Breaking
► Aaj Ka Panchang 10 October 2026: सर्वपितृ और शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध का सही समय और राहुकाल ► मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा बयान, जानिए पूरी प्रक्रिया ► अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल: सऊदी गठबंधन का यमन में बड़ा सैन्य हमला, पुतिन और ट्रंप के बीच ईरान पर मंथन ► दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट का बड़ा असर, स्कूल-कॉलेज और मेट्रो को लेकर क्या है अपडेट? ► मुकेश कुमार शर्मा का जनसंपर्क अभियान, छित्तमपुर कोटी में मिला समर्थन ► बिग बॉस 20 में आम्रपाली दुबे की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं बहन, मोटू-पतलू कमेंट पर मचा बवाल ► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात ► Aaj Ka Panchang 10 October 2026: सर्वपितृ और शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध का सही समय और राहुकाल ► मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा बयान, जानिए पूरी प्रक्रिया ► अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल: सऊदी गठबंधन का यमन में बड़ा सैन्य हमला, पुतिन और ट्रंप के बीच ईरान पर मंथन ► दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट का बड़ा असर, स्कूल-कॉलेज और मेट्रो को लेकर क्या है अपडेट? ► मुकेश कुमार शर्मा का जनसंपर्क अभियान, छित्तमपुर कोटी में मिला समर्थन ► बिग बॉस 20 में आम्रपाली दुबे की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं बहन, मोटू-पतलू कमेंट पर मचा बवाल ► तमिलनाडु उपचुनाव में हार के बाद स्टालिन का बड़ा हमला, विजय की पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप ► तमिलनाडु उपचुनाव में विजय की पार्टी का जलवा, महिलाओं पर दिए बयानों का ऐसे दिया करारा जवाब ► बाराबंकी में सरयू नदी का तांडव: हेतमापुर पर मंडराया बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट ► कांग्रेस ने देश का माहौल बिगाड़ा: समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा का बड़ा बयान, सीएम योगी पर कही यह बात

झारखंड में आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं? जानें छात्रों की बड़ी मांगें

झारखंड में आमरण अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं? जानें छात्रों की बड़ी मांगें

झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों युवाओं का गुस्सा चरम पर है। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के हक के लिए आवाज उठाने वाले युवा नेता देवेंद्रनाथ महतो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, लेकिन छात्रों का हौसला कम होने का नाम नहीं ले रहा। आखिर देवेंद्रनाथ महतो कौन हैं और क्यों झारखंड के युवा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं? आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात।

कौन हैं देवेंद्रनाथ महतो?

देवेंद्रनाथ महतो झारखंड के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों के बीच एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे 'झारखंड यूथ एसोसिएशन' और छात्रों के विभिन्न मंचों के माध्यम से लंबे समय से युवाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

मूल रूप से राज्य के स्थानीय मुद्दों, नियोजन नीति और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की वकालत करने वाले देवेंद्रनाथ पहले भी जेएसएससी (JSSC) और जेपीएससी (JPSC) की गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर चुके हैं। छात्रों के बीच उनकी साख एक जुझारू और बेबाक छात्र नेता की रही है, जो सरकार की नीतियों के खिलाफ सीधे मोर्चा खोलने से नहीं हिचकते।

क्यों शुरू हुआ आमरण अनशन?

झारखंड में पिछले कुछ सालों से सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिरी रही है। हाल ही में आयोजित हुई JSSC CGL (झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा) में कथित धांधली, पेपर लीक के आरोप और परीक्षा संचालन में अनियमिताओं के बाद युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा।

"जब तक झारखंड के युवाओं को न्याय नहीं मिलता और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं लाई जाती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। यह सिर्फ अनशन नहीं, युवाओं के भविष्य की रक्षा का संकल्प है।" — देवेंद्रनाथ महतो

छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो और उनके समर्थक छात्रों की मांगें बेहद स्पष्ट और सीधी हैं:

  • सीबीआई (CBI) या निष्पक्ष जांच: JSSC CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  • परीक्षा रद्द या पारदर्शी परिणाम: धांधली के साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेकर अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए।
  • परीक्षा कैलेंडर का कड़ाई से पालन: सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक निश्चित कैलेंडर बने और तय समय पर परिणाम घोषित हों।
  • स्थानीय नीति और नियोजन नीति: राज्य की नौकरियों में झारखंड के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
  • उम्र सीमा में छूट: वर्षों से लटकी भर्तियों के कारण ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर प्रदान किया जाए।

आगे क्या? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

अनशन स्थल पर लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें देवेंद्रनाथ महतो की सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। रांची के डॉक्टरों ने उनके गिरते ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर चिंता जताई है। वहीं, राज्य भर से छात्र उनके समर्थन में सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अभियानों में जुट गए हैं।

युवाओं का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। अगर मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन पूरे राज्य में और भी उग्र रूप ले सकता है।

About the Author

नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

नसीम अहमद की पूरी प्रोफाइल पढ़ें →

अगली खबर पढ़ें:

मुग़लसराय के पछफेडवां में भावी प्रत्याशी मुकेश शर्मा... →