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भोजशाला के 100 मीटर दायरे में नमाज पर बढ़ा विवाद, एएसआई से मांगा गया जवाब

भोजशाला के 100 मीटर दायरे में नमाज पर बढ़ा विवाद, एएसआई से मांगा गया जवाब

धार की ऐतिहासिक और बहुचर्चित भोजशाला को लेकर एक बार फिर से तनाव और चर्चा का माहौल गर्म हो चुका है। इस बार मामला भोजशाला के ठीक 100 मीटर के दायरे के भीतर होने वाली धार्मिक गतिविधियों, विशेषकर नमाज अदा किए जाने से जुड़ा हुआ है। ताजा घटनाक्रम में 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के भोपाल मंडल के अधीक्षक को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस पूरे मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश और क्षेत्र का आधिकारिक मानचित्र जारी करने की मांग की है।

क्या है पूरा विवाद और क्यों उठी यह आपत्ति?

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला (वाग्देवी मंदिर) का मुद्दा लंबे समय से कानूनी और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा है। हाल ही में इस ऐतिहासिक स्थल के सर्वे को लेकर भी काफी कुछ देखने को मिला था। अब 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से एएसआई को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि भोजशाला के आसपास के संरक्षित क्षेत्र के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

संगठन का तर्क है कि केंद्रीय संरक्षित स्मारकों के आसपास कुछ निश्चित नियम लागू होते हैं, जिनका उद्देश्य स्मारक की पवित्रता और सुरक्षा को बनाए रखना है। ऐसे में 100 मीटर के प्रतिबंधित या नियम-बद्ध क्षेत्र में किसी भी तरह की नई या विवादित धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन और एएसआई से क्या मांग की गई है?

  • स्पष्ट मानचित्र (Map): एएसआई भोपाल मंडल से मांग की गई है कि वह भोजशाला और उसके आसपास के 100 और 200 मीटर के दायरे का एक स्पष्ट और प्रामाणिक नक्शा सार्वजनिक करे।
  • दिशा-निर्देशों का पालन: स्मारक संरक्षण अधिनियम के तहत आने वाले नियमों को पूरी सख्ती से लागू किया जाए।
  • लिखित स्पष्टीकरण: इस बात पर स्थिति स्पष्ट की जाए कि क्या संरक्षित क्षेत्र के नियमों के भीतर इस प्रकार की गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था

इस ताजा ज्ञापन के सामने आने के बाद धार जिला प्रशासन और पुलिस महकमा भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। भोजशाला परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। खुफिया एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एएसआई द्वारा इस मामले में दी जाने वाली प्रतिक्रिया बेहदहम होगी। यदि एएसआई की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सीमांकन (Demarcation) सामने आता है, तो आने वाले दिनों में इस पर कानूनी और सामाजिक स्तर पर एक नई बहस छिड़ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: भोजशाला के 100 मीटर क्षेत्र में नमाज पर आपत्ति किसने दर्ज कराई है?

Ans: यह आपत्ति 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' संगठन द्वारा एएसआई के भोपाल मंडल के अधीक्षक को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर दर्ज कराई गई है।

Q2: संगठन की मुख्य मांग क्या है?

Ans: संगठन की मुख्य मांग यह है कि एएसआई भोजशाला के आसपास के संरक्षित क्षेत्र का स्पष्ट मानचित्र जारी करे और नियमों के अनुसार कार्रवाई करे।

Q3: भोजशाला वर्तमान में किस विभाग के नियंत्रण में है?

Ans: धार की भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण और नियंत्रण में आती है।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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