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एशियन गेम्स 2026: पश्चिम रेलवे की 6 जांबाज महिला खिलाड़ियों का भव्य सम्मान, महाप्रबंधक ने की सराहना

एशियन गेम्स 2026: पश्चिम रेलवे की 6 जांबाज महिला खिलाड़ियों का भव्य सम्मान, महाप्रबंधक ने की सराहना

खेल के मैदान पर जब कोई खिलाड़ी देश का तिरंगा लहराता है, तो करोड़ों देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पश्चिम रेलवे की महिला खिलाड़ियों ने, जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन बेटियों ने महाद्वीप के सबसे बड़े खेल महाकुंभ में न सिर्फ पदक जीते, बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया।

इन स्टार खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए बुधवार को मुंबई के चर्चगेट स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में एक विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) रामाश्रय पाण्डेय ने व्यक्तिगत रूप से उन 6 महिला पदक विजेताओं का स्वागत किया, जिन्होंने अपनी मेहनत और पसीने से देश और विभाग का मान बढ़ाया है।

ऐतिहासिक प्रदर्शन: चार स्वर्ण और दो रजत पदक

एशियन गेम्स 2026 में पश्चिम रेलवे की इन महिला एथलीटों का प्रदर्शन किसी सपने के सच होने जैसा रहा। इन छह खिलाड़ियों में से चार ने अलग-अलग खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा बनकर देश का सिर ऊंचा किया, जबकि दो अन्य खिलाड़ियों ने अपने दम पर रजत पदक अपने नाम किए। जीएम रामाश्रय पाण्डेय ने सभी विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि इन बेटियों की सफलता देश की युवा पीढ़ी, खासकर युवतियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। आने वाले समय में भी जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

हॉकी और कबड्डी के मैदान पर पश्चिम रेलवे का दबदबा

इस बार के एशियन गेम्स में टीम स्पोर्ट्स के भीतर पश्चिम रेलवे की खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम रही। महिला हॉकी की बात करें तो, नवनीत कौर और सुनेलिता टोप्पो ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। ये दोनों खिलाड़ी उस भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थीं, जिसने खिताबी मुकाबले में मजबूत चीन को शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

इस जीत का महत्व इस बात से भी बढ़ जाता है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूरे 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इतना ही नहीं, इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम ने आगामी 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे तौर पर क्वालीफाई कर लिया है, जिससे देश में ओलंपिक की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।

दूसरी ओर, माटी के खेल कहे जाने वाले कबड्डी में भी पश्चिम रेलवे की बेटियों का डंका बजा। सोनाली शिंगाटे और राज रानी स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की रीढ़ साबित हुईं। फाइनल मुकाबले में भारत ने कड़े संघर्ष के बाद ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन खिलाड़ियों की फुर्ती और रणनीति ने यह साबित कर दिया कि भारतीय महिलाएं हर खेल में महारत हासिल कर सकती हैं।

कुश्ती और शूटिंग में भी लहराया परचम

टीम स्पर्धाओं के अलावा व्यक्तिगत खेलों में भी पश्चिम रेलवे की खिलाड़ियों ने अपनी चमक बिखेरी। देश की स्टार पहलवान अंतिम पंघाल ने महिला 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। कुश्ती के अखाड़े में उनका यह सफर आने वाले कई वर्षों तक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

इसी तरह, निशानेबाजी (शूटिंग) के क्षेत्र में सोनम उत्तम मस्कर ने देश का नाम रोशन किया। सोनम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में बेहतरीन निशाना साधते हुए रजत पदक हासिल किया। इन दोनों खिलाड़ियों के पदकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खेलों में रेलवे के अमूल्य योगदान को और अधिक मजबूत कर दिया है।

समारोह के दौरान सिर्फ महिला खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि अन्य खेल हस्तियों को भी सराहा गया। महाप्रबंधक ने एशियन गेम्स की पुरुष हाई जंप स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले आदर्श राम और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती रेफरी के रूप में निष्पक्ष सेवाएं देने वाले सत्यदेव मलिक के योगदान की भी खुलकर प्रशंसा की।

खिलाड़ियों को मिलती हैं विशेष सुविधाएं और प्रोत्साहन

भारतीय रेलवे देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा संगठन माना जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने रेलवे द्वारा खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं और नीतियों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (RSPB) वर्तमान में कुल 29 मान्यता प्राप्त खेलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है।

आंकड़ों पर गौर करें तो एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भारतीय रेल के कुल 69 खिलाड़ियों, 10 प्रशिक्षकों (कोच) और 3 रेफरी ने देश का प्रतिनिधित्व किया था, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। अकेले पश्चिम रेलवे की बात करें तो यहां हर साल 73 खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का प्रावधान है, ताकि खेल प्रतिभाओं को आजीविका की चिंता किए बिना आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

  • विशेष आकस्मिक अवकाश: पात्र खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और टूर्नामेंट के लिए साल में 330 दिनों तक का विशेष अवकाश मिलता है।
  • करियर ग्रोथ: खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को निर्धारित मानदंडों के तहत 'आउट-ऑफ-टर्न' पदोन्नति दी जाती है।
  • वित्तीय प्रोत्साहन: खिलाड़ियों के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए प्रोत्साहन वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभ प्रदान किए जाते हैं।

विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और खेल सुविधाएं

खिलाड़ियों की सफलता के पीछे सिर्फ उनका पसीना नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी बड़ा हाथ होता है। पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाला महालक्ष्मी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, इसके अलावा अहमदाबाद और उज्जैन स्थित आधुनिक खेल सुविधाएं खिलाड़ियों की तैयारियों में रीढ़ की हड्डी का काम कर रही हैं। इन सेंटर्स पर मिलने वाली अत्याधुनिक ट्रेनिंग की बदौलत ही खिलाड़ी ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर मेडल जीतने में सफल हो रहे हैं।

सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने एक सुर में माना कि कड़ी ट्रेनिंग, शारीरिक फिटनेस, आपसी टीमवर्क और उनके परिवारों का अटूट सहयोग ही इस सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

मीडिया और समाज से बड़ी अपील

इस अवसर पर महाप्रबंधक ने मीडिया जगत से भी एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट के अलावा अन्य सभी खेलों और खिलाड़ियों को भी समान रूप से दृश्यता (Visibility) मिलनी चाहिए। जब जमीनी स्तर के खेलों और उनमें पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों को व्यापक पहचान मिलेगी, तो देश के दूर-दराज के इलाकों से नई प्रतिभाएं खुलकर सामने आएंगी और खेल संस्कृति को एक नया आयाम मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में पश्चिम रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई दी। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक एवं पश्चिम रेलवे खेलकूद संघ (WRSA) के अध्यक्ष वी. ए. मालेगांवकर, मुख्य बिजली वितरण इंजीनियर एवं WRSA के मानद महासचिव विवेक दीक्षित, WRSA के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (स्पोर्ट्स) पप्पू यादव, तथा सीपीआरओ विनित अभिषेक सहित कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

पश्चिम रेलवे की इन बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन सच्ची हो और सही दिशा में प्रशासनिक सहयोग मिले, तो दुनिया की कोई भी बाधा सफलता के आड़े नहीं आ सकती।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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