राजनीतिक गलियारों में हलचल उस वक्त और तेज हो जाती है जब चुनावी सरगर्मी के बीच कोई युवा चेहरा सीधे आम जनता की चौखट पर दस्तक देता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 380 से इंडियन जन सेवा दल के युवा प्रत्याशी और भावी विधायक मुकेश कुमार शर्मा इन दिनों अपने सघन जनसंपर्क अभियान के तहत लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में वे हाल ही में छित्तमपुर कोटी गांव पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक और बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान गांव की गलियों से लेकर चौपाल तक एक अलग ही राजनीतिक उत्साह देखने को मिला।
छित्तमपुर कोटी में बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद
गांव की सीमा में प्रवेश करते ही मुकेश कुमार शर्मा ने सबसे पहले अपने से बड़ों, बुजुर्ग माताओं और बहनों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। भारतीय संस्कृति की इस पुरानी परंपरा को निभाते हुए उन्होंने साबित किया कि राजनीति में आने के बावजूद जमीन से जुड़ाव कितना महत्वपूर्ण है। माताओं और बुजुर्गों ने भी खुले दिल से युवा नेता को आशीर्वाद दिया और अपनी उम्मीदों व आकांक्षाओं के पिटारे को उनके सामने खोलकर रख दिया। इस दौरान ग्रामीण इलाकों की बुनियादी समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई।
गांव के लोगों ने अपनी रोजमर्रा की परेशानियों, विकास कार्यों की रफ्तार और प्रशासनिक उपेक्षा से जुड़ी कई बातें साझा कीं। मुकेश कुमार शर्मा ने बेहद धैर्य और तल्लीनता के साथ हर एक ग्रामीण की बात को सुना। उन्होंने न केवल समस्याओं को नोट किया, बल्कि मौके पर मौजूद लोगों के साथ उन पर गहन विचार-विमर्श भी किया। यह संवाद महज एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि एक आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक बन गया था, जहां जनता अपने भविष्य के प्रतिनिधि से सीधे रूबरू हो रही थी।
नेता नहीं, बेटा और भाई बनकर सेवा करने का संकल्प
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुकेश कुमार शर्मा ने अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा, "मुझे आप लोग आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार सेवा करने का मौका दीजिए। मैं कोई नेता बनकर आप पर हुक्म नहीं चलाऊंगा, बल्कि आपके घर का बेटा और भाई बनकर हर परिस्थिति में आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा रहूंगा। आपकी हर छोटी-बड़ी बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा और उसका समाधान निकाला जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि वे जनता से कभी झूठे वादे नहीं करेंगे और जमीन पर उतरकर काम करना ही उनका मुख्य संकल्प है। उनके इस स्पष्ट और बेबाक अंदाज ने वहां मौजूद लोगों के दिलों को जीत लिया। झूठे आश्वासनों से ऊब चुकी जनता को एक युवा नेता के मुंह से ऐसी बातें सुनना काफी राहत भरा लगा।
ग्रामीणों की एकजुटता और जोरदार नारे
मुकेश कुमार शर्मा की बातों का ग्रामीणों पर गहरा असर पड़ा। लोगों ने बहुत ही गंभीरता से उनके विचारों को सुना और उनकी कार्यशैली पर अपनी सहमति जताई। छित्तमपुर कोटी के लोगों में एक अलग ही एकजुटता देखने को मिली। गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने एक स्वर में मुकेश कुमार शर्मा के पक्ष में नारे लगाए, जिससे पूरा गांव गूंज उठा। यह नजारा इस बात का गवाह था कि ग्रामीण अब बदलाव के मूड में हैं और एक ऊर्जावान नेतृत्व को आगे लाना चाहते हैं।
दिग्गज नेताओं और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
इस जनसंपर्क अभियान को सफल बनाने में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे:
- रामजी शर्मा (प्रदेश सचिव)
- संजीव शर्मा (जिलाध्यक्ष)
- रामभोग शर्मा (चकिया विधानसभा अध्यक्ष)
- लल्लन शर्मा (शुभचिंतक)
- रमेश प्रसाद शर्मा
- सुरेश शर्मा
इसके अलावा गांव के स्थानीय संभ्रांत नागरिकों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें गोपाल बिन्द, जीतेन्द्र पटेल, चौथी, विजय कुमार, मुराहु बिन्द, राम चंद्र, होरी लाल, अमित कुमार, सुरेंद्र कुमार बिन्द, हीरा लाल पटेल, और संजीवन जैसे कई प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे। इन सभी ने एक सुर में आगामी चुनावों में पूरी ताकत झोंकने का संकल्प लिया।
2027 के चुनावी समीकरणों पर असर
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मुकेश कुमार शर्मा का यह घर-घर और जन-जन तक पहुंचने का अभियान धीरे-धीरे एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। जिस तरह से गांवों में उन्हें समर्थन मिल रहा है, उससे साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में मुख्य दलों की राह आसान नहीं रहने वाली है। युवा नेतृत्व और जमीनी पकड़ के दम पर यह अभियान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि यह जनसमर्थन चुनावी नतीजों में किस प्रकार तब्दील होता है।