धार्मिक आस्था के बड़े केंद्र मां विंध्यवासिनी मंदिर और नवनिर्मित विंध्य कॉरिडोर की सुरक्षा में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। यहां मंदिर परिसर में कुछ निजी लोगों द्वारा चुपचाप सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए मंदिर की हर गतिविधि और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा रही थी। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ सुरक्षा में सेंध का खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मंदिर के निकास द्वार पर हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। जब पुलिस ने इस वायरल वीडियो की तकनीकी जांच शुरू की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि मंदिर और कॉरिडोर परिसर में चार गुप्त निजी सीसीटीवी कैमरे फिट किए गए थे। इन कैमरों के जरिए न केवल आम श्रद्धालुओं, बल्कि मंदिर प्रबंधन की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी।
वीआईपी मूवमेंट पर भी थी नजर
यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील है क्योंकि मां विंध्यवासिनी धाम में देश और प्रदेश के दिग्गज हस्तियों का लगातार आना-जाना लगा रहता है।
- हाल के वर्षों में देश के गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां दर्शन कर चुके हैं।
- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और न्यायपालिका के बड़े अधिकारी भी यहां हाजिरी लगा चुके हैं।
- इन तमाम वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा के बीच निजी कैमरों का सक्रिय होना एक बड़ी सुरक्षा चूक को दर्शाता है।
प्रशासन और पंडा समाज की गुप्त बैठक
मामला संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। आनन-फानन में पंडा समाज के पदाधिकारियों के साथ एक गोपनीय बैठक बुलाई गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सभी निजी कैमरों को चुपचाप हटवा दिया गया।
"मंदिर में एक-दो लोगों ने निजी कैमरे लगाए थे, जिसे शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और पंडा समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हटवा दिया गया है।" - पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष, श्रीविंध्य पंडा समाज
वहीं, विंध्य विकास परिषद के सचिव व सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि मंदिर परिसर में लगे इन अवैध निजी कैमरों को तुरंत हटवा दिया गया है और संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: मां विंध्यवासिनी मंदिर में कितने निजी कैमरे लगाए गए थे?
जांच के दौरान मंदिर और कॉरिडोर परिसर में कुल चार निजी सीसीटीवी कैमरे पाए गए जिन्हें अवैध रूप से लगाया गया था।
Q2: इन कैमरों का इस्तेमाल किस लिए किया जाता था?
इन कैमरों के जरिए मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, प्रतिद्वंद्वी पुरोहितों और गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी तथा विवाद के वीडियो वायरल किए जाते थे।
Q3: प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
प्रशासन ने पुलिस और पंडा समाज के साथ मिलकर सभी निजी कैमरों को हटवा दिया है और ऐसा करने वालों को सख्त चेतावनी दी है।