सितंबर 2026 के इस शनिवार को युवाओं के बीच एक बेहद सकारात्मक और ऊर्जावान संदेश गूंजा है। देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, और इसी कड़ी में शिक्षण संस्थानों की भूमिका सबसे अहम साबित हो रही है। आजजीडीसी बसोहली (Government Degree College Basohli) के प्रांगण में एक ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहां सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर एक स्वर में नशे के खिलाफ जंग का ऐलान किया।
नशामुक्त भारत अभियान: युवाओं ने लिया संकल्प
देश के युवाओं को मादक पदार्थों के दलदल से दूर रखने और एक स्वस्थ समाज की नींव रखने के उद्देश्य से जीडीसी बसोहली में एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस सिर्फ औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आंतरिक प्रेरणा जगाना था ताकि वे खुद भी नशे से दूर रहें और अपने आस-पास के समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद ऊर्जावान माहौल में हुई। कॉलेज परिसर में मौजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से हाथ आगे बढ़ाकर शपथ ली कि वे जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने मित्रों, परिजनों और समाज के अन्य लोगों को भी एक स्वस्थ, नशामुक्त और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्राचार्य प्रो. राज किरण का मार्गदर्शन
यह पूरा आयोजन कॉलेज की प्राचार्या प्रो. राज किरण के कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणा से संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा पीढ़ी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर टिकी होती है।
"नशा एक ऐसी दीमक है जो न केवल व्यक्ति को अंदर से खोखला करती है, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। युवाओं का दायित्व है कि वे अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल देश निर्माण और सकारात्मक कार्यों में करें।" - प्रो. राज किरण, प्राचार्या, जीडीसी बसोहली
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को खेलों, पठन-पाठन और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। प्राचार्य के इस संदेश ने युवाओं के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में शिक्षकों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कॉलेज के पूरे प्रशासनिक और शैक्षणिक स्टाफ का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिष्ठित शिक्षक और संकाय सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाया:
- डॉ. रविंदर कौर
- डॉ. शुभ कुमार
- डॉ. नेहा बंद्राल
- डॉ. वैष्णो देवी
- प्रो. राजेश कुमार
- प्रो. विशाल शर्मा
- डॉ. निखिल भारती
इन सभी गणमान्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर यह संदेश दिया कि शिक्षण संस्थान केवल किताबी ज्ञान देने के स्थान नहीं हैं, बल्कि यह अच्छे संस्कार और मजबूत चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला भी हैं।
प्रो. मेघा शर्मा द्वारा शानदार संचालन
कार्यक्रम के मंच का संचालन प्रो. मेघा शर्मा ने बेहद खूबसूरती और प्रभावी ढंग से किया। उनके द्वारा कही गई बातों और कार्यक्रम की रूपरेखा ने सभी उपस्थित लोगों को अंत तक बांधे रखा। प्रो. मेघा शर्मा ने न केवल कार्यक्रम के चरणों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया, बल्कि नशीले पदार्थों के खिलाफ समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला।
वर्तमान समय में क्यों जरूरी है ऐसा अभियान?
आज के दौर में जब युवा तेजी से पश्चिमी संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली के नाम पर गलत आदतों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे में जमीनी स्तर पर इस तरह के जागरूकता अभियान चलाना बेहद अनिवार्य हो गया है। जीडीसी बसोहली का यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य कॉलेजों के लिए भी एक मिसाल पेश करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ईमानदारी से योगदान देने और देश को नशामुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि युवा ठान लें, तो किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकना नामुमकिन नहीं है।