Breaking
► असम दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, इस ऐतिहासिक समारोह में करेंगे शिरकत ► गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से तटवर्ती इलाकों में लौटी राहत, जानें ताजा स्थिति ► सागर में जहरीली शराब का कहर: 11 लोगों की दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप ► डुमरिया दियारा में मिला युवक का शव, इलाके में फैली सनसनी, हत्या की आशंका ► बाढ़ के बीच उठी आस्था की लहर, सामने घाट पर गंगा आरती कर संकट टालने की प्रार्थना ► रायपुर के गुढ़ियारी में सजा कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य दरबार, उमड़ी भारी भीड़ ► पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी मारपीट मामला: BHU में एक हफ्ते बाद भी FIR न होने से उबाल ► BHU में पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से मारपीट: FIR में देरी पर गरमाई राजनीति, उठे गंभीर सवाल ► कश्मीर में मौसम का यूटर्न! गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटी काबुल गली ► पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, बिहार के 11 जिलों पर मंडराया बाढ़ का बड़ा खतरा ► असम दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, इस ऐतिहासिक समारोह में करेंगे शिरकत ► गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से तटवर्ती इलाकों में लौटी राहत, जानें ताजा स्थिति ► सागर में जहरीली शराब का कहर: 11 लोगों की दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप ► डुमरिया दियारा में मिला युवक का शव, इलाके में फैली सनसनी, हत्या की आशंका ► बाढ़ के बीच उठी आस्था की लहर, सामने घाट पर गंगा आरती कर संकट टालने की प्रार्थना ► रायपुर के गुढ़ियारी में सजा कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य दरबार, उमड़ी भारी भीड़ ► पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी मारपीट मामला: BHU में एक हफ्ते बाद भी FIR न होने से उबाल ► BHU में पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से मारपीट: FIR में देरी पर गरमाई राजनीति, उठे गंभीर सवाल ► कश्मीर में मौसम का यूटर्न! गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटी काबुल गली ► पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, बिहार के 11 जिलों पर मंडराया बाढ़ का बड़ा खतरा

60 घंटे मौत के साये में: नेपाल आपदा से जंग जीतकर घर लौटे ज्ञान सिंह

60 घंटे मौत के साये में: नेपाल आपदा से जंग जीतकर घर लौटे ज्ञान सिंह

प्रकृति जब अपना विकराल रूप दिखाती है, तो इंसान खुद को बेहद लाचार महसूस करता है। नेपाल में हाल ही में आई भीषण आपदा और तबाही ने कई जिंदगियों को अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया। इसी खौफनाक मंज़र के बीच से उम्मीद और जीवन की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के रहने वाले ज्ञान सिंह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं। वहां अचानक आई जल प्रलय के बीच वे करीब 60 घंटे तक मौत के साये में फंसे रहे। आखिरकार नेपाल सेना के साहसिक बचाव अभियान और अपनों की दुआओं के सहारे वे सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।

अचानक आई तबाही: सेकंडों में बदल गया सब कुछ

ज्ञान सिंह ने उस खौफनाक दिन को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। वह अपनी रोज की तरह सुबह करीब सात बजे ड्यूटी पर पहुंचे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में यह सामान्य दिन जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगा। सुबह करीब साढ़े नौ बजे का वक्त था, जब पावर हाउस के अंदर अचानक हवा का एक तेज और असामान्य झोंका आया। इसके तुरंत बाद एक कानफाड़ू भयानक गूंज सुनाई दी, जिसे सुनकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए।

पल भर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वहां मौजूद सभी कर्मचारियों के कपड़ों और शरीर पर कीचड़ और पानी लिपट चुका था। बिना एक सेकंड गंवाए, खतरे को भांपते हुए सभी कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए असेंबली प्वाइंट की तरफ दौड़ लगा दी। कुछ ही पलों में साफ हुआ कि टनल के रास्ते भारी मात्रा में पानी पावर हाउस के अंदर घुस आया था, जिससे हर तरफ तबाही मच गई थी।

