मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए बहुचर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी और फरार चल रहा केयरटेकर वरुण कुमार अब कानून की गिरफ्त से ज्यादा दूर नहीं बचा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में ट्रेस की गई है। इसके बाद से मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी हैं और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
आगरा तक लगातार वाहन बदलकर चकमा दे रहा था आरोपी
जांच में जुटी पुलिस टीमों को तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से पता चला है कि शातिर आरोपी वरुण अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को लगातार भटकाने के लिए बेहद शातिर तरीके अपना रहा था। भोपाल से फरार होने के बाद उसने कई बार अपने वाहन बदले। भोपाल से निकलने के बाद उसने उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों का रुख किया और आगरा तक का सफर अलग-अलग साधनों से तय किया। आगरा पहुंचने के बाद उसकी गतिविधियां कुछ समय के लिए संदिग्ध रूप से शांत हुईं, जिसके बाद वह वृंदावन की तरफ निकल गया। पुलिस के साइबर सेल लगातार उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आरोपी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ था कि कानून उसका पीछा कर रहा है। यही वजह है कि उसने किसी भी जगह लंबे समय तक रुकने के बजाय लगातार अपने रूट और परिवहन के साधन बदले। हालांकि, पुलिस का खुफिया तंत्र और मुखबिर नेटवर्क इस बार उस पर काफी भारी पड़ता नजर आ रहा है।
पटियाला में बहन से लंबी पूछताछ, कई राज आने की उम्मीद
इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने पंजाब का भी रुख किया है। हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे वरुण की बहन से पटियाला में पुलिस टीम ने लंबी पूछताछ की है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि आरोपी ने अपनी इस भागदौड़ और छिपने के दौरान अपनी बहन या परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क किया होगा। पटियाला में हुई इस पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां हाथ लगने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस खौफनाक वारदात के पीछे असल मकसद क्या था और क्या इसमें कोई और भी शामिल है।
क्या था पूरा मामला और कैसे खुला राज?
गौरतलब है कि भोपाल के पॉश इलाके में रहने वाले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में जब मामला सामान्य नहीं लगा और मेडिकल रिपोर्ट्स तथा घर के अंदर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो हत्या का यह खौफनाक सच सामने आया। इस हत्याकांड की सुई सीधे तौर पर उनके घर पर काम करने वाले केयरटेकर वरुण कुमार पर जाकर टिकी। घटना के सामने आते ही वरुण मौके से फरार हो गया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में चप्पे-चप्पे की खाक छान रही है।
पुलिस के कई दल उत्तर प्रदेश और पंजाब में सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत इस हाई-प्रोफाइल केस की मॉनिटरिंग सीधे वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन और आगरा के स्थानीय पुलिस प्रशासन से भी पूरा सहयोग लिया जा रहा है ताकि आरोपी किसी भी सूरत में नेपाल या किसी अन्य सुरक्षित ठिकाने की तरफ न भाग सके।
- वृंदावन में लोकेशन: तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी का नया ठिकाना ट्रेस हुआ।
- वाहन बदलना: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ट्रांसपोर्ट बदल रहा था।
- पंजाब कनेक्शन: पटियाला में आरोपी की बहन से लगातार पूछताछ जारी है।
- विशेष टीमें तैनात: एमपी पुलिस की कई यूनिट्स यूपी में डेरा डाले हुए हैं।
आम जनता से अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को वरुण कुमार से मिलता-जुलता कोई संदिग्ध शख्स दिखाई देता है, तो वह तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने को दे। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अब ज्यादा दिनों तक कानून की पकड़ से बच नहीं पाएगा और बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पेश किया जाएगा। इस हत्याकांड से जुड़े तमाम पहलुओं पर से पर्दा उठाने के लिए आरोपी से कस्टडी में गहन पूछताछ की जाएगी।