त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य भर में चलाए जा रहे बहुचर्चित ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत छह बड़े महानगरों में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी से हड़कंप मच गया है। इस दौरान कई नामचीन होटलों और रेस्टोरेंट के किचनों में जो तस्वीरें सामने आईं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी हैं। कहीं फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ रखे मिले, तो कहीं रसोई में चूहों और कॉकरोच का साम्राज्य पाया गया।
छह महानगरों में ताबड़तोड़ एक्शन, 174 प्रतिष्ठानों को थमाया गया नोटिस
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने एक साथ प्रदेश के छह प्रमुख जनपदों—कानपुर नगर, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर और मुरादाबाद में औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक अभियान के दौरान कुल मिलाकर सैकड़ों प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें स्वच्छता के पैमानों की धज्जियां उड़ती हुई मिलीं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में:
- कानपुर नगर: 52 प्रतिष्ठानों की जांच
- प्रयागराज: 40 प्रतिष्ठानों की जांच
- अयोध्या: 97 प्रतिष्ठानों की जांच
- बरेली: 34 प्रतिष्ठानों की जांच
- गोरखपुर: 34 प्रतिष्ठानों की जांच
- मुरादाबाद: 60 प्रतिष्ठानों की जांच
जांच के बाद कुल 174 प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए कड़े नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 24 से अधिक बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और कारोबार बंद कराने की सख्त विधिक संस्तुति की गई है।
शहर-दर-शहर उजागर हुई लापरवाही की डरावनी तस्वीरें
इस स्पेशल ड्राइव के दौरान अधिकारियों ने जब किचनों के अंदर कदम रखा, तो वहां का हाल देखकर वे भी दंग रह गए। आइए जानते हैं किस शहर में क्या मिला:
1. कानपुर: कई जाने-माने नाम रडार पर
औद्योगिक नगरी कानपुर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। यहां मॉल रोड स्थित प्रसिद्ध 'काके की हट्टी' रेस्टोरेंट, हर्ष नगर का 'आनंद सैफ्रॉन होटल', आवास-विकास कल्याणपुर का 'द डाइनिंग हाउस', सिविल लाइंस का 'रेवंत हॉस्पिटैलिटी (लिटिल शेफ)' और जाजमऊ का 'अल समीम फूड कोर्ट' जांच के घेरे में आए। इन सभी जगहों पर गंभीर कमियां मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से कारोबार बंद कराने की कार्रवाई की गई है।
2. अयोध्या: भगवान की नगरी में एक्सपायर्ड सामग्री और चूहों का आतंक
धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण अयोध्या में श्रद्धालुओं की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था। यहां निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्रियां बरामद की गईं, वहीं किचनों में चूहों का प्रकोप आम बात मिली। प्रशासन ने तिरुपति रेस्टोरेंट, बिरला धर्मशाला, मवई का अल हिंद रेस्टोरेंट, गुलाबबाड़ी स्थित आई एम ओके रेस्टोरेंट, द अरोमा रेस्टोरेंट, डालमिया सैफ्रॉन होटल और तरंग सिनेमा मॉल स्थित एसआर पिक्चर्स पर शिकंजा कसा है।
3. गोरखपुर: बड़े ब्रांड्स के लाइसेंस सस्पेंड
गोरखपुर में खाद्य भंडारण और हाइजीन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। मोहद्दीपुर स्थित रेडिसन होटल, बाईपास रोड का रामकृष्ण होटल, द ब्रायन फ्लेवर्स इन रेस्टोरेंट, चंदन स्वीट हाउस और कूड़ा घाट के दुलारवा रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
4. बरेली और मुरादाबाद: फ्रीजर में साथ रखे थे वेज और नॉन-वेज
मुरादाबाद और बरेली में हालात और भी बदतर मिले। बरेली के स्टेशन Road स्थित कृष्णा भोजनालय और सिविल लाइंस के प्रतिष्ठित रमाडा होटल में ग्राहकों को कॉकरोच और एक्सपायर्ड चीजें परोसे जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद इनके लाइसेंस पर गाज गिरी। वहीं, मुरादाबाद में लावना एनजीआर, टी पॉइंट, टाइम 24 और मोती महल डीलक्स होटल के फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी सामान एक ही साथ रखे हुए मिले, जबकि किचन में कीड़े-मकौड़े घूमते पाए गए।
किन मानकों पर हो रही है जांच?
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता तक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं को मुख्य रूप से परखा जा रहा है:
- किचन और खाने के हॉल में स्वच्छता एवं साफ-सफाई
- कच्चे खाद्य पदार्थों और मसालों की गुणवत्ता
- भोजन के भंडारण (Storage) की स्थिति
- रसोई और फूड प्रोसेसिंग एरिया का रख-रखाव
- उचित जल निकासी (Drainage) व्यवस्था
- कीट नियंत्रण (कीड़े-मकौड़े, कॉकरोच और चूहों की रोकथाम)
- शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग (पृथक) रखने के इंतजाम
विभाग की दो टूक चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि जनता के जीवन से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस दायरे को और बढ़ाया जाएगा और प्रदेश के अन्य जिलों में भी औचक निरीक्षण की कार्रवाई तेज की जाएगी।
यदि होटल और रेस्टोरेंट संचालक तय मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ न केवल लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी, बल्कि भारी आर्थिक जुर्माना और कानूनी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे प्रदेश के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है और वे अपनी-अपनी कमियों को सुधारने में जुट गए हैं।