60 घंटे मौत के मुंह में: जब हर पल लग रहा था आखिरी पल

आपदा के बाद के हालात शब्दों में बयां करना मुमकिन नहीं है। पावर प्रोजेक्ट के भीतर फंसे कर्मचारियों के लिए अगला एक-एक पल सदियों जैसा बीत रहा था। बाहर बड़े-बड़े बोल्डर, चट्टानें और भारी मलबा सैलाब की तरह बह रहा था। जान बचाने के लिए कर्मचारी किसी तरह सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचे, जहां वे घंटों खौफ और अनिश्चितता के साये में बैठे रहे।

“उस समय हर एक पल ऐसा लग रहा था मानो मौत हमारे बिल्कुल सामने खड़ी है। मोबाइल नेटवर्क बंद हो चुका था, अपनों से संपर्क टूट गया था और चारों तरफ केवल तबाही का मंजर था। ऐसा लगा कि शायद अब हम कभी अपने घर, अपने परिवार का चेहरा नहीं देख पाएंगे।” - ज्ञान सिंह (आपदा से सुरक्षित लौटे कर्मचारी)

हालांकि, इस भीषण संकट की घड़ी में भी ज्ञान सिंह और उनके साथियों ने हिम्मत नहीं हारी। सभी ने एक-दूसरे का ढांढस बंधाया और मानसिक रूप से मजबूत बने रहे। यही आपसी हौसला था जिसने उन्हें इतने लंबे वक्त तक इस आपदा का सामना करने की ताकत दी।

नेपाल सेना का रेस्क्यू और सुरक्षित वापसी

पूरी रात और अगला दिन इसी तरह खौफ के साये में कटा। आखिरकार अगली सुबह राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाल सेना की टीम वहां पहुंची। सेना ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सेना की मदद से ज्ञान सिंह को पहले बुटवल और फिर वहां से सुरक्षित काठमांडू पहुंचाया गया। तमाम औपचारिकताओं और मुश्किल सफर को पार करने के बाद जब वे आखिरकार अपने घर सुंदरनगर पहुंचे, तो उनके परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं।

परिवार से टूटा था संपर्क, बेटे को फोन कर दी राहत की खबर

हादसे के दिन सुबह ही ज्ञान सिंह की उनके परिवार से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद जब संपर्क पूरी तरह टूट गया और मीडिया के जरिए नेपाल में आपदा की खबरें सामने आने लगीं, तो उनके घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर गुजरते घंटे के साथ चिंता बढ़ती जा रही थी।

अगले दिन जब कुछ देर के लिए मोबाइल सिग्नल मिला, तो ज्ञान सिंह ने बिना समय गंवाए सबसे पहले अपने बेटे को फोन किया। उन्होंने जैसे ही यह कहा कि ‘मैं बिल्कुल सुरक्षित हूं’, घर के लोगों की जान में जान आई। ज्ञान सिंह की भतीजी रक्षा और भाभी पदमा देवी ने उनके लौटने पर गहरी राहत जताई है और भगवान का शुक्रिया अदा किया है।

एक अधूरापन: साथी की तलाश अब भी जारी

हालांकि ज्ञान सिंह के घर लौटने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है, लेकिन इस पूरी घटना का एक दर्दनाक पहलू भी है जो उनके दिल पर भारी है। इस आपदा के दौरान कुल 110 लोग तो सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन एक अन्य कर्मचारी मलबे में ही फंस गया, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश से गए चार कर्मचारियों में से तीन तो सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं, लेकिन ऊना जिले के रहने वाले सुखविंदर अभी भी लापता हैं। ज्ञान सिंह और उनका परिवार उस लापता साथी के भी सुरक्षित मिल जाने की लगातार ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है। ज्ञान सिंह की यह वापसी भले ही एक व्यक्तिगत विजय हो, लेकिन प्रकृति के इस तांडव ने कई ऐसे जख्म दिए हैं जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More