आकाश की ऊंचाइयों पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए उस वक्त एक डरावना मंजर सामने आया, जब विमान के भीतर अचानक कुछ अजीब सी आवाजें गूंजने लगीं और कुछ ही पलों में यह साफ हो गया कि तकनीकी खराबी ने उनके सफर को खतरे में डाल दिया है। शुक्रवार का दिन यात्रियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं रहा, जब इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर Alliance Air की एक फ्लाइट को अचानक आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) करनी पड़ी।
हवा में तकनीकी खराबी और घबराए यात्री
मिली जानकारी के अनुसार, विमान जब आसमान में उड़ान भर रहा था, तभी अचानक उसका एक इंजन तकनीकी कारणों से काम करना बंद कर दिया। हवा के बीचों-बीच इंजन फेल होने की इस गंभीर सूचना ने विमान के भीतर मौजूद सभी 40 यात्रियों की सांसें अटका दीं। विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि केबिन क्रू के सदस्यों ने गजब का संयम दिखाते हुए यात्रियों को शांत कराने की पूरी कोशिश की।
ऐसी आपात स्थिति में पायलट की सूझबूझ सबसे बड़ी जीवनरक्षक साबित होती है। इस मामले में भी कॉकपिट क्रू ने बिना एक पल गंवाए तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क साधा और दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
IGI एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट
जैसे ही ATC को Alliance Air के विमान में इंजन फेल होने और उसकी आपातकालीन लैंडिंग की सूचना मिली, एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। रनवे पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया गया ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।
- कुल यात्री: विमान में चालक दल के सदस्यों समेत कुल 40 लोग सवार थे।
- घटना स्थल: नई दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा।
- मुख्य कारण: उड़ान के दौरान विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आना।
- राहत की बात: सभी यात्री सुरक्षित, किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद ली राहत की सांस
पायलट के असाधारण कौशल और ATC के त्वरित सहयोग से विमान को सुरक्षित रूप से IGI एयरपोर्ट के रनवे पर उतार लिया गया। जैसे ही विमान के पहियों ने ज़मीन को छुआ और वह रुका, विमान के भीतर मौजूद यात्रियों और उनके परिजनों ने गहरी राहत की सांस ली। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर टर्मिनल बिल्डिंग में पहुंचाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच भी की गई।
विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर देश में विमानों के रखरखाव और तकनीकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। आखिर उड़ान भरने से पहले तकनीकी खामियों की जांच में चूक कैसे हुई, इस बात का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स की टीम जुट गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो, इसके लिए एयरलाइंस कंपनियों को अपने विमानों के मेंटेनेंस पर और अधिक सख्ती से काम करने की आवश्यकता है। फिलहाल, सभी यात्री सुरक्षित हैं और इस बड़ी आपदा के टल जाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।