ताजनगरी आगरा का पारंपरिक जूता उद्योग अब केवल स्थानीय बाजारों या सीमित दायरे तक बंधा नहीं रहा है, बल्कि यह ग्लोबल सप्लाई चेन और आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में संपन्न हुआ 18वां ‘मीट एट आगरा’ इस बदलाव का सबसे बड़ा गवाह बना है। तीन दिनों तक चले इस महाकुंभ ने केवल जूतों की चमक-दमक ही नहीं दिखाई, बल्कि भारतीय फुटवियर इंडस्ट्री को वैश्विक फलक पर एक नई ऊंचाई देने की मजबूत नींव रख दी है।
अपेक्षाओं से बढ़कर रहे आंकड़े: 21 हजार करोड़ के संभावित सौदे
फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) के बैनर तले आयोजित इस तीन दिवसीय फेयर ने कारोबार के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आयोजन के दौरान कुल ₹21,000 करोड़ के संभावित कारोबारी अवसर सामने आए, जो पिछले साल के मुकाबले करीब ₹2,500 करोड़ अधिक हैं। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा ₹18,500 करोड़ पर सिमट गया था, लेकिन इस बार की छलांग ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय फुटवियर सेक्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
आयोजकों के मुताबिक, इस बार फेयर में कुल 21,147 विजिटर्स पहुंचे। इनमें 10,115 पंजीकृत बिजनेस विजिटर्स और 1,940 उत्साही विद्यार्थी व भावी उद्यमी शामिल थे। फेयर के आखिरी दिन अकेले 8,810 लोगों ने शिरकत की, जिससे अंतिम घंटों में भी व्यापारिक बैठकों का दौर गर्म रहा।
चाइना पवेलियन और ग्लोबल सोर्सिंग का जलवा
इस बार के आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 'चाइना पवेलियन' रहा। हॉल बी में सजाए गए चीनी प्रदर्शकों के स्टॉल्स पर फुटवियर कंपोनेंट्स, आधुनिक मटेरियल्स और अत्याधुनिक मशीनरी की भरमार थी। चीन से आए आठ प्रमुख एग्जिबिटर्स ने न केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित किए, बल्कि भारतीय निर्माताओं की उत्पादन जरूरतों के मुताबिक तकनीकी समाधान भी सुझाए।
वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए यह पहल बेहद अहम मानी जा रही है। चीनी प्रदर्शकों ने भी इस आयोजन को अपने लिए बेहद उत्साहजनक बताया है और आने वाले वर्ष 2027 में और भी बड़े स्तर पर शिरकत करने की इच्छा जताई है।
दिग्गजों की राय: गुणवत्ता और तकनीक ही सफलता की कुंजी
फेयर के समापन पर उद्योग के दिग्गजों ने भविष्य की राह पर खुलकर चर्चा की।
- गोपाल गुप्ता (अध्यक्ष, एफमेक): उन्होंने कहा कि इस फेयर ने निर्माताओं को ग्लोबल मार्केट की बदलती जरूरतों और नई तकनीक से रूबरू होने का बेहतरीन मंच दिया है।
- कैप्टन एएस राणा (पूर्व अध्यक्ष): उनका मानना है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए डिजाइन, क्वालिटी और उत्पादकता पर लगातार फोकस करना होगा।
- राजीव वासन व राजेश सहगल (उपाध्यक्ष): दोनों ने आधुनिक मशीनरी और निर्माताओं-आपूर्तिकर्ताओं के बीच हुए सीधे संवाद को क्वालिटी सुधारने के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
- प्रदीप वासन (महासचिव): उन्होंने जोर देकर कहा कि अब असली चुनौती इन मिले हुए बिजनेस कॉन्टैक्ट्स को पक्के ऑर्डर में तब्दील करने की है।
इन दिग्गजों को मिला उत्कृष्टता सम्मान
उत्पाद, नवाचार और बेहतरीन स्टॉल प्रस्तुति के आधार पर पांच अलग-अलग श्रेणियों में कुल सात प्रदर्शकों को सम्मानित किया गया:
- बेस्ट पॉलिमर्स एंड केमिकल्स: केएलजे पॉलिमर्स एंड केमिकल्स (सौरभ गुप्ता एवं विनय गुप्ता)
- बेस्ट लेदर प्रोडक्ट्स: बसंत एंटरप्रेन्योर प्रा. लि. (प्रणव मित्तल)
- बेस्ट मशीनरी स्टॉल: पायनियर टेक स्टेप लिंकर्स (कपिल धवन)
- बेस्ट इनोवेटिव प्रोडक्ट: संदीप रबर इंडस्ट्रीज (संजय गुप्ता) और नवकार टेकटेक्स प्रा. लि. (श्रेयांश बोथरा)
- बेस्ट एग्जिबिटर्स: स्टक केमिकल्स (शैलेश पाठक) और श्रॉफ सेल्स कॉरपोरेशन (निमित व सौरभ श्रॉफ)
अब निगाहें ‘मीट एट आगरा 2027’ पर
18वें संस्करण की अपार सफलता के बाद एफमेक ने बिना वक्त गंवाए अगले यानी 19वें संस्करण की तारीखों का ऐलान भी कर दिया है। ‘मीट एट आगरा 2027’ का आयोजन आगामी 2, 3 और 4 अक्टूबर 2027 को इसी आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना में किया जाएगा। आयोजकों की योजना इसे और अधिक भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की है, ताकि विदेशी खरीदार बड़े पैमाने पर आगरा का रुख करें।
फिलहाल, आगरा का जूता उद्योग इस बात से गदगद है कि उसे एक नया ग्लोबल मंच मिल चुका है। अब स्थानीय निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी इन संपर्कों को ठोस व्यापारिक समझौतों में बदलकर चीन और अन्य देशों को कड़ी टक्कर देने की है।