Breaking
► भोपाल में चोरी की एक्टिवा पर पुलिस वर्दी में घूमती दिखी युवती, ई-चालान ने खोला बड़ा राज ► नागपुर में दही-हांडी विवाद: तेज डीजे और पुलिस से भिड़ंत पर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर FIR ► दिल्ली में आज से चल रहा MCD का बुलडोजर, 27 जर्जर इमारतें होंगी जमींदोज ► Bhaum Pradosh Vrat 2026: भौम प्रदोष पर करें शिव और मंगल की पूजा, तांबे के लोटे से जुड़े ये उपाय बदल देंगे किस्मत ► राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में बड़ा धमाका, एक लाख छात्रों का पंजीयन पूरा ► पीएम मोदी की चर्चित रेलवे यूनिवर्सिटी: वडोदरा के गति शक्ति विश्वविद्यालय में एडमिशन, फीस और कोर्स की पूरी जानकारी ► रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मध्यस्थ बनेगा भारत? मॉस्को और कीव से लगातार संपर्क में नई दिल्ली ► MP Weather Update: मानसून पर फिर लगा ब्रेक, जानिए 12 सितंबर से कैसा रहेगा मौसम का मिजाज ► Rajasthan Nikay Chunav 2026: आज 162 निकायों में मतदान, 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत EVM में होगी कैद ► असम के कोकराझार में गूंजे सुधाकंठ के सुर, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जयंती पर उमड़े लोग ► भोपाल में चोरी की एक्टिवा पर पुलिस वर्दी में घूमती दिखी युवती, ई-चालान ने खोला बड़ा राज ► नागपुर में दही-हांडी विवाद: तेज डीजे और पुलिस से भिड़ंत पर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर FIR ► दिल्ली में आज से चल रहा MCD का बुलडोजर, 27 जर्जर इमारतें होंगी जमींदोज ► Bhaum Pradosh Vrat 2026: भौम प्रदोष पर करें शिव और मंगल की पूजा, तांबे के लोटे से जुड़े ये उपाय बदल देंगे किस्मत ► राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में बड़ा धमाका, एक लाख छात्रों का पंजीयन पूरा ► पीएम मोदी की चर्चित रेलवे यूनिवर्सिटी: वडोदरा के गति शक्ति विश्वविद्यालय में एडमिशन, फीस और कोर्स की पूरी जानकारी ► रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मध्यस्थ बनेगा भारत? मॉस्को और कीव से लगातार संपर्क में नई दिल्ली ► MP Weather Update: मानसून पर फिर लगा ब्रेक, जानिए 12 सितंबर से कैसा रहेगा मौसम का मिजाज ► Rajasthan Nikay Chunav 2026: आज 162 निकायों में मतदान, 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत EVM में होगी कैद ► असम के कोकराझार में गूंजे सुधाकंठ के सुर, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जयंती पर उमड़े लोग

भोपाल में चोरी की एक्टिवा पर पुलिस वर्दी में घूमती दिखी युवती, ई-चालान ने खोला बड़ा राज

भोपाल में चोरी की एक्टिवा पर पुलिस वर्दी में घूमती दिखी युवती, ई-चालान ने खोला बड़ा राज

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद हैरान कर देने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ चोरी हो चुकी एक एक्टिवा गाड़ी शहर की सड़कों पर बेधड़क दौड़ती रही और इसका खुलासा तब हुआ जब वाहन मालिक के पास ट्रैफिक चालान जा पहुँचा। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जब ट्रैफिक कैमरे की तस्वीर सामने आई, तो उसमें गाड़ी चलाती हुई एक युवती नजर आई जिसने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। अब यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर खाकी की आड़ में यह खेल कौन खेल रहा है।

हमीदिया अस्पताल के सामने से हुई थी गाड़ी की चोरी

घटना की शुरुआत 22 अगस्त 2026 की सुबह होती है। एयरपोर्ट रोड स्थित कोहेफिजा इलाके की रहने वाली नीलू साहू, जो कि पेशे से हमीदिया अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं, रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर पहुंची थीं। उनकी नीले रंग की नई 2026 मॉडल एक्टिवा (नंबर MP04-YY-5579), जिसकी कीमत लगभग 95 हजार रुपए है, अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी की गई थी। नीलू साहू (पति सीया राम साहू, उम्र 32 वर्ष) अपनी गाड़ी खड़ी करने के बाद उपस्थिति दर्ज कराने अंदर चली गईं।

महज पंद्रह से बीस मिनट बाद यानी करीब 8:30 बजे जब वह वापस लौटीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी एक्टिवा अपनी जगह पर मौजूद नहीं थी। उन्होंने आसपास के पूरे इलाके में अपनी गाड़ी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए नजदीकी थाने में वाहन चोरी की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक्टिवा के चेसिस नंबर और इंजन नंबर को रिकॉर्ड में लेते हुए तलाश शुरू कर दी थी।

