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काला सागर में खौफनाक ड्रोन हमला, तुर्किए का कार्गो जहाज डूबा, दो की मौत और भारतीय घायल

काला सागर में खौफनाक ड्रोन हमला, तुर्किए का कार्गो जहाज डूबा, दो की मौत और भारतीय घायल

काला सागर (Black Sea) के अशांत पानी में एक बार फिर से युद्ध की विभीषिका ने मासूम जिंदगियों को अपने आगोश में ले लिया है। रोमानिया के तट के पास अनाज लेकर जा रहे तुर्किए के एक कमर्शियल कार्गो जहाज पर अचानक हुए भीषण ड्रोन हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस भयानक हादसे में जहाज पर सवार दो विदेशी क्रू मेंबर्स की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि गनीमत यह रही कि इस पर सवार तीन भारतीय नागरिकों में से दो पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका रोमानिया के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का सीधा आरोप

इस खौफनाक घटना के तुरंत बाद भू-राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस वीभत्स ड्रोन हमले के लिए सीधे तौर पर रूस को जिम्मेदार ठहराया है। उनका दावा है कि इस कमर्शियल जहाज को जानबूझकर दो रूसी ड्रोनों से निशाना बनाया गया था। जेलेंस्की के मुताबिक, जिस वक्त यह हमला हुआ, उस वक्त जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक सवार थे, जो अपनी आजीविका के लिए समंदर की लहरों के बीच मेहनत कर रहे थे। इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युद्ध के मैदान से दूर चल रहे समुद्री मार्ग भी अब सुरक्षित नहीं बचे हैं।

अनाज से लदा था जहाज, मची अफरा-तफरी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिस जहाज को निशाना बनाया गया उसका नाम 'एमवी रोयाद मम्मादोव' (MV Royad Mammadov) था। यह एक कमर्शियल कार्गो शिप था जिस पर भारी मात्रा में मक्का लदा हुआ था। इस शिप को यूक्रेन के रणनीतिक रूप से अहम इजमेल बंदरगाह से चलकर इटली के रावेना पोर्ट की ओर जाना था। इजमेल बंदरगाह यूक्रेन के डेन्यूब नदी क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। इस जहाज पर सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा लगा हुआ था और यह मुख्य रूप से तुर्किए का था। ड्रोन की टक्कर के बाद जहाज में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और अंततः यह समंदर की गहराइयों में समा गया।

भारतीय दूतावास की त्वरित कार्रवाई और घायलों की स्थिति

समुद्र के बीचों-बीच घटी इस घटना की खबर मिलते ही रोमानिया में स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह हरकत में आ गया। दूतावास के अधिकारियों ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए जहाज पर सवार तीनों भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित किया। आधिकारिक बयानों के अनुसार, तीन में से दो भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक इस हादसे में घायल हो गया है। घायल भारतीय को तुरंत रोमानिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

"भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय रोमानियाई अधिकारियों और अस्पताल के प्रशासन के संपर्क में है। घायल भारतीय क्रू मेंबर को हर संभव चिकित्सा सहायता और कूटनीतिक मदद मुहैया कराई जा रही है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।" - आधिकारिक सूत्र

रोमानियाई तट रक्षकों का रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए रोमानिया के आपातकालीन और आंतरिक मंत्रालय ने तुरंत एक बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया। रोमानियाई अधिकारियों की मुस्तैदी के चलते जहाज पर फंसे कुल 11 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद दो विदेशी नागरिकों की जान नहीं बचाई जा सकेगी और उनकी मौत की दुखद पुष्टि कर दी गई है।

यह पूरी घटना रोमानिया के तट से लगभग 30 समुद्री मील दक्षिण की दूरी पर घटित हुई। भौगोलिक दृष्टि से यह इलाका रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) के अंतर्गत आता है, हालांकि यह इसके क्षेत्रीय समुद्री जल की सीमा से थोड़ा बाहर स्थित है। घटना के तुरंत बाद आसपास के समुद्री जहाजों और राहत दलों ने मोर्चा संभाल लिया था।

ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों के सिर पर मंडराता खतरा

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले लंबे समय से जारी भीषण युद्ध के कारण ब्लैक सी यानी काला सागर का पूरा क्षेत्र कमर्शियल नौवहन के लिए बेहद खतरनाक बन चुका है। आसमान से बरसते ड्रोन, हवा को चीरती मिसाइलें और पानी के भीतर छिपी समुद्री बारूदी सुरंगे (Naval Mines) नाविकों की जान के लिए हमेशा खतरा बनी रहती हैं। इसके बावजूद, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए इस रास्ते से अनाज और अन्य जरूरी सामान ढोने वाले कमर्शियल जहाज लगातार गुजरने को मजबूर हैं।

समुद्री सुरक्षा पर गहराते काले बादल

इस ताजा घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता नहीं होता, तब तक इस क्षेत्र से गुजरने वाले निर्दोष नाविकों और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी। फिलहाल, भारतीय समुदाय और पीड़ित परिवारों की निगाहें रोमानिया में इलाजरत घायल भारतीय नागरिक के स्वास्थ्य और अन्य सुरक्षित दो भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी पर टिकी हुई हैं।

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ममता पाठक

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Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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