदि आपका इस्तेमाल सिर्फ शहर के भीतर ऑफिस आने-जाने तक सीमित है, तो शायद ट्रैक्शन कंट्रोल की जरूरत उतनी महसूस न हो।
आपके लिए कौन-सा वेरिएंट है सबसे सही? (Quick Buyer Guide)
- शहर के रोजाना सफर के लिए: यदि बाइक का 90% इस्तेमाल सिर्फ ट्रैफिक भरे रास्तों, कॉलेज या ऑफिस जाने के लिए है, तो Base+ आपके लिए एक मजबूत और किफायती विकल्प है।
- सिटी कम्यूट + वीकेंड एक्सप्लोरर: यदि आपको कनेक्टिविटी, कॉलिंग अलर्ट्स और नेविगेशन का शौक है, तो बिना सोचे Mid वेरिएंट चुनें क्योंकि सिर्फ ₹9,050 के अंतर में यह सबसे संतुलित पैकेज है।
- टूरिंग और मैक्सिमम सेफ्टी: अगर आप लंबे सफर के शौकीन हैं और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक राइडर एइड्स जैसे ट्रैक्शन कंट्रोल से समझौता नहीं करना चाहते, तो Top वेरिएंट की ओर रुख कर सकते हैं।
खरीदने से पहले शोरूम में जरूर परखें ये बातें
जब आप डीलरशिप पर जाएं, तो केवल कागजी एक्स-शोरूम कीमत पर फैसला न लें। ऑन-रोड कीमत में बीमा और रजिस्ट्रेशन के बाद अंतर बदल सकता है। इसके अलावा, स्मार्टएक्सोनेक्ट फीचर्स का लाइव डेमो देखें और अपनी जरूरत के हिसाब से ही अपने गाढ़े पसीने की कमाई को निवेश करें। सही वेरिएंट वही है, जिसके फीचर्स का इस्तेमाल आप वास्तव में अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में करने वाले हैं।