सितंबर 2026 के इस आखिरी चरण में मानसून ने एक बार फिर अत्यंत आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि आम जनजीवन पूरी तरह से थम सा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आइए जानते हैं इस वक्त मौसम की ताजा स्थिति और आपके जिले का हाल।
IMD Weather Alert: किन-किन राज्यों और जिलों में भारी बारिश की चेतावनी?
मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा उपग्रह तस्वीरों और रडार डेटा से पता चलता है कि बंगाल की खाड़ी से उठा एक सक्रिय दबाव (Depression) उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़े भूभाग पर देखने को मिल रहा है। लगातार बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही तेज बौछारें जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नमी से भरपूर पूर्वी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के मेल ने इन राज्यों में बादलों को बेहद घना बना दिया है, जिससे बिना रुके भारी बारिश का दौर जारी है।
इस खतरनाक मौसम प्रणाली के कारण नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर सड़क पर यात्रा करने वालों और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील बने हुए हैं।
रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की पूरी सूची (उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड)
प्रशासन द्वारा जारी की गई चेतावनियों के अनुसार, दोनों राज्यों के लगभग 18 से अधिक जिलों में खतरे के निशान पर मौसम बना हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के प्रभावित जिले: गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, आज़मगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, और बहराइच। इन क्षेत्रों में बादलों की भारी गडग़ड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है।
- बिहार के प्रभावित जिले: पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बेगूसराय, लखीसराय, भागलपुर, खगड़िया, और समस्तीपुर। यहां गंगा और कोसी बेसिन के आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
- उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके: देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी गढ़वाल में लगातार भूस्खलन (Landslide) की खबरें सामने आ रही हैं।
स्कूल और कॉलेज की छुट्टी पर जिला प्रशासन के ताजा आदेश क्या हैं?
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलाधिकारियों (DMs) ने एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों कई फर्जी और पुराने आदेश भी वायरल हो रहे हैं, इसलिए अभिभावकों से अपील है कि वे केवल जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत न्यूज पोर्टल्स पर ही भरोसा करें।
जिन जिलों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहां कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को या तो बंद कर दिया गया है या फिर ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षण संस्थानों के परिसरों में पानी भरने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रमुख नदियों के जलस्तर पर रिपोर्ट: अलर्ट पर प्रशासन और राहत शिविर
पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हो रही झमाझम बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच चुका है। वहीं पटना के पास भी गंगा और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों के लोगों की सांसे रोक दी हैं।
प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में शिफ्ट करने का कार्य तेजी से चल रहा है। बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
बिजली गिरने (वज्रपात) से बचाव के 5 सबसे जरूरी उपाय
बरसात के इन दिनों में बादलों के गरजने और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों के लिए कुछ जीवनरक्षक दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- खुले में न रहें: जब भी बिजली कड़के, तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड के नीचे शरण लें। पेड़ों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: घर के अंदर रहते हुए टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर के प्लग निकाल दें और कॉर्डलेस फोन का इस्तेमाल करें।
- दामिनी ऐप का उपयोग करें: अपने स्मार्टफोन में 'दामिनी' (Damini App) डाउनलोड करें। यह ऐप वज्रपात होने से 30-40 मिनट पहले ही आपके इलाके में बिजली गिरने की सटीक चेतावनी दे देता है।
- पानी से दूर रहें: जलभराव वाले क्षेत्रों, तालाबों या झीलों के पास जाने से बचें क्योंकि पानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करता है।
- धातु की वस्तुओं से बचें: छाता (यदि उसमें लोहे की डंडी या रॉड है) या साइकिल-मोटरसाइकिल जैसी धातु की चीजों से दूरी बना लें।
अगले 3 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, अगले 72 घंटों तक इस चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के कुछ हिस्सों में इस हफ्ते के अंत तक बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है, लेकिन पूर्वी अंचल में अभी दो-तीन दिन और भारी बादलों का डेरा रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर सुरक्षित रखें और जलभराव वाले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के उचित प्रबंध करें।