वाराणसी के रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया। खाकी की सख्ती के बीच जब भक्ति और सांस्कृतिक रंगों का मेल हुआ, तो पूरा परिसर उत्सव में डूब गया। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य समारोह में पुलिस महकमे के अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
भव्य सजावट और भक्तिमय माहौल से सजा पुलिस लाइन्स
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों की सजावट और आकर्षक झांकियों ने हर आने वाले का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम ढलते ही हो गई थी, लेकिन जैसे-जैसे रात गहरी होती गई, उत्साह और भी परवान चढ़ता गया। पुलिस परिवार के सदस्यों ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जीवंत हुईं भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं
रात्रि आठ बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजनों की शुरुआत हुई। मंच पर एक के बाद एक ऐसी प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को द्वापर युग की याद दिला दी।
- बाल गोपाल की विभिन्न लीलाओं का सुंदर मंचन किया गया।
- भजन गायकों की प्रस्तुतियों पर पूरा पंडाल झूम उठा।
- बच्चों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
- भक्तिरस से सराबोर प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
मध्यरात्रि ठीक 12 बजे गूंजे हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की
घड़ी की सुई जैसे ही रात के 12 पर पहुंची, पूरा पुलिस लाइन्स परिसर 'नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा। मध्यरात्रि में विधि-विधान के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पूजन संपन्न हुआ। पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारजनों ने पूरी श्रद्धा के साथ कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया। इसके पश्चात भगवान को भोग लगाकर उपस्थित सभी लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया।
पुलिस आयुक्त ने दिलाई कर्मनिष्ठा और कर्तव्य की प्रेरणा
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने उपस्थित पुलिस परिवार को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन हमें धर्म, सत्य, न्याय और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
"भगवान श्रीकृष्ण का 'कर्मण्येवाधिकारस्ते' का संदेश हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। खाकी वर्दी पहने हर एक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करना चाहिए। जनता की सेवा ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है।" - श्री मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त, वाराणसी
समृद्धि और शांति की सामूहिक कामना
जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर पूरे पुलिस परिवार ने कमिश्नरेट वाराणसी और जनपदवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना की। इस आयोजन ने न केवल पुलिसकर्मियों के बीच आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा दिया, बल्कि व्यस्त और तनावपूर्ण दिनचर्या के बीच उन्हें मानसिक शांति और ऊर्जा भी प्रदान की।
देर रात तक चले इस उत्सव के समापन के बाद भी पुलिस लाइन्स का कोना-कोना भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। वाराणसी पुलिस परिवार की यह अनूठी पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।