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Bihar SI PET Date: गांधी मैदान में उमड़ी भीड़, दरोगा अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, बोले- जल्द हो तारीख का ऐलान

Bihar SI PET Date: गांधी मैदान में उमड़ी भीड़, दरोगा अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, बोले- जल्द हो तारीख का ऐलान

बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान इन दिनों एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के हुंकार से गूंज उठा है। बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) यानी दरोगा भर्ती परीक्षा के फिजिकल एन्डुरेंस टेस्ट (PET) की तारीखों का ऐलान न होने से नाराज सैकड़ों अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। पिछले तीन महीनों से लगातार पसीना बहा रहे इन युवाओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। उनका साफ कहना है कि प्रशासन जांच की प्रक्रिया को जरूर आगे बढ़ाए, लेकिन इसके साथ ही फिजिकल परीक्षा की तारीख भी तुरंत तय की जाए ताकि उनके भविष्य पर मंडरा रहा अनिश्चितता का बादल छट सके।

तीन महीने की कड़ी ट्रेनिंग, पर तारीख का अता-पता नहीं

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की तरफ से आयोजित इस परीक्षा के अगले चरण यानी PET के लिए चयनित छात्र दिन-रात एक कर रहे हैं। सुबह के सूरज की पहली किरण के साथ ही ये युवा पटना के गर्दनीबाग और गांधी मैदान जैसे परिसरों में कड़ाके की ठंड या चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना पसीना बहा रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले लंबे समय से वे लगातार शारीरिक अभ्यास कर रहे हैं, जिससे उनके शरीर और मानसिक स्थिति पर भी दबाव बढ़ने लगा है। एक अभ्यर्थी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'हम पिछले तीन महीनों से लगातार ग्राउंड परसीना बहा रहे हैं। हर दिन सुबह 4 बजे उठकर तैयारी करते हैं। लेकिन आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है कि आखिर परीक्षा कब होगी। इस अनिश्चितता के कारण हमारा मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।'

गांधी मैदान से उठी हुंकार: क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?

गांधी मैदान में इकट्ठा हुए अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और प्रशासन के सामने कुछ स्पष्ट मांगें रखीं। इन मांगों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • तत्काल PET डेट की घोषणा: अभ्यर्थियों की सबसे पहली और प्रमुख मांग है कि आयोग बिना किसी और देरी के फिजिकल टेस्ट की निश्चित तारीख घोषित करे।
  • पारदर्शी जांच प्रक्रिया: छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की निष्पक्ष जांच के खिलाफ नहीं हैं। यदि परीक्षा में किसी गड़बड़ी की आशंका है, तो उसकी गहराई से जांच की जाए, लेकिन इसमें पूरी चयन प्रक्रिया को महीनों तक रोक देना न्यायसंगत नहीं है।
  • OMR शीट और दस्तावेजों की समय पर जांच: ओएमआर शीट और एडमिट कार्ड की रैंडम या विस्तृत जांच की प्रक्रिया को एक तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों का हक न मारा जाए।
  • भर्ती प्रक्रिया में तेजी: पिछले कुछ समय से जिस तरह से प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसे खत्म करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को तय समय पर पूरा किया जाए।

प्रशासन और आयोग पर बढ़ रहा दबाव

इस विरोध प्रदर्शन के बाद से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से सोशल मीडिया से लेकर मैदान तक युवा एकजुट हो रहे हैं, उससे आयोग पर दबाव काफी बढ़ गया है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि परीक्षा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुछ आंतरिक प्रक्रियाएं चल रही हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है।

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासनिक औपचारिकताओं के चक्कर में उन हजारों ईमानदार छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाया जा सकता है जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम को हासिल किया है? यही वह मुख्य सवाल है जो आज हर उस युवा की जुबान पर है जो इस भर्ती से जुड़ा हुआ है।

छात्रों का दोटूक संदेश: 'भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

प्रदर्शन के दौरान कई महिला अभ्यर्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बात मजबूती से रखी। उनका कहना था कि बिहार में सरकारी नौकरी का सपना देखना और उसे पूरा करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद अब फिजिकल के लिए इस तरह का लंबा इंतजार करना मानसिक प्रताड़ना जैसा है।"हम सरकार और आयोग से कोई भी मुफ्त या गलत चीज नहीं मांग रहे हैं। हमने अपनी मेहनत के बल पर लिखित परीक्षा पास की है। अब हम केवल यह चाहते हैं कि हमारा फिजिकल टेस्ट समय पर हो और हमें नियुक्ति का अवसर मिले। अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।" - एक प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी

आगे क्या हो सकता है?

मौजूदा हालात को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि BPSSC जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा बयान या आधिकारिक नोटिस जारी कर सकता है। छात्रों का यह प्रतिनिधिमंडल जल्द ही आयोग के अधिकारियों से मिलकर एक ज्ञापन भी सौंपने की तैयारी में है।

यदि आप भी इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं, तो किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और अपनी फिजिकल तैयारी को कमजोर न पड़ने दें। जैसे ही आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक अपडेट या नई तारीख सामने आएगी, हम सबसे पहले आप तक सटीक जानकारी पहुंचाएंगे। तब तक मैदान पर डटे रहें और अपनी फिटनेस को बनाए रखें।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer (स्थानीय खबरें)

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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