वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के नेपुरा कला गांव से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पेट्रोल खत्म होने का मामूली बहाना बनाकर एक युवक को सुनसान जगह पर बुलाया गया और फिर उसके सिर पर घातक हमला कर दिया गया। जिंदगी और मौत के बीच कई दिनों तक संघर्ष करने के बाद आखिरकार उस युवक ने शुक्रवार की रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेपुरा कला गांव के रहने वाले 35 वर्षीय विनीत यादव उर्फ धीरू को गत 23 सितंबर 2026 की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया था। विनीत के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत घर से बाहर बुलाया गया था। आरोप है कि गांव के ही एक युवक गोलू यादव ने पार्टी से लौटने के बाद विनीत को फोन किया और कहा कि उसकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है, इसलिए वह मदद के लिए तुरंत वहां पहुंचे।
भरोसे में आकर विनीत बिना किसी शक के बताए गए स्थान पर पहुंच गया। लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस दोस्त की मदद करने के लिए वह जा रहा है, वही उसकी जान का दुश्मन बन चुका है।
सिर पर किया गया था जानलेवा हमला
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, जब विनीत तयशुदा जगह पर पहुंचा, तो वहां गोलू यादव के साथ-साथ साहिल सिंह, आकाश जायसवाल और दो-तीन अन्य अज्ञात लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर अचानक विनीत पर हमला बोल दिया। इस क्रूर हमले में विनीत के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा।
हमलावर उसे मरा हुआ समझकर या अपनी करतूत छिपाने के लिए मौके पर ही अघमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। रात भर वह शख्स सड़क या पोखरे के पास दर्द से तड़पता रहा और किसी को समय पर मदद नहीं मिल पाई।
पोखरे के पास मिला था लहूलुहान शरीर
अगले दिन यानी गुरुवार की सुबह जब नेपुरा पोखरा के पास से गांव के ही रहने वाले रामदुलार राजभर गुजर रहे थे, तब उनकी नजर बेसुध पड़े विनीत पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना विनीत के परिजनों को दी। खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए और तुरंत इलाज शुरू कर दिया, लेकिन उसके सिर पर लगी चोटें इतनी गहरी थीं कि उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। आखिरकार, तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार की रात उपचार के दौरान विनीत की सांसें थम गईं।
पुलिस ने बढ़ाई हत्या की धारा
इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। शुरुआत में विनीत के बड़े भाई रामदुलार यादव की तहरीर पर लंका थाने की पुलिस ने गुरुवार की रात ही गोलू यादव, साहिल सिंह और आकाश जायसवाल समेत दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
लेकिन अब, ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान युवक की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई को और सख्त कर दिया है। दर्ज मुकदमे में अब हत्या (Section 302 IPC/BNS equivalent) की धारा बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या कहती है पुलिस?
इस पूरे मामले पर बात करते हुए लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने मीडिया को बताया कि घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है, जिसके बाद अब मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ी जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि नामजद आरोपियों की धरपकड़ और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है जो लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के असली कारणों और इसमें शामिल अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी गहराई से छानबीन की जा रही है।
हंसता-खेलता परिवार उजड़ा
विनीत की इस अचानक और दर्दनाक मौत से उसका पूरा परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। विनीत अपने पिता पतु यादव के चार बेटों में सबसे छोटा था। उसके पिता लकड़ी का व्यवसाय कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। वहीं, विनीत खुद डाफी क्षेत्र में एक डॉक्टर की गाड़ी चलाकर अपने छोटे से परिवार की गाड़ी खींच रहा था।
- पत्नी नीतू: पति की मौत के बाद सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
- बच्चे: उसकी आठ साल की बेटी श्रेयांसी और चार साल का बेटा श्रेयांस अब पिता के साए से महरूम हो चुके हैं, जिन्हें अभी यह भी ठीक से समझ नहीं आ रहा है कि उनके साथ क्या हुआ है।
- मां मुन्नी देवी: अपने सबसे छोटे बेटे की ऐसी दर्दनाक मौत से मां का कलेजा फट गया है।
फिलहाल, पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस खौफनाक वारदात के पीछे असली वजह क्या थी। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इंसानी रिश्तों में आती दरार और मामूली बातों पर होने वाली हिंसा की खौफनाक तस्वीर को सबके सामने लाकर रख दिया है।