पंजाब के अमृतसर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तस्करों के खिलाफ पुलिस ने एक बहुत बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। अमृतसर देहात पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सक्रिय हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर तस्करों को दबोच लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से जो बरामदगी की है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। आरोपियों के पास से 10 अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल, 10 मैगजीन और भारी मात्रा में 10 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की हेरोइन बरामद की गई है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पंजाब के आपराधिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ बड़ा खुलासा
अमृतसर देहात पुलिस लाइन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन की परतें खोलीं। आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि यह सफलता खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता और सटीक सूचना के आधार पर मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एनडीपीएस एक्ट और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और इसके पीछे काम कर रहे अन्य चेहरों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
नाकाबंदी के दौरान हत्थे चढ़े हथियार तस्कर
ऑपरेशन के पहले चरण में थाना घरिंडा की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध तत्व हथियारों की एक बड़ी खेप किसी को डिलीवर करने के लिए इलाके से गुजरने वाले हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और रास्तों पर कड़ी नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने गल्लूवाल गांव के रहने वाले राजनप्रीत सिंह और राजाताल गांव के रहने वाले विजय कुमार को संदेह के आधार पर रोक लिया। जब इनकी सघन तलाशी ली गई, तो इनके पास से खतरनाक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ, जिसे देखकर पुलिस भी एक पल के लिए हैरान रह गई।
- 5 अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्तौल
- 5 आधुनिक फाइव पीएक्स पिस्तौल
- कुल 10 विदेशी मैगजीन
इन विदेशी हथियारों की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ये खेप सीमा पार से किसी बड़े आतंकी या गैंगस्टर सिंडिकेट के इशारे पर मंगाई गई थी, ताकि राज्य में शांति व्यवस्था को भंग किया जा सके।
गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हैं तारप्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ये सारे विदेशी हथियार पंजाब के विभिन्न जिलों में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टरों और खूंखार बदमाशों को सप्लाई किए जाने थे। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पकड़ा गया आरोपी विजय कुमार कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 425 ग्राम हेरोइन बरामदगी का एक मामला दर्ज चल रहा था, और वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था।
पुलिस जांच में यह बात भी उजागर हुई कि जब विजय कुमार कुछ समय पहले जेल की सलाखों के पीछे था, तब उसकी मुलाकात कुछ बड़े और हार्डकोर तस्करों से हुई थी। जेल के अंदर ही उसने अपने काले कारोबार का दायरा बढ़ाने की साजिश रची और जमानत पर बाहर आते ही उसने हथियार तथा हेरोइन की तस्करी को बड़े पैमाने पर अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विजय पूछताछ में यह कबूल कर चुका है कि वह इससे पहले भी हथियारों की 10 से 12 बड़ी खेपों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचा चुका है। फिलहाल पुलिस उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट खंगाल रही है ताकि उन तमाम चेहरों बेनकाब किया जा सके, जिन्हें यह हथियार बेचे गए थे।
10 किलो हेरोइन के साथ दो और तस्कर गिरफ्तार
इस ऑपरेशन का दूसरा हिस्सा ड्रग्स तस्करी से जुड़ा हुआ है। थाना घरिंडा क्षेत्र में ही पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो और तस्करों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान माहल गांव के रहने वाले पारसदीप सिंह और काहनगढ़ के रहने वाले गुरमुख सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों तस्कर अपनी मोटरसाइकिल या वाहन पर सवार होकर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ले जा रहे थे।
पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया और जब उनके सामान की तलाशी ली गई, तो उनके पास से 10 किलोग्राम शुद्ध हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी यह साबित करती है कि यह गिरोह पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने के लिए एक बड़े षड्यंत्र पर काम कर रहा था।
कुख्यात गैंगस्टर किशन जंडियाला का आया नाम
दशकों से पंजाब की सुरक्षा के लिए सिरदर्द बने गैंगस्टरों का साया इस मामले में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी पारसदीप सिंह और गुरमुख सिंह ने इस बात का सनसनीखेज खुलासा किया है कि यह 10 किलो हेरोइन की खेप किसी और के नहीं, बल्कि कुख्यात गैंगस्टर किशन जंडियाला के सीधे इशारे और निर्देशों पर सप्लाई की जा रही थी।
गैंगस्टर किशन जंडियाला का नाम पहले भी कई आपराधिक वारदातों, फिरौती और ड्रग्स तस्करी में आ चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किशन जंडियाला इस समय कहां से अपना यह नेटवर्क संचालित कर रहा है। क्या वह देश के भीतर किसी जेल में बंद है या फिर देश से बाहर बैठकर पंजाब में आपराधिक साम्राज्य चला रहा है।
भेस बदलकर करता था तस्करी
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पारसदीप सिंह काफी शातिर किस्म का अपराधी है। वह इससे पहले भी हेरोइन की 8 से 10 बड़ी खेपों को सफलतापूर्वक ठिकाने लगा चुका है। पुलिस से बचने के लिए उसका तरीका बेहद शातिर था। वह अमृतसर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले छेहरटा इलाके से बहुत ही चालाकी और होशियारी के साथ भेस बदलकर यानी अपना हुलिया बदलकर हेरोइन की खेप हासिल करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो सके। लेकिन आखिरकार कानून के हाथ लंबे होते हैं और पुलिस ने उसके इस नापाकचक्र को तोड़ ही दिया।
सुरक्षा एजेंसियों की अगली रणनीति
अमृतसर पुलिस की इस बड़ी कामयाबी को राज्य में नशा और अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस यहीं रुकने वाली नहीं है। आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस सिंडिकेट के साथ जुड़े फाइनेंशियल ट्रेल (वित्तीय लेन-देन) की भी बारीकी से जांच की जा रही है। तस्करों ने अवैध हथियारों और ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के लिए जिस पैसे का इस्तेमाल किया है, उसे भी सीज किया जाएगा।
इसके साथ ही, सीमा पार से ड्रोन के जरिए इन हथियारों और हेरोइन की खेप भारतीय सीमा में गिराए जाने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस मिलकर इस एंगल पर भी अपनी जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है, जो पंजाब में सक्रिय अपराधियों की कमर तोड़ कर रख देंगे।