एक्टिवा के साथ गायब हुआ था कीमती सामान

फरियादी नीलू साहू ने पुलिस को दी गई शिकायत में केवल गाड़ी चोरी होने की बात नहीं बताई थी, बल्कि यह भी खुलासा किया था कि चोरी के वक्त उनकी स्कूटी पर एक काले रंग का बैग भी रखा हुआ था। इस बैग में आधुनिक तकनीक और पर्सनल यूज़ से जुड़े कई बेहद कीमती सामान मौजूद थे।

  • एक महंगा आईफोन (iPhone)
  • जरूरी सिम कार्ड्स
  • डेटा स्टोरेज के लिए पेन ड्राइव
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का एटीएम कार्ड
  • एक अन्य कार की डिजिटल चाबी

गाड़ी के साथ-साथ इन बहुमूल्य सामानों के चोरी होने से मामला और भी गंभीर हो गया था। पुलिस इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर ही रही थी कि सितंबर महीने के शुरुआती दिनों में एक ऐसी घटना घटी जिसने इस पूरी जांच की दिशा ही बदलकर रख दी।

ई-चालान बना मामले का बड़ा टर्निंग पॉइंट

तारीख 2 सितंबर 2026, नर्सिंग ऑफिसर नीलू साहू के घर पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से एक ई-चालान पहुंचता है। चालान को देखकर पहले तो उन्हें हैरानी हुई, लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ प्रिंट होकर आई डिजिटल तस्वीर को गौर से देखा, तो उनकी आँखें खुली की खुली रह गईं। तस्वीर में नजर आ रही स्कूटी कोई और नहीं, बल्कि वही नीले रंग की एक्टिवा थी जो कुछ दिन पहले हमीदिया अस्पताल के बाहर से चोरी हुई थी।

यह चालान शहर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार रोशनपुरा स्क्वायर का था, जहां ट्रैफिक सिग्नल तोड़े जाने पर यह डिजिटल स्लिप जनरेट हुई थी। इस खुलासे से यह साफ हो गया कि पुलिस भले ही हाथ पर हाथ धरे बैठी हो या चोरों की तलाश में जुटी हो, लेकिन चोर इस चोरी की गई गाड़ी का खुलेआम शहर की सड़कों पर इस्तेमाल कर रहे थे।

तस्वीर में पुलिस की वर्दी पहने दिखी युवती

मामले में ट्विस्ट तब और ज्यादा बढ़ गया जब ई-चालान के साथ आई तस्वीर को बारीकी से परखा गया। उस फोटो में चोरी की गई एक्टिवा को एक युवती चलाती हुई साफ दिखाई दे रही है। सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि उस युवती ने शरीर पर पुलिस की आधिकारिक वर्दी पहन रखी है।

अब इस तस्वीर के सामने आने के बाद आम जनता से लेकर पुलिस विभाग तक में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह युवती सचमुच में पुलिस विभाग का हिस्सा है या फिर किसी शातिर अपराधी ने कानून की आँखों में धूल झोंकने और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए वर्दी का फर्जी इस्तेमाल किया है? यदि वह पुलिसकर्मी है, तो क्या कोई वर्दी वाला शख्स इस तरह चोरी के वाहन का इस्तेमाल कर सकता है? और अगर वह फर्जी है, तो उसे यह वर्दी और चोरी की गाड़ी आखिर किसने मुहैया कराई?

पुलिस के सामने खड़े हुए कई कठिन सवाल

रोशनपुरा स्क्वायर पर ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हुए कैमरे में कैद हुई इस घटना के बाद भोपाल पुलिस की साख दांव पर लग गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सहायक उप निरीक्षक (ASI) शोभाराम (क्रमांक 111) को सौंपी गई है। पुलिस अब उन तमाम कड़ियों को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रही है जो इस मिस्ट्री को सुलझा सकें।

जांच अधिकारियों के सामने मुख्य चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं:

  • चोरी की यह एक्टिवा हमीदिया अस्पताल परिसर से निकलकर सीधे उस युवती तक कैसे पहुँची?
  • क्या वाहन चोरों और इस युवती के बीच कोई सीधा संपर्क या पुराना संबंध है?
  • रोशनपुरा स्क्वायर पर नजर आई युवती की वास्तविक पहचान क्या है?
  • क्या उसने वाकई पुलिस विभाग की वर्दी पहनी थी या वह कोई कॉस्ट्यूम या नकली पोशाक थी?

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस

मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अब हमीदिया अस्पताल से लेकर रोशनपुरा स्क्वायर और उसके आसपास के रूट पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह ट्रैक करने की कोशिश कर रही है कि 22 अगस्त से लेकर 2 सितंबर के बीच इस एक्टिवा को शहर में कहां-कहां और किस-किस के द्वारा चलाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युवती पुलिस विभाग से ताल्लुक रखती है, तो यह विभाग के लिए एक गंभीर आंतरिक अनुशासनहीनता और अपराध का मामला है। वहीं, अगर यह मामला किसी बाहरी गिरोह का निकला जो वर्दी पहनकर वारदातों को अंजाम दे रहा है, तो यह शहर की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कोई बड़ा खुलासा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →