महिला बास्केटबॉल की दुनिया में इन दिनों एक बड़ा वैचारिक और कानूनी घमासान मचा हुआ है। मुद्दा है—महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी। अमेरिका की प्रतिष्ठित महिला बास्केटबॉल लीग (WNBA) में यह बहस इतनी बढ़ गई है कि लीग की कमिश्नर कैथी एंजेलबर्ट (Cathy Engelbert) को सभी टीमों को एक विशेष मेमो जारी करना पड़ा है।
मेमो में क्या कहा कमिश्नर ने?
शुक्रवार को टीमों के प्रबंधकों को भेजे गए इस गोपनीय मेमो में कैथी एंजेलबर्ट ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों से जुड़े कई सवाल उठे हैं। उन्होंने लिखा, "मुझे पता है कि आपमें से कई लोगों से इस विषय पर सवाल पूछे जा रहे हैं और आगे भी यह मुद्दा सुर्खियों में रहेगा। हमारी प्राथमिकता खेल की निष्पक्षता और गरिमा को बनाए रखना है।"
इस संवेदनशील मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए अगले हफ्ते टीम अध्यक्षों और जनरल मैनेजर्स की एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स बैठक बुलाई गई है।
कहाँ से शुरू हुआ यह पूरा विवाद?
इस विवाद को हवा तब मिली जब 'इंडियाना फीवर' (Indiana Fever) की स्टार खिलाड़ी सोफी कनिंघम (Sophie Cunningham) ने एक इंटरव्यू में महिला खेलों में ट्रांसजेंडर महिलाओं और लड़कियों के खेलने पर बैन लगाने का समर्थन किया। उनके इस बयान के बाद भारी बवाल मच गया।
- प्रदर्शन और रैलियां: सोफी के बयान के विरोध में सिएटल और पोर्टलैंड में छोटे स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। वहीं, कुछ दक्षिणपंथी संगठन उनके समर्थन में रैलियां आयोजित कर रहे हैं।
- पूर्व एनबीए खिलाड़ियों का तंज: पूर्व एनबीए (NBA) खिलाड़ी एनेस कांटर फ्रीडम और रॉयस व्हाइट ने खुद को महिला बताकर WNBA ड्राफ्ट के लिए योग्य घोषित कर दिया, जिससे यह मामला और ज्यादा ट्रॉलिंग और विवाद का शिकार हो गया।
मौजूदा नियम क्या कहते हैं?
WNBA के मौजूदा सामूहिक सौदेबाजी समझौते (Collective Bargaining Agreement) के अनुसार, केवल वे खिलाड़ी ही खेलने के लिए पात्र हैं जो 'महिलाएं' हैं। हालांकि, इसमें जन्म के समय तय लिंग या जेंडर आइडेंटिटी (Gender Identity) को लेकर कोई विस्तृत परिभाषा नहीं दी गई है। सबसे अहम बात यह है कि ओलंपिक या अन्य स्पोर्ट्स बॉडीज की तरह WNBA अपने नियम अकेले तय नहीं कर सकती; इसके लिए प्लेयर एसोसिएशन (WNBPA) की सहमति जरूरी है।
प्लेयर्स एसोसिएशन और कोचों का रुख
WNBA प्लेयर्स एसोसिएशन ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि वे विविधता और समावेश का समर्थन करते हैं। एसोसिएशन ने साफ किया, "हम किसी भी व्यक्ति या समूह, विशेष रूप से ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ नफरत और उत्पीड़न का विरोध करते हैं। हमें राजनीतिक मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए।"
"हमें ट्रांस बच्चों की सुरक्षा करने की जरूरत है। मेरे लिए यह मानवाधिकारों का मुद्दा है। हर बच्चे को खेल खेलने का अधिकार है।"
— शेरिल रीव (हेड कोच, मिनेसोटा लिंक्स)
दूसरी तरफ, सिएटल स्टॉर्म की खिलाड़ी स्टेफनी डॉल्सन समेत कई कोच और एथलीट्स ने भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। आने वाले हफ्तों में WNBA और प्लेयर्स एसोसिएशन के बीच होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि महिला खेलों का भविष्य किस दिशा में जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. WNBA में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या विवाद है?
विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ट्रांसजेंडर महिलाओं (जन्म के समय पुरुष) को महिलाओं की पेशेवर बास्केटबॉल लीग (WNBA) में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।
2. क्या WNBA ने ट्रांस एथलीटों पर बैन लगा दिया है?
नहीं, वर्तमान में लीग ने कोई बैन नहीं लगाया है। नियम के अनुसार केवल महिलाएं खेलने की पात्र हैं, लेकिन जेंडर आइडेंटिटी की विस्तृत शर्तों पर अभी बातचीत जारी है।
3. WNBA कमिश्नर का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
कमिश्नर कैथी एंजेलबर्ट का कहना है कि लीग सभी पक्षों के साथ सम्मानजनक बातचीत करेगी और खेल की निष्पक्षता व गरिमा को सर्वोपरि रखेगी।